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Solan News: सोलन में मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना और मिशन वात्सल्य की समीक्षा बैठक
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अतिरिक्त उपायुक्त राहुल जैन ने बच्चों के समग्र विकास और सुरक्षा सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति के तहत मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना और मिशन वात्सल्य की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त राहुल जैन ने की। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि योजना से जुड़े सभी लाभार्थियों का नियमित अनुश्रवण किया जाए और बच्चों की जरूरतों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि योजना के तहत विभिन्न संस्थानों में शिक्षा ग्रहण कर रहे लाभार्थियों की व्यक्तिगत फाइल तैयार की जाए और इसे नियमित रूप से अद्यतन किया जाए, ताकि बच्चों को समय पर सहायता मिलती रहे। बैठक में जिला स्तर पर बाल कल्याण एवं संरक्षण से संबंधित गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा की गई और बच्चों के समग्र विकास और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना के अंतर्गत बच्चों को बेहतर जीवन, सुरक्षा, शिक्षा और पुनर्वास की सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। मिशन वात्सल्य के तहत जिला सोलन में 3 बाल-बालिका आश्रम और चिल्ड्रन होम कार्यरत हैं। इसके अतिरिक्त एक स्पेशल एडॉप्शन एजेंसी भी कार्य कर रही है, जिनमें 69 बच्चे रह रहे हैं। इन बच्चों को वस्त्र, बिस्तर, खाद्य सामग्री और मानक अनुसार भोजन उपलब्ध करवाई जाती है।सोलन जिले में मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना के अंतर्गत 204 लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा के तहत 6,89,451 रुपये प्रदान किए गए हैं। गृह निर्माण के लिए 14 पात्र लोगों को 15.30 लाख रुपये की राशि दी जा चुकी है। ऑफ्टर-केयर होम स्कीम के तहत 9 बच्चों (3 लड़के और 6 लड़कियां) को लाभ दिया गया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि बाल संरक्षण अधिनियम के तहत समय-समय पर औचक निरीक्षण किया जाए ताकि बाल श्रम और बच्चों से भीख मांगने पर पूर्ण अंकुश लगाया जा सके।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति के तहत मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना और मिशन वात्सल्य की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त राहुल जैन ने की। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि योजना से जुड़े सभी लाभार्थियों का नियमित अनुश्रवण किया जाए और बच्चों की जरूरतों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि योजना के तहत विभिन्न संस्थानों में शिक्षा ग्रहण कर रहे लाभार्थियों की व्यक्तिगत फाइल तैयार की जाए और इसे नियमित रूप से अद्यतन किया जाए, ताकि बच्चों को समय पर सहायता मिलती रहे। बैठक में जिला स्तर पर बाल कल्याण एवं संरक्षण से संबंधित गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा की गई और बच्चों के समग्र विकास और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना के अंतर्गत बच्चों को बेहतर जीवन, सुरक्षा, शिक्षा और पुनर्वास की सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। मिशन वात्सल्य के तहत जिला सोलन में 3 बाल-बालिका आश्रम और चिल्ड्रन होम कार्यरत हैं। इसके अतिरिक्त एक स्पेशल एडॉप्शन एजेंसी भी कार्य कर रही है, जिनमें 69 बच्चे रह रहे हैं। इन बच्चों को वस्त्र, बिस्तर, खाद्य सामग्री और मानक अनुसार भोजन उपलब्ध करवाई जाती है।सोलन जिले में मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना के अंतर्गत 204 लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा के तहत 6,89,451 रुपये प्रदान किए गए हैं। गृह निर्माण के लिए 14 पात्र लोगों को 15.30 लाख रुपये की राशि दी जा चुकी है। ऑफ्टर-केयर होम स्कीम के तहत 9 बच्चों (3 लड़के और 6 लड़कियां) को लाभ दिया गया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि बाल संरक्षण अधिनियम के तहत समय-समय पर औचक निरीक्षण किया जाए ताकि बाल श्रम और बच्चों से भीख मांगने पर पूर्ण अंकुश लगाया जा सके।