{"_id":"6a77786cfe065feb67076564","slug":"after-the-sujanpur-chandigarh-service-the-sujanpur-kalka-bus-service-has-been-discontinued-una-news-c-93-1-una1026-201617-2026-08-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Una News: सुजानपुर-चंडीगढ़ के बाद सुजानपुर-कालका बस सेवा हुई बंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Una News: सुजानपुर-चंडीगढ़ के बाद सुजानपुर-कालका बस सेवा हुई बंद
Sun, 09 Aug 2026 06:59 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Sun, 09 Aug 2026 06:59 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
थानाकलां (ऊना)। ऊना जिला के भ्यांवी, सुकड़ियाल, अलसाहन तथा हमीरपुर जिला के नादौन उपमंडल और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए एक और बड़ी परेशानी सामने आई है। करीब 60 वर्षों से संचालित सुजानपुर-कालका एचआरटीसी बस सेवा पिछले कुछ दिनों से बंद कर दी गई है। इससे पहले सुजानपुर-चंडीगढ़ बस सेवा भी बंद हो चुकी है। लगातार दो महत्वपूर्ण बस रूट बंद होने से लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
क्षेत्रवासियों के अनुसार यह बस प्रतिदिन सुबह 06:20 बजे सुजानपुर से रवाना होकर रंगस, कांगू, धनेटा और ऊना होते हुए कालका के लिए जाती थी। बस सुबह 8:10 बजे धनेटा तथा 9:30 बजे ऊना पहुंचती थी। करीब डेढ़ माह पहले बंद हुई सुजानपुर-चंडीगढ़ बस सुबह 5 बजे सुजानपुर से चलकर नादौन, सेरा, किटपल, बंगाणा और ऊना होते हुए चंडीगढ़ पहुंचती थी। पीजीआई चंडीगढ़ में उपचार के लिए जाने वाले मरीजों, विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों के लिए यह सेवा अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती थी। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि ग्रामीण क्षेत्रों की परिवहन सुविधाओं की लगातार अनदेखी की जा रही है। उनका कहना है कि यदि दोनों बस सेवाएं शीघ्र बहाल नहीं की गईं तो आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
एचआरटीसी ऊना के क्षेत्रीय प्रबंधक राजेश जोशी ने बताया कि इस रूट पर हमीरपुर डिपो की बस भी संचालित होती है। समय में अंतर और कुछ तकनीकी कारणों के चलते इस रूट को फिलहाल अस्थायी रूप से बंद किया गया है। उन्होंने कहा कि हमीरपुर डिपो से बातचीत कर इस वर्षों पुराने रूट को दोबारा शुरू करने का प्रयास किया जाएगा।
विज्ञापन
सुजानपुर-कालका बस सेवा क्षेत्र की जीवनरेखा थी। रोजाना सैकड़ों यात्री इस बस के माध्यम से ऊना, कालका और अन्य स्थानों तक पहुंचते थे। बस बंद होने के बाद लोगों को निजी वाहनों और महंगे परिवहन साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे उनकी आर्थिक परेशानी भी बढ़ गई है।
-सचिन शर्मा, भ्यांवी
सुजानपुर-चंडीगढ़ बस सेवा बंद होने से दुकान पर समय पर पहुंचना मुश्किल हो गया है और निजी वाहनों का किराया भी काफी अधिक है। बुजुर्गों और मरीजों के लिए यह बस सबसे सुविधाजनक साधन थी। परिवहन विभाग और प्रदेश सरकार को जनहित को ध्यान में रखते हुए सुजानपुर-कालका और सुजानपुर-चंडीगढ़ दोनों बस रूटों को शीघ्र बहाल करना चाहिए।
सुरेश कुमार, दुकानदार बंगाणा
विज्ञापन
क्षेत्रवासियों के अनुसार यह बस प्रतिदिन सुबह 06:20 बजे सुजानपुर से रवाना होकर रंगस, कांगू, धनेटा और ऊना होते हुए कालका के लिए जाती थी। बस सुबह 8:10 बजे धनेटा तथा 9:30 बजे ऊना पहुंचती थी। करीब डेढ़ माह पहले बंद हुई सुजानपुर-चंडीगढ़ बस सुबह 5 बजे सुजानपुर से चलकर नादौन, सेरा, किटपल, बंगाणा और ऊना होते हुए चंडीगढ़ पहुंचती थी। पीजीआई चंडीगढ़ में उपचार के लिए जाने वाले मरीजों, विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों के लिए यह सेवा अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती थी। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि ग्रामीण क्षेत्रों की परिवहन सुविधाओं की लगातार अनदेखी की जा रही है। उनका कहना है कि यदि दोनों बस सेवाएं शीघ्र बहाल नहीं की गईं तो आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
विज्ञापन
एचआरटीसी ऊना के क्षेत्रीय प्रबंधक राजेश जोशी ने बताया कि इस रूट पर हमीरपुर डिपो की बस भी संचालित होती है। समय में अंतर और कुछ तकनीकी कारणों के चलते इस रूट को फिलहाल अस्थायी रूप से बंद किया गया है। उन्होंने कहा कि हमीरपुर डिपो से बातचीत कर इस वर्षों पुराने रूट को दोबारा शुरू करने का प्रयास किया जाएगा।
विज्ञापन
सुजानपुर-कालका बस सेवा क्षेत्र की जीवनरेखा थी। रोजाना सैकड़ों यात्री इस बस के माध्यम से ऊना, कालका और अन्य स्थानों तक पहुंचते थे। बस बंद होने के बाद लोगों को निजी वाहनों और महंगे परिवहन साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे उनकी आर्थिक परेशानी भी बढ़ गई है।
-सचिन शर्मा, भ्यांवी
सुजानपुर-चंडीगढ़ बस सेवा बंद होने से दुकान पर समय पर पहुंचना मुश्किल हो गया है और निजी वाहनों का किराया भी काफी अधिक है। बुजुर्गों और मरीजों के लिए यह बस सबसे सुविधाजनक साधन थी। परिवहन विभाग और प्रदेश सरकार को जनहित को ध्यान में रखते हुए सुजानपुर-कालका और सुजानपुर-चंडीगढ़ दोनों बस रूटों को शीघ्र बहाल करना चाहिए।
सुरेश कुमार, दुकानदार बंगाणा