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Solan News: नालागढ़ नगर परिषद में स्टाफ के 36 में से 17 पद खाली, विकास कार्य प्रभावित
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सफाई और विकास कार्य हो रहे प्रभावित, 16 नियमित और 3 अनुबंध कर्मियों के भरोसे व्यवस्था
30 हजार शहर की आबादी, स्टॉफ किल्लत से नहीं मिल पा रही पूरी सुविधाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़ (सोलन)। शहर के विकास और सफाई का जिम्मा संभाल रही नालागढ़ नगर परिषद गंभीर स्टाफ की कमी से जूझ रही है। परिषद में स्वीकृत 36 पदों में से 17 पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। वर्तमान में केवल 16 नियमित और तीन अनुबंध पर रखे गए कर्मी ही अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इस कमी के कारण शहर के विकास और सफाई व्यवस्था पर असर पड़ रहा है।
वर्ष 1952 में स्थापित यह नगर परिषद क्षेत्र की सबसे पुरानी परिषदों में से एक है। हालांकि, मौजूदा समय में स्वीकृत 36 पदों में से 17 पद रिक्त हैं, जबकि 19 पद ही भरे हुए हैं। खाली पदों में एक सांख्यिकीय सहायक, एक वरिष्ठ सहायक, दो चपरासी, एक सेनेटरी निरीक्षक, पांच सफाई कर्मचारी, एक मेसन, एक कार्य पर्यवेक्षक और दो चालक के पद शामिल हैं। नालागढ़ की आबादी करीब बीस से तीस हजार है। वर्ष 2003 में औद्योगिक पैकेज मिलने के बाद से बीबीएन क्षेत्र में तेजी से औद्योगीकरण हुआ है। नालागढ़ शहर की आबादी में भी लगातार वृद्धि हुई है। बाहर से आए लोगों के बसने से जनसंख्या में इजाफा हुआ है। इसके परिणामस्वरूप नगर परिषद का कार्यक्षेत्र भी काफी बढ़ गया है।
नगर परिषद नालागढ़ में कुल 36 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 17 पद वर्तमान में खाली पड़े हैं। परिषद में केवल 19 कर्मचारी ही कार्यरत हैं। इनमें 16 नियमित और तीन अनुबंध पर रखे गए कर्मी शामिल हैं। खाली पदों में एक सांख्यिकीय सहायक, एक वरिष्ठ सहायक और दो चपरासी के पद हैं। इसके अतिरिक्त, एक सेनेटरी निरीक्षक, पांच सफाई कर्मचारी, एक मेसन, एक कार्य पर्यवेक्षक और दो चालक के पद भी रिक्त हैं। यह स्थिति परिषद के दैनिक कामकाज को प्रभावित कर रही है।
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नालागढ़ शहर की आबादी बीस से तीस हजार के बीच है। वर्ष 2003 में प्रदेश को मिले औद्योगिक पैकेज के बाद बीबीएन क्षेत्र में बड़े पैमाने पर औद्योगीकरण हुआ। नालागढ़ भी इससे अछूता नहीं रहा है। शहर की आबादी में दिनों-दिन वृद्धि हुई है। बाहर से आए लोगों ने भी यहां शरण ली है। इस जनसंख्या वृद्धि के कारण नगर परिषद का कार्यभार भी काफी बढ़ गया है। सफाई और विकास कार्यों सहित परिषद के कार्यक्षेत्र में उल्लेखनीय इजाफा हुआ है।
कोट
नगर परिषद में रिक्त पदों की सूचना समय-समय पर संबंधित विभाग को भेजी जाती है। कई पद रिक्त होने के बावजूद परिषद का कामकाज सुचारू रूप से चल रहा है। शहर के विकास कार्य प्रभावित नहीं होने दिए जा रहे हैं। परिषद ठेकेदार के माध्यम से भी सफाई कार्य करवा रही है।
अजय गर्ग,कार्यकारी अधिकारी,नगर परिषद, नालागढ़
30 हजार शहर की आबादी, स्टॉफ किल्लत से नहीं मिल पा रही पूरी सुविधाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़ (सोलन)। शहर के विकास और सफाई का जिम्मा संभाल रही नालागढ़ नगर परिषद गंभीर स्टाफ की कमी से जूझ रही है। परिषद में स्वीकृत 36 पदों में से 17 पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। वर्तमान में केवल 16 नियमित और तीन अनुबंध पर रखे गए कर्मी ही अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इस कमी के कारण शहर के विकास और सफाई व्यवस्था पर असर पड़ रहा है।
वर्ष 1952 में स्थापित यह नगर परिषद क्षेत्र की सबसे पुरानी परिषदों में से एक है। हालांकि, मौजूदा समय में स्वीकृत 36 पदों में से 17 पद रिक्त हैं, जबकि 19 पद ही भरे हुए हैं। खाली पदों में एक सांख्यिकीय सहायक, एक वरिष्ठ सहायक, दो चपरासी, एक सेनेटरी निरीक्षक, पांच सफाई कर्मचारी, एक मेसन, एक कार्य पर्यवेक्षक और दो चालक के पद शामिल हैं। नालागढ़ की आबादी करीब बीस से तीस हजार है। वर्ष 2003 में औद्योगिक पैकेज मिलने के बाद से बीबीएन क्षेत्र में तेजी से औद्योगीकरण हुआ है। नालागढ़ शहर की आबादी में भी लगातार वृद्धि हुई है। बाहर से आए लोगों के बसने से जनसंख्या में इजाफा हुआ है। इसके परिणामस्वरूप नगर परिषद का कार्यक्षेत्र भी काफी बढ़ गया है।
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नगर परिषद नालागढ़ में कुल 36 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 17 पद वर्तमान में खाली पड़े हैं। परिषद में केवल 19 कर्मचारी ही कार्यरत हैं। इनमें 16 नियमित और तीन अनुबंध पर रखे गए कर्मी शामिल हैं। खाली पदों में एक सांख्यिकीय सहायक, एक वरिष्ठ सहायक और दो चपरासी के पद हैं। इसके अतिरिक्त, एक सेनेटरी निरीक्षक, पांच सफाई कर्मचारी, एक मेसन, एक कार्य पर्यवेक्षक और दो चालक के पद भी रिक्त हैं। यह स्थिति परिषद के दैनिक कामकाज को प्रभावित कर रही है।
नालागढ़ शहर की आबादी बीस से तीस हजार के बीच है। वर्ष 2003 में प्रदेश को मिले औद्योगिक पैकेज के बाद बीबीएन क्षेत्र में बड़े पैमाने पर औद्योगीकरण हुआ। नालागढ़ भी इससे अछूता नहीं रहा है। शहर की आबादी में दिनों-दिन वृद्धि हुई है। बाहर से आए लोगों ने भी यहां शरण ली है। इस जनसंख्या वृद्धि के कारण नगर परिषद का कार्यभार भी काफी बढ़ गया है। सफाई और विकास कार्यों सहित परिषद के कार्यक्षेत्र में उल्लेखनीय इजाफा हुआ है।
कोट
नगर परिषद में रिक्त पदों की सूचना समय-समय पर संबंधित विभाग को भेजी जाती है। कई पद रिक्त होने के बावजूद परिषद का कामकाज सुचारू रूप से चल रहा है। शहर के विकास कार्य प्रभावित नहीं होने दिए जा रहे हैं। परिषद ठेकेदार के माध्यम से भी सफाई कार्य करवा रही है।
अजय गर्ग,कार्यकारी अधिकारी,नगर परिषद, नालागढ़