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Solan News: परवाणू शीतला माता मंदिर में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
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बासड़े पर्व के दूसरे मंगलवार को परवाणू स्थित प्राचीन शीतला माता मंदिर में श्रद्धालुओं का उमड़ा
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बासड़े पर्व पर हजारों श्रद्धालुओं ने टेका मत्था
संवाद न्यूज एजेंसी
परवाणू (सोलन)। कालका-शिमला ओल्ड नेशनल हाईवे पर स्थित प्राचीन शीतला माता मंदिर में बासड़े पर्व के दूसरे मंगलवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सोमवार आधी रात से ही मंदिर परिसर माता के जयकारों से गूंज उठा। परवाणू और आसपास के क्षेत्रों सहित पड़ोसी राज्यों हरियाणा व पंजाब से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने माता के चरणों में शीश नवाकर बच्चों की सुख-समृद्धि और परिवार की आरोग्यता का आशीर्वाद मांगा। शीतलाष्टमी के इस पावन अवसर पर भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था। सोमवार रात 12 बजे से ही श्रद्धालु मंदिर के बाहर जुटना शुरू हो गए थे। मंगलवार सुबह होते-होते कतारें काफी लंबी हो गईं, जो देर शाम तक जारी रहीं। मंदिर कमेटी और स्थानीय पुलिस को भीड़ नियंत्रित करने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी। प्राचीन परंपरा का निर्वहन करते हुए श्रद्धालुओं ने माता को एक दिन पहले तैयार बासी भोजन अर्पित किया। इसमें विशेष रूप से गुलगुले, मीठे चावल, खील-बताशे और पवित्र जल का भोग लगाया गया। मान्यता है कि शीतला माता की पूजा करने से बच्चों को चेचक और चर्म रोगों से मुक्ति मिलती है और घर में सुख-शांति का वास होता है।
तीन मंगलवार तक सजेगा मेला
होली के बाद शुरू होने वाले इस पर्व का परवाणू शहर में विशेष महत्व है। यहां शीतलाष्टमी के लगातार तीन मंगलवार तक विशाल मेले का आयोजन होता है। यह दूसरा मंगलवार था और भक्तों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अगले मंगलवार को और भी बड़े मेले की उम्मीद जताई जा रही है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
परवाणू (सोलन)। कालका-शिमला ओल्ड नेशनल हाईवे पर स्थित प्राचीन शीतला माता मंदिर में बासड़े पर्व के दूसरे मंगलवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सोमवार आधी रात से ही मंदिर परिसर माता के जयकारों से गूंज उठा। परवाणू और आसपास के क्षेत्रों सहित पड़ोसी राज्यों हरियाणा व पंजाब से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने माता के चरणों में शीश नवाकर बच्चों की सुख-समृद्धि और परिवार की आरोग्यता का आशीर्वाद मांगा। शीतलाष्टमी के इस पावन अवसर पर भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था। सोमवार रात 12 बजे से ही श्रद्धालु मंदिर के बाहर जुटना शुरू हो गए थे। मंगलवार सुबह होते-होते कतारें काफी लंबी हो गईं, जो देर शाम तक जारी रहीं। मंदिर कमेटी और स्थानीय पुलिस को भीड़ नियंत्रित करने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी। प्राचीन परंपरा का निर्वहन करते हुए श्रद्धालुओं ने माता को एक दिन पहले तैयार बासी भोजन अर्पित किया। इसमें विशेष रूप से गुलगुले, मीठे चावल, खील-बताशे और पवित्र जल का भोग लगाया गया। मान्यता है कि शीतला माता की पूजा करने से बच्चों को चेचक और चर्म रोगों से मुक्ति मिलती है और घर में सुख-शांति का वास होता है।
तीन मंगलवार तक सजेगा मेला
होली के बाद शुरू होने वाले इस पर्व का परवाणू शहर में विशेष महत्व है। यहां शीतलाष्टमी के लगातार तीन मंगलवार तक विशाल मेले का आयोजन होता है। यह दूसरा मंगलवार था और भक्तों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अगले मंगलवार को और भी बड़े मेले की उम्मीद जताई जा रही है।
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