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Solan News: शहर में दो घंटे ऑटो सुविधा रही ठप, लोगों को पैदल ही करना पड़ा सफर
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-ग्राउंड रिपोर्ट-
ऑटो यूनियन ने अवैध कमर्शियल एक्टिविटी का किया विरोध
सरकार से बिना नियमों के सवारियां ढोने वाले वाहनों पर कार्रवाई करने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। एटक व सीटू के आह्वान पर ऑटो यूनियन के सदस्यों ने भी हड़ताल का समर्थन किया। दो घंटे तक शहर में ऑटो की सुविधा लोगों को नहीं मिल सकी। कामकाज के लिए विभिन्न जगहों से सोलन पहुंचने वाले लोगों को पैदल ही आवाजाही करनी पड़ी। इस कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, आपातस्थिति में लोगों को अस्पताल जाने के लिए ऑटो की सुविधा दी गई।
सभी ने सपरून बाईपास के समीप ऑटो पार्क किए और रैली में शामिल हुए। ऑटो में स्कूलों तक जाने वाले बच्चे भी पैदल ही गए। इसके अलावा कॉलेज और शामती की ओर आने-जाने वाले लोगों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इन लोगों को बसों का सहारा लेना पड़ा। ऑटो यूनियन के सदस्यों ने कहा कि वे अवैध कमर्शियल गतिविधियों का विरोध काफी समय से जता रहे हैं। प्रशासन के समक्ष अवैध रूप से चल रहे निजी वाहनों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।
यूनियन सदस्यों ने कहा कि वे भारी-भरकम टैक्स, परमिट फीस और ऊंचे इंश्योरेंस का भुगतान कर कानूनी रूप से सेवाएं दे रहे हैं। इसके विपरीत शहर में रैपिडो और अन्य निजी वाहन बिना किसी परमिट के सवारियां ढो रहे हैं, जो सीधे तौर पर ऑटो चालकों के रोजगार पर प्रहार है। कानूनन निजी वाहनों का व्यावसायिक उपयोग पूरी तरह वर्जित है। प्रशासन की ओर से इन पर कार्रवाई न होना, उन लोगों के साथ अन्याय है जो ईमानदारी से सरकारी खजाने में टैक्स जमा करते हैं। भविष्य में किसी भी कार्यक्रम या नीति निर्धारण में यूनियन के प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। आह्वान किया कि प्रशासन तुरंत अवैध रूप से चल रहे निजी कमर्शियल वाहनों और एप आधारित बाइक व टैक्सी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाए। साथ ही प्रशासन सुनिश्चित करे कि नियमों का पालन करने वाले ऑटो चालकों के हितों और उनके मान-सम्मान को ठेस न पहुंचे। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही अवैध संचालन पर लगाम नहीं लगाई और यूनियन के सुझावों को नजरअंदाज किया तो शूलिनी ऑटो रिक्शा ऑपरेटर यूनियन भविष्य में कड़ा कदम उठाने के लिए स्वतंत्र होगी।
इनसेट
स्कूल से छुट्टी के बाद ऑटो लेकर घर की ओर जाना था। पुराने बस स्टैंड जब ऑटो नहीं मिले तो चालक से पूछा तो उन्होंने जाने से मना कर दिया। इससे काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा।
-गरिमा, छात्रा
इनसेट
स्कूल से पेपर देने के बाद घर की ओर जाना था। पुराने बस स्टैंड से रोजाना चंबाघाट घर जाती हूं, लेकिन ऑटो यूनियन की हड़ताल के कारण घर जाने में दिक्कत हुई। पैदल ही घर की ओर जाना पड़ा क्योंकि बसें भी उस समय चंबाघाट की ओर नहीं जा रही थीं।
-वंशिका, छात्रा
इनसेट
कामकाज के कारण शिमला से सोलन बस में आया। यहां से बाईपास की ओर जाना पड़ा। साथ में सामान भी काफी था। बस से शिमला से सोलन पुराने बस स्टैंड पर पहुंचा था। कई ऑटो चालकों को जाने के लिए पूछाा, लेकिन सभी ने मना कर दिया। इस कारण बैग लेकर पैदल ही बाईपास की ओर निकलना पड़ा।
-हिमांशु, निवासी शिमला
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ऑटो यूनियन ने अवैध कमर्शियल एक्टिविटी का किया विरोध
सरकार से बिना नियमों के सवारियां ढोने वाले वाहनों पर कार्रवाई करने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। एटक व सीटू के आह्वान पर ऑटो यूनियन के सदस्यों ने भी हड़ताल का समर्थन किया। दो घंटे तक शहर में ऑटो की सुविधा लोगों को नहीं मिल सकी। कामकाज के लिए विभिन्न जगहों से सोलन पहुंचने वाले लोगों को पैदल ही आवाजाही करनी पड़ी। इस कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, आपातस्थिति में लोगों को अस्पताल जाने के लिए ऑटो की सुविधा दी गई।
सभी ने सपरून बाईपास के समीप ऑटो पार्क किए और रैली में शामिल हुए। ऑटो में स्कूलों तक जाने वाले बच्चे भी पैदल ही गए। इसके अलावा कॉलेज और शामती की ओर आने-जाने वाले लोगों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इन लोगों को बसों का सहारा लेना पड़ा। ऑटो यूनियन के सदस्यों ने कहा कि वे अवैध कमर्शियल गतिविधियों का विरोध काफी समय से जता रहे हैं। प्रशासन के समक्ष अवैध रूप से चल रहे निजी वाहनों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।
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यूनियन सदस्यों ने कहा कि वे भारी-भरकम टैक्स, परमिट फीस और ऊंचे इंश्योरेंस का भुगतान कर कानूनी रूप से सेवाएं दे रहे हैं। इसके विपरीत शहर में रैपिडो और अन्य निजी वाहन बिना किसी परमिट के सवारियां ढो रहे हैं, जो सीधे तौर पर ऑटो चालकों के रोजगार पर प्रहार है। कानूनन निजी वाहनों का व्यावसायिक उपयोग पूरी तरह वर्जित है। प्रशासन की ओर से इन पर कार्रवाई न होना, उन लोगों के साथ अन्याय है जो ईमानदारी से सरकारी खजाने में टैक्स जमा करते हैं। भविष्य में किसी भी कार्यक्रम या नीति निर्धारण में यूनियन के प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। आह्वान किया कि प्रशासन तुरंत अवैध रूप से चल रहे निजी कमर्शियल वाहनों और एप आधारित बाइक व टैक्सी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाए। साथ ही प्रशासन सुनिश्चित करे कि नियमों का पालन करने वाले ऑटो चालकों के हितों और उनके मान-सम्मान को ठेस न पहुंचे। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही अवैध संचालन पर लगाम नहीं लगाई और यूनियन के सुझावों को नजरअंदाज किया तो शूलिनी ऑटो रिक्शा ऑपरेटर यूनियन भविष्य में कड़ा कदम उठाने के लिए स्वतंत्र होगी।
इनसेट
स्कूल से छुट्टी के बाद ऑटो लेकर घर की ओर जाना था। पुराने बस स्टैंड जब ऑटो नहीं मिले तो चालक से पूछा तो उन्होंने जाने से मना कर दिया। इससे काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा।
-गरिमा, छात्रा
इनसेट
स्कूल से पेपर देने के बाद घर की ओर जाना था। पुराने बस स्टैंड से रोजाना चंबाघाट घर जाती हूं, लेकिन ऑटो यूनियन की हड़ताल के कारण घर जाने में दिक्कत हुई। पैदल ही घर की ओर जाना पड़ा क्योंकि बसें भी उस समय चंबाघाट की ओर नहीं जा रही थीं।
-वंशिका, छात्रा
इनसेट
कामकाज के कारण शिमला से सोलन बस में आया। यहां से बाईपास की ओर जाना पड़ा। साथ में सामान भी काफी था। बस से शिमला से सोलन पुराने बस स्टैंड पर पहुंचा था। कई ऑटो चालकों को जाने के लिए पूछाा, लेकिन सभी ने मना कर दिया। इस कारण बैग लेकर पैदल ही बाईपास की ओर निकलना पड़ा।
-हिमांशु, निवासी शिमला