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Sirmour News: संत बाबा इकबाल सिंह की 100वीं जयंती पर गुरुद्वारा बड़ू साहिब में हुआ गुरमत समागम
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गुरुद्वारा बड़ू साहिब में गुरमत समागम में शब्द कीर्तन करता जत्था। स्रोत अकादमी
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-धार्मिक दीवान में पंथ के मशहूर कथा वाचकों और कीर्तन जत्थों ने संगत को किया निहाल
संवाद न्यूज एजेंसी
राजगढ़ (सिरमौर)। कलगीधर ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष और पद्म श्री, विद्या मार्तंड, शिरोमणि पंथ रतन संत बाबा इकबाल सिंह की 100वीं जयंती पर चार दिन का वार्षिक गुरमत समागम गुरुद्वारा बड़ू साहिब में मनाया गया। यह कार्यक्रम 121 श्री अखंड पाठ साहिब के साथ शुरू हुआ। इसके भोग मुख्य दरबार साहिब में डाले गए और 584 सहज पाठों के भोग भी डाले गए।
इसके बाद धार्मिक दीवान सजाए गए। शुक्रवार को धार्मिक दीवान में पंथ के मशहूर कथा वाचकों और कीर्तन जत्थों में, भाई कंवलदीप सिंह (हजूरी रागी श्री दरबार साहिब), संत बाबा हरनेक सिंह लंगर वालों का जत्था, ज्ञानी गगनदीप सिंह कथा वाचक तख्त श्री हरमिंद्र जी पटना साहिब, संत बाबा जसविंद्र सिंह हरेड़ी वाले, संत बाबा जगतार सिंह काहनगढ़ वाले, अनाहद बानी तंति साज जत्थे और अकाल एकेडमी के विद्यार्थियों ने शब्द-कीर्तन में हिस्सा लिया। पंथ के कई दूसरे अलग-अलग सिख संगठनों के प्रतिनिधि भी इस समागम में शामिल हुए।
समागम के दौरान संत बाबा इकबाल सिंह के वचनों को याद किया गया कि उनका मकसद बच्चों को गुरसिखी से जोड़ना और उन्हें दुनियावी शिक्षा के साथ-साथ गुरमत से परिपूर्ण ज़िंदगी देना था। ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. दविंद्र सिंह और उपाध्यक्ष भाई जगजीत सिंह ने सभी संगत को धन्यवाद दिया और कहा कि ट्रस्ट संत बाबा इकबाल सिंह के मूल्यों और आदर्शों को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह से समर्पित है।
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राजगढ़ (सिरमौर)। कलगीधर ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष और पद्म श्री, विद्या मार्तंड, शिरोमणि पंथ रतन संत बाबा इकबाल सिंह की 100वीं जयंती पर चार दिन का वार्षिक गुरमत समागम गुरुद्वारा बड़ू साहिब में मनाया गया। यह कार्यक्रम 121 श्री अखंड पाठ साहिब के साथ शुरू हुआ। इसके भोग मुख्य दरबार साहिब में डाले गए और 584 सहज पाठों के भोग भी डाले गए।
इसके बाद धार्मिक दीवान सजाए गए। शुक्रवार को धार्मिक दीवान में पंथ के मशहूर कथा वाचकों और कीर्तन जत्थों में, भाई कंवलदीप सिंह (हजूरी रागी श्री दरबार साहिब), संत बाबा हरनेक सिंह लंगर वालों का जत्था, ज्ञानी गगनदीप सिंह कथा वाचक तख्त श्री हरमिंद्र जी पटना साहिब, संत बाबा जसविंद्र सिंह हरेड़ी वाले, संत बाबा जगतार सिंह काहनगढ़ वाले, अनाहद बानी तंति साज जत्थे और अकाल एकेडमी के विद्यार्थियों ने शब्द-कीर्तन में हिस्सा लिया। पंथ के कई दूसरे अलग-अलग सिख संगठनों के प्रतिनिधि भी इस समागम में शामिल हुए।
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समागम के दौरान संत बाबा इकबाल सिंह के वचनों को याद किया गया कि उनका मकसद बच्चों को गुरसिखी से जोड़ना और उन्हें दुनियावी शिक्षा के साथ-साथ गुरमत से परिपूर्ण ज़िंदगी देना था। ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. दविंद्र सिंह और उपाध्यक्ष भाई जगजीत सिंह ने सभी संगत को धन्यवाद दिया और कहा कि ट्रस्ट संत बाबा इकबाल सिंह के मूल्यों और आदर्शों को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह से समर्पित है।
