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Sirmour News: कुपवी के बोरा में एक साथ जली पति-पत्नी की चिताएं

Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 10 Jan 2026 11:58 PM IST
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लोगों को कभी न भरने वाले जख्म दे गया हरिपुरधार निजी बस हादसा
दामाद की मौत के बाद बेटी के घर माघी पर्व पर जा रहे थे माता-पिता, हादसे ने पिता को भी छीन लिया
छह महीने की मासूम बच्ची सहित 4 और 9 साल के बच्चों को मां-बाप से हमेशा के लिए छीना
माघी पर्व पर कुपवी, संगड़ाह और नौहराधार क्षेत्र में पसरा मातम
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन/संगड़ाह/नौहराधार (सिरमौर)। शुक्रवार को हरिपुरधार में सामने आया निजी बस हादसा 14 परिवारों को कभी न भरने वाले जख्म दे गया है। हादसे के बाद से ही मृतकों के घरों में मातम पसरा है और इन क्षेत्रों में त्योहार की रौनक गायब हो गई है। हादसे में अपनों को खोने का मलाल इन परिवारों और गांवों को हमेशा रहेगा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार हादसे में कुपवी के बोरा निवासी रमेश और उसकी पत्नी साक्षी की एक साथ मौत हो गई। शनिवार को उनके गांव में दोनों की चिताएं भी एक साथ जलीं। बताया जा रहा है कि दोनों का विवाह कुछ ही साल पहले हुआ था। एक हादसे ने इस हंसते खेलते परिवार की खुशियां हमेशा-हमेशा के लिए छीन ली। मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम पसरा है। बताया जा रहा है कि इनके पास एक बेटा है, जिसके सिर से माता-पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया।
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वहीं, हादसे में दामाद की मौत के बाद बेटी के घर माघी पर्व लेकर जा रहे माता-पिता में से पिता की मौत हो गई है। जानकारी अनुसार चौरास निवासी मोहन सिंह और शांति देवी अपनी बेटी के घर तराहन दामाद की मौत के बाद माघी त्योहार पर जा रहे थे। यहां बेटी के घर माता-पिता त्योहार पर जाते हैं लेकिन बेटी को क्या मालूम था कि वह अपने पिता को भी हमेशा के लिए खो देगी। शांति देवी को घायल अवस्था में मेडिकल काॅलेज एवं अस्पताल नाहन में भर्ती करवाया गया है।
हादसे ने तीन परिवारों के घरों से किलकारियां छीन लीं। कुपवी निवासी 6 महीने की हिमांशी को माता-पिता से हादसे ने छीन लिया। बोरा निवासी 4 साल के कियान और कुलग कुपवी के 9 साल की रियांशी को भी माता-पिता से हमेशा के लिए हादसे ने छीन लिया। परिवारों में मातम पसरा है।
वहीं, कुपवी निवासी नारिया अपनी पत्नी व बेटी के साथ बस में सफर कर रहे थे। तीनों घायल हुए हैं। हादसे का नाम लेते ही बच्चे सहम रहे हैं।
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मां और दोनों बच्चे सुरक्षित
जाको राखे साईयां मार सके न कोई, यह कहावत हरिपुरधार हादसे में एक परिवार पर स्टीक बैठती है। हादसे में मां व दोनों छोटे बच्चे बिल्कुल सुरक्षित हैं। सेलपाब निवासी कुलदीप कुमार ने बताया कि वह शिमला में रहता है। शुक्रवार को माघी पर्व को लेकर उसने अपनी पत्नी कल्पना, 6 वर्षीय बेटी अनाया, 4 वर्षीय बेटे सारांश और 24 वर्षीय भतीजी सरोज को शिमला से गांव के लिए बस में बिठाया। सोलन तक उनसे बात हुई, लेकिन उसके बाद कोई बात नहीं हुई। उन्हें बाद में पता चला कि हरिपुरधार में बस का हादसा हो गया। इसके बाद परिवार की चिंता हुई। उन्हें बाद में पता चला कि पत्नी-बेटा-बेटी व भतीजी सभी सकुशल हैं और उन्हें चोटें आई हैं। सभी का उपचार मेडिकल काॅलेज एवं अस्पताल नाहन में चल रहा है। उन्होंने भगवान का शुक्रिया अदा किया। 6 वर्षीय बेटी अनाया ने बताया कि वह बस की अंतिम सीट पर बैठे थे। अचानक जोर से आवाज हुई और बस सड़क से नीचे गिर गई। बच्ची ने मीडिया को बताया कि बस में काफी भीड़ थी। वहीं, 4 वर्षीय सारांश ने बताया कि उसे चोट आई है लेकिन वह ठीक है।
उधर, हादसे में घायल 9 साल की दिव्यांशी ने बताया कि वह नानी के घर जा रही थी। अचानक से जोरदार आवाज हुई और बस पलट गई।
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हादसे के दौरान बस में सवार थे 13 बच्चे
उधर, प्रशासन से प्राप्त सूची के अनुसार हादसे के वक्त बस में करीब 13 बच्चे सवार थे, जिनकी आयु 14 वर्ष से कम थी। इसमें 3 बच्चों की मौत हो गई है जबकि 10 बच्चे घायल हैं। घायलों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है।

संवाद
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