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Solan News: स्वच्छता टैक्स के खिलाफ फूटा जनता का गुस्सा, कहा, नहीं भरेंगे भारी भरकम बिल
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डगशाई कैंट वेलफेयर सोसायटी ने बैठक कर आंदोलन की दी चेतावनी
कहा- नई दरों में 200 रुपये प्रति कमरा देना होगा टैक्स
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मपुर(सोलन)। डगशाई कैंट प्रशासन की ओर से स्वच्छता के नाम पर लगाए गए भारी-भरकम टैक्स के खिलाफ स्थानीय निवासियों ने मोर्चा खोल दिया है। रविवार को डगशाई कैंट वेलफेयर सोसायटी की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। इसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जब तक इस टैक्स को वापस नहीं लिया जाता, तब तक कोई भी निवासी इसे जमा नहीं करवाएगा। बैठक में जानकारी दी गई कि केंद्र सरकार के 2023 के स्वच्छता कानून को कैंट बोर्ड ने हाल ही में लागू किया है, लेकिन इसकी दरों ने आम जनता की कमर तोड़ दी है। आवासीय घरों पर पहले प्रति घर 150 रुपये टैक्स लिया जाता था। अब इसे बदलकर 200 रुपये प्रति कमरा कर दिया गया है। यानी जितने कमरे, उतना अधिक बोझ। दुकानदारों पर व्यापारियों को पहले मात्र 150 रुपये प्रति वर्ष देने होते थे, जिसे अब सीधे बढ़ाकर 5000 रुपये प्रति वर्ष कर दिया गया है। सोसायटी के पदाधिकारियों ने बताया कि इस समस्या को लेकर 23 मार्च को कैंट बोर्ड को लिखित पत्र दिया गया था, लेकिन अभी तक प्रशासन की ओर से कोई जवाब नहीं आया है। जल्द ही सोसायटी का एक प्रतिनिधिमंडल डगशाई के सीईओ से मिलकर इस समस्या के निदान की मांग करेगा। यदि 5 अप्रैल तक प्रशासन का रुख नहीं बदलता, तो आगामी बैठक में पुरानी मांग को दोहराते हुए आंदोलन की अगली रणनीति तय की जाएगी। इस विरोध बैठक में डगशाई कैंट वेलफेयर सोसायटी की अध्यक्ष त्रिपता डोगरा, उपाध्यक्ष लोकेश कुमार, महासचिव रोहित सूद सहित सदस्य भास्कर, जगदीश, शशि, मनमोहन सिंह, निर्पाल सिंह, हंसराज और मनीष शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे।
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कहा- नई दरों में 200 रुपये प्रति कमरा देना होगा टैक्स
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मपुर(सोलन)। डगशाई कैंट प्रशासन की ओर से स्वच्छता के नाम पर लगाए गए भारी-भरकम टैक्स के खिलाफ स्थानीय निवासियों ने मोर्चा खोल दिया है। रविवार को डगशाई कैंट वेलफेयर सोसायटी की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। इसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जब तक इस टैक्स को वापस नहीं लिया जाता, तब तक कोई भी निवासी इसे जमा नहीं करवाएगा। बैठक में जानकारी दी गई कि केंद्र सरकार के 2023 के स्वच्छता कानून को कैंट बोर्ड ने हाल ही में लागू किया है, लेकिन इसकी दरों ने आम जनता की कमर तोड़ दी है। आवासीय घरों पर पहले प्रति घर 150 रुपये टैक्स लिया जाता था। अब इसे बदलकर 200 रुपये प्रति कमरा कर दिया गया है। यानी जितने कमरे, उतना अधिक बोझ। दुकानदारों पर व्यापारियों को पहले मात्र 150 रुपये प्रति वर्ष देने होते थे, जिसे अब सीधे बढ़ाकर 5000 रुपये प्रति वर्ष कर दिया गया है। सोसायटी के पदाधिकारियों ने बताया कि इस समस्या को लेकर 23 मार्च को कैंट बोर्ड को लिखित पत्र दिया गया था, लेकिन अभी तक प्रशासन की ओर से कोई जवाब नहीं आया है। जल्द ही सोसायटी का एक प्रतिनिधिमंडल डगशाई के सीईओ से मिलकर इस समस्या के निदान की मांग करेगा। यदि 5 अप्रैल तक प्रशासन का रुख नहीं बदलता, तो आगामी बैठक में पुरानी मांग को दोहराते हुए आंदोलन की अगली रणनीति तय की जाएगी। इस विरोध बैठक में डगशाई कैंट वेलफेयर सोसायटी की अध्यक्ष त्रिपता डोगरा, उपाध्यक्ष लोकेश कुमार, महासचिव रोहित सूद सहित सदस्य भास्कर, जगदीश, शशि, मनमोहन सिंह, निर्पाल सिंह, हंसराज और मनीष शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे।