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Solan News: नाबालिग के अपहरण और यौन उत्पीड़न पर 20 साल कैद
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फास्ट ट्रैक अदालत ने पॉक्सो और अन्य धाराओं में सुनाया फैसला, 20 हजार रुपये जुर्माना
अभियोजन पक्ष ने अदालत में 22 गवाह किए पेश
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कनिका चावला की विशेष अदालत ने नाबालिग लड़की के अपहरण और यौन उत्पीड़न के मामले में कड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने दोषी को पॉक्सो अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत दोषी करार देते हुए 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी पर जुर्माना भी लगाया गया है।
लोक अभियोजक पृथ्वी सिंह नेगी ने बताया कि यह घटना वर्ष 2023 की है। पीड़िता उस समय नाबालिग थी। वह बद्दी तहसील में परिवार के साथ रहती थी। 7 अप्रैल 2023 को आरोपी मोहिंद्र ने नाबालिग बच्ची को अगवा कर लिया। आरोपी नाबालिग को पंजाब के झरियान ले गया। यहां उसने उसे किराए के कमरे में रखा। इस दौरान जब एक अन्य विधि विरुद्ध बालक ने नाबालिग के साथ यौन उत्पीड़न किया, तो आरोपी मोहिंद्र ने भी पीड़िता के साथ क्रूर दुर्व्यवहार और अपमान करना शुरू कर दिया। इससे सार्वजनिक शांति भंग हुई।
इसकी महिला पुलिस थाना बद्दी में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच की। अदालत में मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपी का दोष पूरी तरह साबित करने के लिए 22 गवाहों के बयान दर्ज करवाए। वैज्ञानिक साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी पाया। अदालत ने दोषी को दो अलग-अलग धाराओं के तहत सजाएं सुनाई हैं, जो साथ-साथ चलेंगी। इसमें 20 साल का कठोर कारावास और 20,000 रुपये जुर्माना भी शामिल है।
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अभियोजन पक्ष ने अदालत में 22 गवाह किए पेश
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कनिका चावला की विशेष अदालत ने नाबालिग लड़की के अपहरण और यौन उत्पीड़न के मामले में कड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने दोषी को पॉक्सो अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत दोषी करार देते हुए 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी पर जुर्माना भी लगाया गया है।
लोक अभियोजक पृथ्वी सिंह नेगी ने बताया कि यह घटना वर्ष 2023 की है। पीड़िता उस समय नाबालिग थी। वह बद्दी तहसील में परिवार के साथ रहती थी। 7 अप्रैल 2023 को आरोपी मोहिंद्र ने नाबालिग बच्ची को अगवा कर लिया। आरोपी नाबालिग को पंजाब के झरियान ले गया। यहां उसने उसे किराए के कमरे में रखा। इस दौरान जब एक अन्य विधि विरुद्ध बालक ने नाबालिग के साथ यौन उत्पीड़न किया, तो आरोपी मोहिंद्र ने भी पीड़िता के साथ क्रूर दुर्व्यवहार और अपमान करना शुरू कर दिया। इससे सार्वजनिक शांति भंग हुई।
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इसकी महिला पुलिस थाना बद्दी में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच की। अदालत में मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपी का दोष पूरी तरह साबित करने के लिए 22 गवाहों के बयान दर्ज करवाए। वैज्ञानिक साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी पाया। अदालत ने दोषी को दो अलग-अलग धाराओं के तहत सजाएं सुनाई हैं, जो साथ-साथ चलेंगी। इसमें 20 साल का कठोर कारावास और 20,000 रुपये जुर्माना भी शामिल है।