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Sirmour News: वन विभाग की टीम ने पकड़ी दुर्लभ फर्न से लदी दो पिकअप
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संगड़ाह वन परिक्षेत्र में वन विभाग की टीम द्वारा पकड़ी फर्न से लदी पिकअप। स्रोत: विभाग
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संवाद न्यूज एजेंसी
ददाहू/संगड़ाह (सिरमौर)। सिरमौर जिले में वन विभाग ने फर्न की अवैध तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। वन विभाग ने संगड़ाह क्षेत्र में दो अलग-अलग मामलों में दुर्लभ फर्न से लदी दो पिकअप पकड़ी है। विभाग की टीम ने अवैध तस्करी पर कार्रवाई करते हुए दोनों मामलों में करीब 60 हजार रुपये का जुर्माना वसूला है।
जानकारी अनुसार पहली कार्रवाई संगड़ाह परिक्षेत्र के आरक्षित वन क्षेत्र घाटों के जंगल में हुई। यहां वन विभाग की टीम ने फर्न से भरी पिकअप को अपने कब्जे में लिया और तस्कर के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 30 हजार रुपये का जुर्माना वसूला। बताया जा रहा है कि फर्न तस्कर ने इसे अलग-अलग स्थानों पर एकत्रित करके रखा हुआ था और अब इसे उठाकर जंगल के रास्ते कहीं ले जा रहा था।
डीएफओ (रेणुका जी) बलदेव राज कंडेटा ने बताया कि वाहन चालक की पहचान यशपाल के रूप में हुई है। पकड़ी गई एक क्विंटल फर्न को कब्जे में लेने के बाद आरोपी से 30,000 रुपये का जुर्माना वसूला गया। इस कार्रवाई में वनकर्मी सत्यपाल, मुकेश, रवि और विक्रांत की टीम शामिल रही। नाका संगड़ाह-गत्ताधार मार्ग पर पिऊलाणी में लगाया गया था।
दूसरी कार्रवाई विभाग ने वन परिक्षेत्र संगड़ाह के अंतर्गत आने वाले आरक्षित वन क्षेत्र ऊंचा टिक्कर में अमल में लाई। यहां भी टीम ने एक क्विंटल फर्न पिकअप से बरामद की। चालक की पहचान मनोज कुमार के रूप में हुई है। विभागीय टीम ने यहां भी आरोपी से 29,030 रुपये का जुर्माना वसूला है। डीएफओ ने कहा कि आरक्षित वन क्षेत्रों से अवैध रूप से वन संपदा ले जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है।
-- -बाक्स
दुर्लभ फर्न को सजावटी पत्ती के रूप में किया जाता है इस्तेमाल
हिमालयी क्षेत्रों में उगने वाली फर्न एक दुर्लभ वनस्पति है। अपनी खूबसूरती के कारण दिल्ली और चंडीगढ़ जैसे बड़े शहरों में फूलों के गुलदस्तों को सजाने के लिए इसकी भारी मांग रहती है। इसके अलावा शादियों के सीजन के दौरान भी इसकी बड़े शहरों में काफी मांग रहती है। इसके चलते फर्न माफिया इसे चोरी छिपे जंगल से काटकर मुंह मांगे दामों पर बड़े शहरों की मंडियों में बेच रहा है। अति दुर्लभ होने के कारण इसकी तस्करी को बेचना गैर कानूनी है।
-- -- संवाद
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ददाहू/संगड़ाह (सिरमौर)। सिरमौर जिले में वन विभाग ने फर्न की अवैध तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। वन विभाग ने संगड़ाह क्षेत्र में दो अलग-अलग मामलों में दुर्लभ फर्न से लदी दो पिकअप पकड़ी है। विभाग की टीम ने अवैध तस्करी पर कार्रवाई करते हुए दोनों मामलों में करीब 60 हजार रुपये का जुर्माना वसूला है।
जानकारी अनुसार पहली कार्रवाई संगड़ाह परिक्षेत्र के आरक्षित वन क्षेत्र घाटों के जंगल में हुई। यहां वन विभाग की टीम ने फर्न से भरी पिकअप को अपने कब्जे में लिया और तस्कर के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 30 हजार रुपये का जुर्माना वसूला। बताया जा रहा है कि फर्न तस्कर ने इसे अलग-अलग स्थानों पर एकत्रित करके रखा हुआ था और अब इसे उठाकर जंगल के रास्ते कहीं ले जा रहा था।
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डीएफओ (रेणुका जी) बलदेव राज कंडेटा ने बताया कि वाहन चालक की पहचान यशपाल के रूप में हुई है। पकड़ी गई एक क्विंटल फर्न को कब्जे में लेने के बाद आरोपी से 30,000 रुपये का जुर्माना वसूला गया। इस कार्रवाई में वनकर्मी सत्यपाल, मुकेश, रवि और विक्रांत की टीम शामिल रही। नाका संगड़ाह-गत्ताधार मार्ग पर पिऊलाणी में लगाया गया था।
दूसरी कार्रवाई विभाग ने वन परिक्षेत्र संगड़ाह के अंतर्गत आने वाले आरक्षित वन क्षेत्र ऊंचा टिक्कर में अमल में लाई। यहां भी टीम ने एक क्विंटल फर्न पिकअप से बरामद की। चालक की पहचान मनोज कुमार के रूप में हुई है। विभागीय टीम ने यहां भी आरोपी से 29,030 रुपये का जुर्माना वसूला है। डीएफओ ने कहा कि आरक्षित वन क्षेत्रों से अवैध रूप से वन संपदा ले जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है।
दुर्लभ फर्न को सजावटी पत्ती के रूप में किया जाता है इस्तेमाल
हिमालयी क्षेत्रों में उगने वाली फर्न एक दुर्लभ वनस्पति है। अपनी खूबसूरती के कारण दिल्ली और चंडीगढ़ जैसे बड़े शहरों में फूलों के गुलदस्तों को सजाने के लिए इसकी भारी मांग रहती है। इसके अलावा शादियों के सीजन के दौरान भी इसकी बड़े शहरों में काफी मांग रहती है। इसके चलते फर्न माफिया इसे चोरी छिपे जंगल से काटकर मुंह मांगे दामों पर बड़े शहरों की मंडियों में बेच रहा है। अति दुर्लभ होने के कारण इसकी तस्करी को बेचना गैर कानूनी है।
