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Solan News: श्रम संहिता पर एटक-सीटू का विरोध प्रदर्शन, केंद्र सरकार के खिलाफ की नारेबाजी

Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 12 Feb 2026 11:55 PM IST
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मालरोड पर निकाली रैली, सपरून चौक जनसभा में सरकार को जमकर कोसा
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बैंक यूनियन, निगम कर्मचारी संघ, ऑटो यूनियन समेत अन्य ट्रेड यूनियनें हड़ताल में हुईं शामिल
कई स्कूलों के मिड-डे-मील वर्कर भी हड़ताल पर रहे, मांगों को पूरा करने के लिए उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी

सोलन। जिलेभर में एटक व सीटू यूनियन के भारत बंद के आह्वान पर यूनियनों ने श्रम संहिताओं और अन्य मांगों को लेकर विरोध-प्रदर्शन किया। जिला मुख्यालय में विभिन्न ट्रेड यूनियनों ने केंद्र सरकार के खिलाफ रैली निकालकर जमकर नारेबाजी की। साथ ही मांगों को पूरा करने के लिए कहा। सपरून चौक पर जनसभा भी की गई। जनसभा में भी ट्रेड यूनियनों के सदस्यों ने सरकार को जमकर कोसा।
सुबह 10:30 बजे विभिन्न ट्रेड यूनियनों समेत कांग्रेस कार्यकर्ता लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह के पास एकत्र होने शुरू हो गए। धीरे-धीरे कर रैली में शामिल होने वालों की संख्या में इजाफा होता गया। करीब 11:00 बजे शहर में आवाजाही करने वाले ऑटो भी बाईपास में पार्क कर रैली में शामिल हुए। लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह से एटक और सीटू के बैनर तले श्रम संहिताओं को लेकर नारेबाजी शुरू की।
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रैली मालरोड, पुराने उपायुक्त कार्यालय के पास से होते हुए सपरून चौक पर पहुंची। यहां पर जनसभा की गई और सरकार को चेतावनी दी गई कि यदि कर्मचारियों का शोषण बंद नहीं हुआ तो वे उग्र प्रदर्शन पर उतर जाएंगे। बैंक कर्मचारी यूनियन, नगर निगम सफाई कर्मचारी यूनियन, मिड-डे-मील वर्कर यूनियन, मां शूलिनी ऑटो यूनियन, टैक्सी यूनियन समेत अन्य ट्रेड यूनियनों ने मिलकर प्रदर्शन किया और कहा कि औद्योगिक ईकाइयों में श्रमिकों के शोषण को बंद किया जाए। साथ ही न्यूनतम वेतन 26000 रुपये करने की मांग की।

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बैंक में लोगों को नहीं मिल सकीं सेवाएं
अखिल भारतीय बैंक यूनियन के आह्वान पर बैंकों में भी वीरवार को कामकाज पूरी तरह से प्रभावित रहा। बैंक कर्मचारियों ने हड़ताल का समर्थन किया। हड़ताल के कारण सभी बैंकों में लेनदेन ठप रहा और आम जनता को बैंकिंग सेवाएं नहीं मिल सकीं। हड़ताल 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त आह्वान पर आयोजित की गई, जिसमें सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। रैली के दौरान यूनियन के सदस्यों ने बैंकों का निजीकरण, आउटसोर्सिंग, कांटेक्ट नौकरियों और नए लेबर कोड का कड़ा विरोध जताया। सदस्यों ने चेतावनी दी कि यदि ये श्रम संहिताएं पूर्ण रूप से लागू की गईं तो देश का मजदूर वर्ग असुरक्षित रोजगार और शोषण की नई व्यवस्था में फंस जाएगा। यूनियन महासचिव बलबीर चौहान ने कहा कि मजदूरों की भागीदारी के बिना बनाई गई कोई भी श्रम नीति स्वीकार्य नहीं होगी। सभा में मजदूर-किसान एकता को और मजबूत करने तथा आने वाले समय में व्यापक आंदोलन तेज करने का संकल्प लिया।

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उपमंडलाधिकारी अर्की के माध्यम से भेजा ज्ञापन
अर्की (सोलन)। सीटू के बैनर तले विभिन्न ट्रेड यूनियनों ने अर्की में प्रदर्शन किया। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद सभी सदस्यों ने मांगों को पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री को उपमंडलाधिकारी अर्की निशांत तोमर के माध्यम से ज्ञापन भेजा। साथ ही केंद्र सरकार से कर्मचारियों के शोषण को रोकने का आह्वान किया। संवाद

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मजदूर-विरोधी नीतियों के खिलाफ जताया रोष
दाड़लाघाट (सोलन)। अल्ट्राटेक सीमेंट वर्कर यूनियन में एटक व सीटू के आह्वान पर चार श्रम संहिताओं के खिलाफ मजदूरों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट के बागा (मांगल) और बघेरी दोनों स्थलों पर आयोजित हुआ, जिसमें लगभग 200 मजदूरों ने भाग लेकर केंद्र सरकार की मजदूर-विरोधी नीतियों के खिलाफ अपना रोष प्रकट किया। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए संजय पंवर ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से लागू की गई चार श्रम संहिताएं मजदूर वर्ग के मौलिक अधिकारों पर सीधा हमला है। इन कानूनों से स्थायी रोजगार को कमजोर कर ठेका प्रथा को बढ़ावा दिया जा रहा है, ट्रेड यूनियनों की शक्ति सीमित की जा रही है और हड़ताल के अधिकार को लगभग निष्प्रभावी बनाया जा रहा है। संवाद
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