हिमाचल: गला दबाकर युवती की हत्या करने के बाद खुद पेड़ से लगा लिया फंदा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा
परवाणू पुलिस थाना के तहत भोजनगर गांव समीप करालघाट के घने जंगल में 16 मार्च को संदिग्ध हालात में हुई युवती और युवक की मौत के कारणों की गुत्थी सुलझ गई है।
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हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के परवाणू पुलिस थाना के तहत भोजनगर गांव समीप करालघाट के घने जंगल में 16 मार्च को संदिग्ध हालात में हुई युवती और युवक की मौत के कारणों की गुत्थी सुलझ गई है। इसमें युवक ने ही युवती की गला दबाकर हत्या की थी। जिसके बाद आरोपी युवक ने खुद फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। आईजीएमसी से मिली युवती की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार यह मामला प्रेम प्रसंग का था। इसमें आरोपी युवक शादी के लिए युवती पर दबाव डाल रहा था, लेकिन इसके लिए युवती राजी नहीं थी।
16 मार्च को युवक ने युवती को मिलने के लिए बुलाया
16 मार्च को युवक ने युवती को मिलने के लिए बुलाया था। इस दिन युवती अपने परिजनों के पास सहेली से मिलने का बहाना बनाने युवक से मिलने के लिए गई थी। युवक ने भी यह बात सिर्फ अपने दोस्तों को ही बताई थी। युवक उसे करालघाट के जंगल ले गया। यहां पर युवक ने उस पर शादी का दबाव बनाया लेकिन उसके न मानने पर उसने उसका गला दबाकर हत्या कर दी। जिसके बाद खुद फंदे पर लटक गया। उधर, एसपी सोलन टी एसडी वर्मा ने मामले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि युवक ने हत्या करने के बाद फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। पुलिस आगामी कार्रवाई अमल में ला रही है।
यह था मामला
16 मार्च को एक वाहन चालक करालघाट देवता के पास शाम करीब 5:15 बजे गाड़ी रोककर मंदिर में गया हुआ था इस बीच उसने वहां पर युवक को पेड़ पर लटके हुए देखा। उसने इसकी सूचना भोजनगर पुलिस चौकी को दी थी कि करालघाट के जंगल में एक युवक का शव पेड़ से लटका हुआ है। इस दौरान उसे यहां पर एक युवती साथ में जमीन पर गिरी पड़ी दिखी। जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। यहां पर जांच के दौरान पाया कि युवक का शव पेड़ से लटका हुआ था। जबकि युवती का शव साथ में ही जमीन पर पड़ा हुआ था। पुलिस ने मृतक युवक की पहचान 22 वर्षीय करण पुत्र लायक राम निवासी खील को मोड़ (पडगयानी) के रूप में की है। जबकि अभी युवती की पहचान 20 वर्षीय यशिका लामा पुत्री राजू स्थायी निवासी नेपाल वर्तमान में गौतम बुद्ध विहार देउंघाट के रूप में की गई थी।मौके पर फॉरेंसिक टीम ने भी कई सबूत जुटाए थे। परिजनों के भी बयान दर्ज किए गए थे। मामले की जांच हत्या या फिर आत्महत्या दोनों पहलुओं से की जा रही थी।