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Solan News: कंपनी पर दूषित पानी छोड़ने का आरोप, बोर्ड ने भरे सैंपल
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रात के समय केमिकल युक्त पानी छोड़ने की शिकायत
दूषित पानी से मछलियों की मौत का दावा
टैंकर से खुले क्षेत्र में गंदा पानी फेंकने का मामला भी उठा
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़(सोलन)। नालागढ़ के पलासड़ा क्षेत्र में एक दवा कंपनी की ओर से छोड़े जा रहे कथित दूषित पानी को लेकर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने सैंपल एकत्र कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं। रिपोर्ट में लापरवाही सामने आई तो कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
हंडूर पर्यावरण सोसायटी के प्रतिनिधि धर्मेंद्र सिंह ने प्रदूषण बोर्ड के सदस्य सचिव, जिला उपायुक्त, बोर्ड के अधिशासी अभियंता और एसडीएम नालागढ़ को पत्र लिखकर कंपनी द्वारा छोड़े जा रहे दूषित पानी की जांच की मांग उठाई थी। शिकायत के बाद बोर्ड की टीम ने चिकनी खड्ड में मिलने वाले नाले के पानी के सैंपल लिए।
धर्मेंद्र सिंह और पंचायत के पूर्व उपप्रधान हरदीप बावा ने आरोप लगाया कि कंपनी की ओर से रात के अंधेरे में केमिकल युक्त पानी छोड़ा जा रहा है। उनका कहना है कि यह पानी नाले के माध्यम से चिकनी खड्ड में पहुंचता है, जिससे कुछ दिन पहले खड्ड में मछलियों की मौत भी हुई थी। उन्होंने बताया कि मामले की मौखिक सूचना पहले भी प्रदूषण बोर्ड को दी गई थी। इसके बाद टीम मौके पर पहुंची और बिना लोगों को बताए सैंपल लेकर चली गई, लेकिन कथित रूप से केमिकल युक्त पानी छोड़ने का सिलसिला जारी रहा।
उन्होंने बताया कि बाद में लिखित शिकायत भी दी गई। इसके बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने मौके पर कंपनी से निकलने वाले पानी के सैंपल लिए। लोगों का कहना है कि कंपनी लगने से पहले आश्वासन दिया था कि औद्योगिक वेस्ट का पानी बाहर नहीं छोड़ा जाएगा और दूषित पानी को ट्रीट कर दोबारा इस्तेमाल किया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ दिन पहले लोगों ने केमिकल युक्त पानी से भरा एक टैंकर भी पकड़ा था, जिसे पुलिस के हवाले किया गया। आरोप है कि यह टैंकर खुले क्षेत्र में दूषित पानी फेंक रहा था। इस मामले में पुलिस ने कंपनी के खिलाफ केस भी दर्ज किया था, लेकिन इसके बावजूद कथित रूप से दूषित पानी फेंकने की घटनाएं जारी हैं।
कंपनी की ओर से छोड़े गए पानी के सैंपल लेकर उन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट आने के बाद ही नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-अभय परमार, अधिशासी अभियंता, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
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दूषित पानी से मछलियों की मौत का दावा
टैंकर से खुले क्षेत्र में गंदा पानी फेंकने का मामला भी उठा
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़(सोलन)। नालागढ़ के पलासड़ा क्षेत्र में एक दवा कंपनी की ओर से छोड़े जा रहे कथित दूषित पानी को लेकर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने सैंपल एकत्र कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं। रिपोर्ट में लापरवाही सामने आई तो कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
हंडूर पर्यावरण सोसायटी के प्रतिनिधि धर्मेंद्र सिंह ने प्रदूषण बोर्ड के सदस्य सचिव, जिला उपायुक्त, बोर्ड के अधिशासी अभियंता और एसडीएम नालागढ़ को पत्र लिखकर कंपनी द्वारा छोड़े जा रहे दूषित पानी की जांच की मांग उठाई थी। शिकायत के बाद बोर्ड की टीम ने चिकनी खड्ड में मिलने वाले नाले के पानी के सैंपल लिए।
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धर्मेंद्र सिंह और पंचायत के पूर्व उपप्रधान हरदीप बावा ने आरोप लगाया कि कंपनी की ओर से रात के अंधेरे में केमिकल युक्त पानी छोड़ा जा रहा है। उनका कहना है कि यह पानी नाले के माध्यम से चिकनी खड्ड में पहुंचता है, जिससे कुछ दिन पहले खड्ड में मछलियों की मौत भी हुई थी। उन्होंने बताया कि मामले की मौखिक सूचना पहले भी प्रदूषण बोर्ड को दी गई थी। इसके बाद टीम मौके पर पहुंची और बिना लोगों को बताए सैंपल लेकर चली गई, लेकिन कथित रूप से केमिकल युक्त पानी छोड़ने का सिलसिला जारी रहा।
उन्होंने बताया कि बाद में लिखित शिकायत भी दी गई। इसके बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने मौके पर कंपनी से निकलने वाले पानी के सैंपल लिए। लोगों का कहना है कि कंपनी लगने से पहले आश्वासन दिया था कि औद्योगिक वेस्ट का पानी बाहर नहीं छोड़ा जाएगा और दूषित पानी को ट्रीट कर दोबारा इस्तेमाल किया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ दिन पहले लोगों ने केमिकल युक्त पानी से भरा एक टैंकर भी पकड़ा था, जिसे पुलिस के हवाले किया गया। आरोप है कि यह टैंकर खुले क्षेत्र में दूषित पानी फेंक रहा था। इस मामले में पुलिस ने कंपनी के खिलाफ केस भी दर्ज किया था, लेकिन इसके बावजूद कथित रूप से दूषित पानी फेंकने की घटनाएं जारी हैं।
कंपनी की ओर से छोड़े गए पानी के सैंपल लेकर उन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट आने के बाद ही नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-अभय परमार, अधिशासी अभियंता, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड