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Solan News: लोन डिफाल्टर ने रोकी किस्तें, तीन करोड़ बढ़ा बघाट बैंक का एनपीए
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-एक्सक्लूसिव-
बैंक का 104 से बढ़कर 107 करोड़ हुआ एनपीए
1.48 करोड़ का लिया था लोन, तीन किस्तें रोकने से बढ़ीं मुश्किलें
आरबीआई ने बैंक की पीन महीने बढ़ाई है कैपिंग, ग्राहक हो रहे परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। बघाट बैंक की वित्तीय स्थिति लगातार चिंताजनक बनी हुई है। बैंक का एनपीए एक सप्ताह में ही 3 करोड़ रुपये बढ़ गया है। इससे बैंक प्रबंधन और ग्राहकों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
बैंक के एक डिफाल्टर की ओर से लगातार तीन किश्तें न चुकाने के कारण एनपीए बढ़कर 107 करोड़ रुपये पहुंच गया है, जबकि इससे पहले यह 104 करोड़ रुपये था। डिफाल्टर ने बैंक से करीब 1.48 करोड़ रुपये का लोन लिया था। वह पिछली तीन किश्तें जमा न करने के कारण यह खाता एनपीए की श्रेणी में आ गया। इसका असर बैंक की बैलेंस शीट पर पड़ा है।
बैंक प्रबंधन के अनुसार डिफाल्टर पहले अपनी किश्तें समय पर जमा करवा रहा था। वह करीब 1 करोड़ रुपये का लोन चुका था। अब शेष 48 लाख रुपये के लोन की किश्तें रोक दी गईं। तीन किश्तें रुकने से एनपीए में कमी आने की बजाय बढ़ोतरी हो गई, जिससे बैंक की स्थिति और खराब हुई है।
आरबीआई ने तीन माह के लिए बढ़ाई कैपिंग
बैंक की खस्ताहाल वित्तीय स्थिति को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 6 अप्रैल को बैंक पर लगी निकासी सीमा (कैपिंग) को तीन माह के लिए और बढ़ा दिया है। पहले बैंक प्रबंधन को उम्मीद थी कि इस बार पाबंदियों में ढील मिल सकती है, लेकिन एनपीए में बढ़ोतरी ने इन उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। बैंक ने पहले रिकवरी के माध्यम से एनपीए को 138 करोड़ से घटाकर 104 करोड़ रुपये तक ला दिया था, लेकिन एक ही डिफाल्टर के कारण यह फिर बढ़ गया है।
ग्राहकों को पैसे की निकासी में हो रही परेशानी
बघाट बैंक के करीब 75 हजार ग्राहक हैं। बीते छह माह से ग्राहकों को केवल 10 हजार रुपये तक ही निकासी की अनुमति मिल पाई है। हालांकि बैंक की ओर से अब तक करीब 8 हजार ग्राहकों को बीमा के तहत राशि का भुगतान भी किया गया है। जिन ग्राहकों के खातों में 5 लाख रुपये तक जमा थे, उन्हें इससे कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन अधिकांश ग्राहक अब भी कैपिंग हटने का इंतजार कर रहे हैं। कैपिंग तभी हटेगी, जब बैंक की लोन रिकवरी बेहतर होगी और पर्याप्त राशि जमा होगी।
जल्द हट सकती है कैपिंग
एक बड़े ऋण डिफाल्टर द्वारा तीन किश्तें न चुकाने के कारण एनपीए में बढ़ोतरी हुई है। यह 107 करोड़ रुपये पहुंच गया है। डिफाल्टर पहले नियमित रूप से किश्तें जमा कर रहा था, लेकिन फिलहाल कुछ दिक्कतों के चलते भुगतान रुका है। डिफाल्टर ने जल्द किश्तें जमा करवाने का आश्वासन दिया है। जैसे ही भुगतान होगा, एनपीए में कमी आएगी।
-राज कुमार कश्यप, प्रबंध निदेशक, बघाट बैंक
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1.48 करोड़ का लिया था लोन, तीन किस्तें रोकने से बढ़ीं मुश्किलें
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। बघाट बैंक की वित्तीय स्थिति लगातार चिंताजनक बनी हुई है। बैंक का एनपीए एक सप्ताह में ही 3 करोड़ रुपये बढ़ गया है। इससे बैंक प्रबंधन और ग्राहकों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
बैंक के एक डिफाल्टर की ओर से लगातार तीन किश्तें न चुकाने के कारण एनपीए बढ़कर 107 करोड़ रुपये पहुंच गया है, जबकि इससे पहले यह 104 करोड़ रुपये था। डिफाल्टर ने बैंक से करीब 1.48 करोड़ रुपये का लोन लिया था। वह पिछली तीन किश्तें जमा न करने के कारण यह खाता एनपीए की श्रेणी में आ गया। इसका असर बैंक की बैलेंस शीट पर पड़ा है।
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बैंक प्रबंधन के अनुसार डिफाल्टर पहले अपनी किश्तें समय पर जमा करवा रहा था। वह करीब 1 करोड़ रुपये का लोन चुका था। अब शेष 48 लाख रुपये के लोन की किश्तें रोक दी गईं। तीन किश्तें रुकने से एनपीए में कमी आने की बजाय बढ़ोतरी हो गई, जिससे बैंक की स्थिति और खराब हुई है।
आरबीआई ने तीन माह के लिए बढ़ाई कैपिंग
बैंक की खस्ताहाल वित्तीय स्थिति को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 6 अप्रैल को बैंक पर लगी निकासी सीमा (कैपिंग) को तीन माह के लिए और बढ़ा दिया है। पहले बैंक प्रबंधन को उम्मीद थी कि इस बार पाबंदियों में ढील मिल सकती है, लेकिन एनपीए में बढ़ोतरी ने इन उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। बैंक ने पहले रिकवरी के माध्यम से एनपीए को 138 करोड़ से घटाकर 104 करोड़ रुपये तक ला दिया था, लेकिन एक ही डिफाल्टर के कारण यह फिर बढ़ गया है।
ग्राहकों को पैसे की निकासी में हो रही परेशानी
बघाट बैंक के करीब 75 हजार ग्राहक हैं। बीते छह माह से ग्राहकों को केवल 10 हजार रुपये तक ही निकासी की अनुमति मिल पाई है। हालांकि बैंक की ओर से अब तक करीब 8 हजार ग्राहकों को बीमा के तहत राशि का भुगतान भी किया गया है। जिन ग्राहकों के खातों में 5 लाख रुपये तक जमा थे, उन्हें इससे कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन अधिकांश ग्राहक अब भी कैपिंग हटने का इंतजार कर रहे हैं। कैपिंग तभी हटेगी, जब बैंक की लोन रिकवरी बेहतर होगी और पर्याप्त राशि जमा होगी।
जल्द हट सकती है कैपिंग
एक बड़े ऋण डिफाल्टर द्वारा तीन किश्तें न चुकाने के कारण एनपीए में बढ़ोतरी हुई है। यह 107 करोड़ रुपये पहुंच गया है। डिफाल्टर पहले नियमित रूप से किश्तें जमा कर रहा था, लेकिन फिलहाल कुछ दिक्कतों के चलते भुगतान रुका है। डिफाल्टर ने जल्द किश्तें जमा करवाने का आश्वासन दिया है। जैसे ही भुगतान होगा, एनपीए में कमी आएगी।
-राज कुमार कश्यप, प्रबंध निदेशक, बघाट बैंक