फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   The aroma of turmeric produced in Hamirpur is set to reach Shaktipeeths across the country; the administration

Himachal: शक्तिपीठों के जरिये देशभर में पहुंचेगी हमीरपुर में तैयार हल्दी की महक, प्रशासन ने भेजा प्रस्ताव

Thu, 13 Aug 2026 04:03 PM IST
Krishan Singh बवीता चंदेल, संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर।
बवीता चंदेल, संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर। Published by: Krishan Singh Updated Thu, 13 Aug 2026 04:03 PM IST
सार

प्रदेश के हमीरपुर जिले के खेतों में तैयार हो रही ऑर्गेनिक हल्दी अब प्रदेश के प्रमुख शक्तिपीठों के जरिये देशभर के श्रद्धालुओं तक पहुंचेगी।

विज्ञापन
The aroma of turmeric produced in Hamirpur is set to reach Shaktipeeths across the country; the administration
शक्तिपीठों के जरिये देशभर में पहुंचेगी हमीरपुर में तैयार हल्दी की महक। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के खेतों में तैयार हो रही ऑर्गेनिक हल्दी अब प्रदेश के प्रमुख शक्तिपीठों के जरिये देशभर के श्रद्धालुओं तक पहुंचेगी। जिला प्रशासन ने कांगड़ा प्रशासन को प्रस्ताव भेजकर ज्वालाजी, ब्रजेश्वरी देवी और चामुंडा देवी मंदिरों के साथ माता बगलामुखी बनखंडी मंदिर के बाहर हमीरपुर की हल्दी और इससे तैयार सिंदूर की बिक्री की योजना बनाई है। प्रस्ताव को जल्द अंतिम रूप देकर दोनों जिलों के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया जाएगा। इस पहल का सबसे बड़ा लाभ जिले के स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को मिलने की उम्मीद है। हमीरपुर में करीब 300 स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं विभिन्न गतिविधियों से जुड़ी हैं।

विज्ञापन

उत्पादों को व्यापक मंच मिलेगा
शक्तिपीठों में उत्पादों की बिक्री के लिए बाजार मिलने से महिलाओं के उत्पादों को व्यापक मंच मिलेगा और उनकी आय बढ़ाने के अवसर भी पैदा होंगे। महिलाएं शक्तिपीठों से डिमांड के अनुसार हल्दी और सिंदूर को बचेंगी, जिससे उन्हें घर बैठे रोजगार मिलेगा। हल्दी और सिंदूर के साथ डिमांड के अनुसार महिलाओं द्वारा तैयार किए स्वदेशी उत्पादों को भी मंदिरों में बेचा जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को गुवणत्तापूर्ण उत्पाद खरीदने की सुविधा मिलेगी। ऑर्गेनिक हल्दी से सिंदूर भी तैयार किया जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

डीसी हमीरपुर गंधर्वा राठौड़ ने ये कहा
एमओयू होने के बाद शक्तिपीठों में हल्दी और सिंदूर की बिक्री के लिए उत्पाद, पैकेजिंग और कीमत तय की जाएगी। इसके साथ ही कांगड़ा के स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी को लेकर भी निर्णय लिया जाएगा। डीसी हमीरपुर गंधर्वा राठौड़ ने कहा कि शक्तिपीठों में देशभर से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में इन धार्मिक स्थलों पर हमीरपुर के उत्पादों की बिक्री होने से जिले की जैविक हल्दी को बड़े बाजार तक पहुंचने का अवसर मिलेगा और स्थानीय किसानों व महिलाओं को सीधा लाभ मिल सकेगा।

विज्ञापन

शक्तिपीठों में हमीरपुर की हल्दी और इससे तैयार उत्पादों को बाजार मिलने से स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। घर से उत्पाद तैयार कर उन्हें बड़े बाजार तक पहुंचाने का मौका मिलेगा।-नीलम, स्वयं सहायता समूह सदस्य

हल्दी की खेती और इसके प्रसंस्करण से महिलाओं को अपने स्तर पर काम करने का अवसर मिल रहा है। मंदिरों में उत्पादों की बिक्री शुरू होती है तो इससे महिलाओं की आमदनी बढ़ेगी और स्थानीय उत्पादों को पहचान भी मिलेगी।-अनीता ठाकुर, स्वयं सहायता समूह सदस्य

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed