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Solan News: इसां गराई दे लंबडा हो... गीत पर नचाया
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मेला बाबा सिद्ध की अंतिम सांस्कृतिक संध्या में दीपक चौहान ने बांधा समां
चायल में मेले का समापन, अन्य गायक कलाकारों ने भी दी प्रस्तुतियां
संवाद न्यूज एजेंसी
चायल (सोलन)। मेला बाबा सिद्ध की अंतिम सांस्कृतिक संध्या में सिरमौर के लोक गायक दीपक चौहान ने शानदार गायकी से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। जैसे ही उन्होंने मंच संभाला, पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट और सीटियों से गूंज उठा।
उन्होंने मंच से एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां दीं। उन्होंने अपने लोकप्रिय गीत इसां गराई दे लंबडा हो एना छोरुआं जो लिया समझिए के बता जांदे सिटी मारदे और खाणा पीणा नंद लेणी ओ गंभरीए सहित कई प्रसिद्ध सिरमौरी और पहाड़ी गीत पेश किए। इन पारंपरिक और लोक संस्कृति की मिठास से भरे गीतों पर पंडाल में मौजूद युवा, बुजुर्ग और महिलाएं खुद को रोक नहीं पाए और देर रात तक नाटी पर नाचते रहे।
दीपक चौहान की दमदार आवाज और मंचीय प्रस्तुति स्टार नाइट का मुख्य आकर्षण रही। उन्होंने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा। उनके अलावा लोक गायिका सुमन सोनी ने भी सुरीली आवाज में पत्ता-पत्ता बूटा-बूटा हाल हमारा जाने है और इसे जुगा जमना रे जैसे लोकप्रिय गीत गाकर खूब वाहवाही लूटी। स्थानीय कलाकार बबली ने भी अपनी बेहतरीन प्रस्तुतियों से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। लोक संस्कृति के रंगों से सजी यह स्टार नाइट मेले में आए दर्शकों के लिए बेहद यादगार रही, जिसकी चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है।
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चायल में मेले का समापन, अन्य गायक कलाकारों ने भी दी प्रस्तुतियां
संवाद न्यूज एजेंसी
चायल (सोलन)। मेला बाबा सिद्ध की अंतिम सांस्कृतिक संध्या में सिरमौर के लोक गायक दीपक चौहान ने शानदार गायकी से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। जैसे ही उन्होंने मंच संभाला, पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट और सीटियों से गूंज उठा।
उन्होंने मंच से एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां दीं। उन्होंने अपने लोकप्रिय गीत इसां गराई दे लंबडा हो एना छोरुआं जो लिया समझिए के बता जांदे सिटी मारदे और खाणा पीणा नंद लेणी ओ गंभरीए सहित कई प्रसिद्ध सिरमौरी और पहाड़ी गीत पेश किए। इन पारंपरिक और लोक संस्कृति की मिठास से भरे गीतों पर पंडाल में मौजूद युवा, बुजुर्ग और महिलाएं खुद को रोक नहीं पाए और देर रात तक नाटी पर नाचते रहे।
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दीपक चौहान की दमदार आवाज और मंचीय प्रस्तुति स्टार नाइट का मुख्य आकर्षण रही। उन्होंने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा। उनके अलावा लोक गायिका सुमन सोनी ने भी सुरीली आवाज में पत्ता-पत्ता बूटा-बूटा हाल हमारा जाने है और इसे जुगा जमना रे जैसे लोकप्रिय गीत गाकर खूब वाहवाही लूटी। स्थानीय कलाकार बबली ने भी अपनी बेहतरीन प्रस्तुतियों से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। लोक संस्कृति के रंगों से सजी यह स्टार नाइट मेले में आए दर्शकों के लिए बेहद यादगार रही, जिसकी चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है।