सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Sirmour News ›   rain destroyed case crops

Sirmour News: सिरमौर में ओलावृष्टि से मचाई तबाही, नकदी फसलों को नुकसान

Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 05 Apr 2026 11:58 PM IST
विज्ञापन
rain destroyed case crops
पच्छाद के वासनी क्षेत्र में हुई ओलावृ​ष्टि। स्रोत: ग्रामीण
विज्ञापन
जिलेभर में टमाटर, और शिमला मिर्च के पौधे तबाह, तैयार मटर भी हुआ दागदार
Trending Videos


-पच्छाद का नारग, टिपरिया, वासनी क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित

-राजगढ़ क्षेत्र में प्लम, आडू़, खुमानी के फ्रूट को भी पहुंचा नुकसान

संवाद न्यूज एजेंसी

नाहन/राजगढ़/सराहां/कफोटा (सिरमौर)। जिला सिरमौर के विभिन्न क्षेत्रों में शनिवार देर शाम और रात को हुई तेज ओलावृष्टि और अंधड़ ने किसानों और बागवानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। पच्छाद, राजगढ़ उपमंडल की कई पंचायतों में सब्जियों, अनाज और फलदार पौधों को भारी नुकसान पहुंचा है। ओलों की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कई जगहों पर फलदार पेड़ों की शाखाएं तक टूट गईं।

पच्छाद उपमंडल की वासनी पंचायत के वासनी, पाब, भलजा, मलोटी, टिपरिया, नारग और छानत सहित आसपास के क्षेत्रों में भारी ओलावृष्टि हुई। किसानों के अनुसार हाल ही में लगाई गई टमाटर और शिमला मिर्च की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई है। इसके अलावा मटर, गेहूं, जौ और तोड़िया जैसी फसलों को भी व्यापक नुकसान हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन


किसान नरेश ठाकुर, देवेश तोमर, रंजना देवी, ओम प्रकाश शर्मा, सोनू कश्यप, जोगिंदर सिंह, देशराज, कुलदीप सिंह, अजय, जितेंद्र और रमेश कुमार ने बताया कि इस ओलावृष्टि ने उन्हें काफी नुकसान पहुंचा है। उन्हें फिर से टमाटर और मिर्च की फसल लगानी पड़ेगी। ओलावृष्टि का असर बागवानी पर भी साफ दिखा है। क्षेत्र में नारग क्षेत्र लगे कीवी, प्लम, खुमानी और आड़ू के पौधों को भारी नुकसान पहुंचा है। ओलों की मार से फूल, पत्तियां और कोमल शाखाएं झड़ गई हैं, जिससे इस सीजन की पैदावार प्रभावित होने की आशंका है।

राजगढ़ विकास खंड की हाब्बन, नेरी कोटली, जदोल टपरोली, शाया सनौरा और रासुमान्दर जैसी ऊंचाई वाली पंचायतों में शनिवार को ओलावृष्टि हुई। जबकि रविवार को ठौड़ निवाड़ और डिंबर जैसे निचले क्षेत्रों में भी ओले गिरे। किसान अरुण ठाकुर, सुनील, सुरेंद्र, रीना ठाकुर और सुंदर सिंह ने बताया कि इस सीजन में दूसरी बार ओलावृष्टि हुई है, जिससे नुकसान और बढ़ गया है। तेज हवाओं के कारण कीवी की कोमल टहनियां टूट गईं, वहीं मटर की फसल पर दाग लगने से बाजार में उचित दाम मिलने की संभावना कम हो गई है।

तेज अंधड़ के कारण आम की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। गेहूं की खड़ी फसल भी प्रभावित हुई है। कई खेतों में फसल झुक गई है, जिससे उत्पादन पर असर पड़ सकता है। लगातार बदलते मौसम और बार-बार हो रही ओलावृष्टि से किसान और बागवान चिंतित हैं। उनका कहना है कि बढ़ती महंगाई के बीच इस तरह के नुकसान से आर्थिक संकट गहराता जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से फसल नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा देने की मांग की है। पच्छाद क्षेत्र के नारग, वासनी, राजगढ़ के कई क्षेत्रों में अंधड़ चलने से विद्युत आपूर्ति भी प्रभावित हुई। इन इलाकों में कई घंटे तक ब्लैक आउट रहा।

उधर, गिरिपार के उपरी क्षेत्र में रविवार दोपहर बाद हुई भारी ओलावृष्टि ओर तूफान से फलदार पौधे खासकर स्टोन फ्रूट को काफी नुकसान पहुंचाया है। कफोटा के आसपास बेनाड, दुगाना, डाबरा, शावगा, शरली, मानपुर, माशू, जामना, खजूरी, कमरऊ, बोहलधार में आडू़, पलम, बादाम, खुमानी, किसान, रतिराम, माया राम, राकेश, सूरत सिंह ने बताया कि ओलावृष्टि से मटर की फलियों को नुकसान पहुंचा है। संवाद

पच्छाद के वासनी क्षेत्र में हुई ओलावृष्टि। स्रोत: ग्रामीण

पच्छाद के वासनी क्षेत्र में हुई ओलावृष्टि। स्रोत: ग्रामीण

पच्छाद के वासनी क्षेत्र में हुई ओलावृष्टि। स्रोत: ग्रामीण

पच्छाद के वासनी क्षेत्र में हुई ओलावृष्टि। स्रोत: ग्रामीण

पच्छाद के वासनी क्षेत्र में हुई ओलावृष्टि। स्रोत: ग्रामीण

पच्छाद के वासनी क्षेत्र में हुई ओलावृष्टि। स्रोत: ग्रामीण

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed