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Solan News: सोलन में तीन साल में बच्चों के लिंगानुपात में तीन फीसदी सुधार
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ज़िला स्तरीय अनुश्रवण एवं समीक्षा समिति की बैठक में भाग लेते अधिकारी। स्त्रोत डीपीआरओ
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आईसीडीएस योजना के तहत आयोजित बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त ने दी जानकारी
जिले में 1281 छोटे-बड़े आंगनबाड़ी केंद्रों से 6,13,173 लोगों को मिल रहा लाभ
संवाद न्यूज एजेसी
सोलन। जिले में बीते तीन वर्षों के दौरान बच्चों के लिंगानुपात में करीब तीन फीसदी का सुधार दर्ज किया गया है। वर्ष 2023-24 में जहां लिंगानुपात 923 था, वहीं 2024-25 में यह बढ़कर 956 हो गया। वर्ष 2025-26 में लिंगानुपात 965 तक पहुंच चुका है। यह जानकारी सोलन में समेकित बाल विकास परियोजना (आईसीडीएस) के तहत आयोजित जिला स्तरीय अनुश्रवण एवं समीक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए अतिरिक्त उपायुक्त राहुल जैन ने दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से समेकित बाल विकास परियोजना के तहत लक्षित वर्गों के पोषण एवं कल्याण के लिए विभिन्न योजनाएं प्रभावी रूप से लागू की जा रही हैं। जिला प्रशासन इन योजनाओं के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को समय पर सहायता उपलब्ध करवाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। वर्तमान में आईसीडीएस के अंतर्गत जिले के 1281 आंगनबाड़ी व मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से 6,13,173 लोगों को लाभान्वित किया जा रहा है। योजना के तहत छह वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती व धात्री महिलाओं को समय पर पोषाहार उपलब्ध करवाने में आईसीडीएस की महत्वपूर्ण भूमिका है। वर्तमान में जिले में 6 माह से 3 वर्ष आयुवर्ग के 16,699, 3 से 6 वर्ष आयुवर्ग के 5,666 बच्चों तथा 5,906 गर्भवती व धात्री महिलाओं को पोषाहार प्रदान किया जा रहा है।अतिरिक्त उपायुक्त ने निर्देश दिए कि पोषाहार के लिए लक्षित वर्गों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए सभी स्तरों पर आपसी समन्वय से कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि आज बेटियां खेलकूद, राजनीति, सेना सहित हर क्षेत्र में बेहतरीन प्रदर्शन कर समाज का नाम रोशन कर रही हैं बैठक में जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की सचिव आकांक्षा डोगरा, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम निदेशक मंडल के सदस्य जतिन साहनी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बद्दी अशोक वर्मा, उप पुलिस अधीक्षक अनिल धौलटा, नगर निगम सोलन के संयुक्त आयुक्त चेतन चौहान, जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. शालिनी पुरी, जिला आयुष अधिकारी डॉ. निशा वर्मा, जिला बाल संरक्षण अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
इन योजनाओं से मिल रहा लाभ
बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को 51 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जा रही है। सोलन जिले में इस वर्ष अब तक 16 लाभार्थियों को 7 लाख 90 हजार रुपये की सहायता दी गई है। विधवा पुनर्विवाह योजना के अंतर्गत चार लाभार्थियों को 8 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई। इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के तहत 18 वर्ष तक के 1081 बच्चों को 11 लाख 31 हजार 977 रुपये तथा 18 से 27 वर्ष आयुवर्ग के 61 लाभार्थियों को 4 लाख 7 हजार 98 रुपये की सहायता दी गई है। शगुन योजना के तहत 267 लाभार्थियों को 82 लाख 77 हजार रुपये की सहायता प्रदान की गई।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना पर चर्चा
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना पर भी चर्चा की गई। बताया गया कि महिला सशक्तीकरण और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से मिशन शक्ति के तहत चालू वित्त वर्ष में ग्राम पंचायत और खंड स्तर पर 56 शिविर आयोजित किए गए हैं, जिन पर 1 लाख 13 हजार 547 रुपये की राशि खर्च की गई है। बैठक की कार्रवाई का संचालन जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. पद्म देव ने किया।
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जिले में 1281 छोटे-बड़े आंगनबाड़ी केंद्रों से 6,13,173 लोगों को मिल रहा लाभ
संवाद न्यूज एजेसी
सोलन। जिले में बीते तीन वर्षों के दौरान बच्चों के लिंगानुपात में करीब तीन फीसदी का सुधार दर्ज किया गया है। वर्ष 2023-24 में जहां लिंगानुपात 923 था, वहीं 2024-25 में यह बढ़कर 956 हो गया। वर्ष 2025-26 में लिंगानुपात 965 तक पहुंच चुका है। यह जानकारी सोलन में समेकित बाल विकास परियोजना (आईसीडीएस) के तहत आयोजित जिला स्तरीय अनुश्रवण एवं समीक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए अतिरिक्त उपायुक्त राहुल जैन ने दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से समेकित बाल विकास परियोजना के तहत लक्षित वर्गों के पोषण एवं कल्याण के लिए विभिन्न योजनाएं प्रभावी रूप से लागू की जा रही हैं। जिला प्रशासन इन योजनाओं के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को समय पर सहायता उपलब्ध करवाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। वर्तमान में आईसीडीएस के अंतर्गत जिले के 1281 आंगनबाड़ी व मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से 6,13,173 लोगों को लाभान्वित किया जा रहा है। योजना के तहत छह वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती व धात्री महिलाओं को समय पर पोषाहार उपलब्ध करवाने में आईसीडीएस की महत्वपूर्ण भूमिका है। वर्तमान में जिले में 6 माह से 3 वर्ष आयुवर्ग के 16,699, 3 से 6 वर्ष आयुवर्ग के 5,666 बच्चों तथा 5,906 गर्भवती व धात्री महिलाओं को पोषाहार प्रदान किया जा रहा है।अतिरिक्त उपायुक्त ने निर्देश दिए कि पोषाहार के लिए लक्षित वर्गों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए सभी स्तरों पर आपसी समन्वय से कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि आज बेटियां खेलकूद, राजनीति, सेना सहित हर क्षेत्र में बेहतरीन प्रदर्शन कर समाज का नाम रोशन कर रही हैं बैठक में जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की सचिव आकांक्षा डोगरा, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम निदेशक मंडल के सदस्य जतिन साहनी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बद्दी अशोक वर्मा, उप पुलिस अधीक्षक अनिल धौलटा, नगर निगम सोलन के संयुक्त आयुक्त चेतन चौहान, जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. शालिनी पुरी, जिला आयुष अधिकारी डॉ. निशा वर्मा, जिला बाल संरक्षण अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
इन योजनाओं से मिल रहा लाभ
बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को 51 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जा रही है। सोलन जिले में इस वर्ष अब तक 16 लाभार्थियों को 7 लाख 90 हजार रुपये की सहायता दी गई है। विधवा पुनर्विवाह योजना के अंतर्गत चार लाभार्थियों को 8 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई। इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के तहत 18 वर्ष तक के 1081 बच्चों को 11 लाख 31 हजार 977 रुपये तथा 18 से 27 वर्ष आयुवर्ग के 61 लाभार्थियों को 4 लाख 7 हजार 98 रुपये की सहायता दी गई है। शगुन योजना के तहत 267 लाभार्थियों को 82 लाख 77 हजार रुपये की सहायता प्रदान की गई।
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प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना पर चर्चा
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना पर भी चर्चा की गई। बताया गया कि महिला सशक्तीकरण और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से मिशन शक्ति के तहत चालू वित्त वर्ष में ग्राम पंचायत और खंड स्तर पर 56 शिविर आयोजित किए गए हैं, जिन पर 1 लाख 13 हजार 547 रुपये की राशि खर्च की गई है। बैठक की कार्रवाई का संचालन जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. पद्म देव ने किया।