{"_id":"69f4a8677a975272c10d6eb1","slug":"majdoor-divas-in-dhaulakunwa-nahan-news-c-177-1-ssml1028-177681-2026-05-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirmour News: शिकागो के शहीद मजदूरों को श्रद्धांजलि अर्पित की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirmour News: शिकागो के शहीद मजदूरों को श्रद्धांजलि अर्पित की
विज्ञापन
विज्ञापन
मजदूर दिवस पर धौलाकुआं फैक्ट्रियों के गेट पर मीटिंग का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन/धौलाकुआं (सिरमौर)। अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस पर धौलाकुआं स्थित फैक्ट्रियों के गेट पर मजदूरों ने गेट मीटिंग का आयोजन किया। इसमें बड़ी संख्या में मजदूरों ने भाग लिया और अपने अधिकारों एवं संघर्षों को याद किया।
यूनियन के अध्यक्ष लेखराज ने ध्वजारोहण किया। इस मौके पर उन्होंने शिकागो के शहीद मजदूरों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके ऐतिहासिक संघर्ष को याद किया, जिन्होंने 8 घंटे के कार्य दिवस की मांग के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी।
सीटू जिला महासचिव आशीष कुमार ने कहा कि मजदूरों के काम के घंटों को लेकर ऐतिहासिक संघर्ष रहा है और आज भी श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए सतत् संघर्ष की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में भारत एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है, जहां चार श्रम संहिताओं (लेबर कोड) के माध्यम से मजदूरों के अधिकारों को कमजोर करने और उन्हें असुरक्षित स्थिति में धकेलने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने मजदूर वर्ग को एकजुट होकर अपने हकों की रक्षा के लिए आगे आने को कहा।
-- -संवाद
Trending Videos
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन/धौलाकुआं (सिरमौर)। अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस पर धौलाकुआं स्थित फैक्ट्रियों के गेट पर मजदूरों ने गेट मीटिंग का आयोजन किया। इसमें बड़ी संख्या में मजदूरों ने भाग लिया और अपने अधिकारों एवं संघर्षों को याद किया।
यूनियन के अध्यक्ष लेखराज ने ध्वजारोहण किया। इस मौके पर उन्होंने शिकागो के शहीद मजदूरों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके ऐतिहासिक संघर्ष को याद किया, जिन्होंने 8 घंटे के कार्य दिवस की मांग के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
सीटू जिला महासचिव आशीष कुमार ने कहा कि मजदूरों के काम के घंटों को लेकर ऐतिहासिक संघर्ष रहा है और आज भी श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए सतत् संघर्ष की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में भारत एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है, जहां चार श्रम संहिताओं (लेबर कोड) के माध्यम से मजदूरों के अधिकारों को कमजोर करने और उन्हें असुरक्षित स्थिति में धकेलने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने मजदूर वर्ग को एकजुट होकर अपने हकों की रक्षा के लिए आगे आने को कहा।
