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Solan News: पट्टा-महलोग में हल्की सी बारिश व हवा से बत्ती गुल
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घने जंगलों से गुजर रही लाइन में बार-बार आ रहे फाल्ट
ग्रामीणों ने स्थायी समाधान न होने पर आंदोलन की दी चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
कसौली (सोलन)। पट्टा-महलोग क्षेत्र में बिजली व्यवस्था लगातार बदहाल होती जा रही है। स्थिति यह है कि कई स्थानों पर बिजली लाइनें घने जंगलों और चीड़ के पेड़ों के बीच से होकर गुजर रही हैं, जिसके कारण हल्की हवा या बारिश में ही बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है।ग्रामीणों के अनुसार फॉल्ट आने के बाद कई-कई घंटों तक क्षेत्र अंधेरे में डूबा रहता है, जबकि कई बार सुबह ही बिजली गुल होने के बाद पूरे दिन आपूर्ति बहाल नहीं हो पाती, जिससे लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समस्या के समाधान के लिए गोयला में उपमंडल तो स्थापित किया गया है, लेकिन इसका कोई खास लाभ अब तक नहीं मिला है। काठा से गोयला तक बिछाई गई बिजली लाइन घने जंगलों से गुजरती है, जिसके कारण हल्की बारिश या हवा में भी बार-बार फॉल्ट आ जाता है। ग्रामीणों ने कहा कि यदि बिजली लाइन को सड़क मार्ग से कोटला हरिपुर गुरुद्वारा साहिब की ओर से बिछाया जाता, तो यह समस्या उत्पन्न नहीं होती। लोगों का यह भी कहना है कि पहाड़ी क्षेत्र होने के बावजूद विभाग के पास न तो पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध है और न ही समय पर फॉल्ट ठीक करने की व्यवस्था है। ग्रामीणों ने मैदानी क्षेत्रों जैसे बरोटीवाला और झाड़माजरी की तुलना में पहाड़ी क्षेत्रों में संसाधनों की कमी पर भी नाराजगी जताई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि बिजली लाइनों के स्थायी समाधान और सुधार के लिए जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
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ग्रामीणों ने स्थायी समाधान न होने पर आंदोलन की दी चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
कसौली (सोलन)। पट्टा-महलोग क्षेत्र में बिजली व्यवस्था लगातार बदहाल होती जा रही है। स्थिति यह है कि कई स्थानों पर बिजली लाइनें घने जंगलों और चीड़ के पेड़ों के बीच से होकर गुजर रही हैं, जिसके कारण हल्की हवा या बारिश में ही बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है।ग्रामीणों के अनुसार फॉल्ट आने के बाद कई-कई घंटों तक क्षेत्र अंधेरे में डूबा रहता है, जबकि कई बार सुबह ही बिजली गुल होने के बाद पूरे दिन आपूर्ति बहाल नहीं हो पाती, जिससे लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समस्या के समाधान के लिए गोयला में उपमंडल तो स्थापित किया गया है, लेकिन इसका कोई खास लाभ अब तक नहीं मिला है। काठा से गोयला तक बिछाई गई बिजली लाइन घने जंगलों से गुजरती है, जिसके कारण हल्की बारिश या हवा में भी बार-बार फॉल्ट आ जाता है। ग्रामीणों ने कहा कि यदि बिजली लाइन को सड़क मार्ग से कोटला हरिपुर गुरुद्वारा साहिब की ओर से बिछाया जाता, तो यह समस्या उत्पन्न नहीं होती। लोगों का यह भी कहना है कि पहाड़ी क्षेत्र होने के बावजूद विभाग के पास न तो पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध है और न ही समय पर फॉल्ट ठीक करने की व्यवस्था है। ग्रामीणों ने मैदानी क्षेत्रों जैसे बरोटीवाला और झाड़माजरी की तुलना में पहाड़ी क्षेत्रों में संसाधनों की कमी पर भी नाराजगी जताई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि बिजली लाइनों के स्थायी समाधान और सुधार के लिए जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।