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Una News: डीसी के आदेश दरकिनार, मौज कर रहे तहसीलदार
Sun, 09 Aug 2026 07:52 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Sun, 09 Aug 2026 07:52 AM IST
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ऊना। ऊना जिला की अंब और घनारी तहसील में बाहरी राज्यों से फर्जी तरीके से मुख्तियारनामे बनाने के मामले को एक महीना बीत गया है। इसके बाद भी संबंधित एसडीएम से रिपोर्ट नहीं आई है। डीसी ऊना जतिन लाल ने इस मामले के संदर्भ में एसडीएम अंब और एसडीएम गगरेट को एक हफ्ते में रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए थे लेकिन एक महीना बीतने के बाद भी संबंधित एसडीएम ने रिपोर्ट भेजने में दिलचस्पी नहीं दिखाई है। जिसके चलते उपायुक्त ने संबंधित एसडीएम को रिमाइंडर जारी करते हुए जल्द स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं। डीसी के आदेश दरकिनार कर तहसीलदार मौज कर रहे हैं।
बता दें कि अंब और घनारी तहसील में बाहरी राज्यों के तथाकथित लोगों द्वारा फर्जी तरीके से (पावर ऑफ अटॉर्नी) मुख्तियारनामे तहसीलों में बनाए गए, यहां तक की इस प्रक्रिया में दस्तावेजों से लेकर पहचानकर्ता तक की कार्रवाई भी फर्जी पाई गई है और इस तरह के मसलों में पंजाब और हरियाणा के लोगों की संलिप्तता जाहिर होने के बाद संबंधित राज्यों के उपायुक्तों ने भी संबंधित विभाग के अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई है और फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी को रद्द करवाया है। ऊना जिला में यह मामला विभिन्न तहसीलों में उजागर होने के बाद अभी तक कोई भी विभागीय कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है। इतना ही नहीं बल्कि इस मसले में संबंधित तहसीलदारों के ऊपर कार्रवाई करने के लिए उपायुक्त की ओर से जारी किए गए निर्देशों को भी संबंधित एसडीएम की ओर से अनसुना किया जा रहा है। इससे प्रतीत हो रहा है कि इस तरह से फर्जीवाड़े के मसले में बाहरी राज्यों के मुख्तियारनामे बनाने के गिरोह के साथ संलिप्तता जग जाहिर हो रही है। वहीं इस मसले में विजिलेंस विभाग के महानिदेशक ने भी उपायुक्त ऊना को स्थिति स्पष्ट करने के लिए आग्रह किया है और जारी किए गए पत्र में स्पष्ट किया है कि अगर यह मामला भ्रष्टाचार से संबंधित प्रतीत हो रहा है तो विभाग को सहयोग करने के लिए कहा गया है। अब देखना यह बाकी है कि इस मामले में आगे चलकर उपायुक्त ऊना को संबंधित एसडीएम क्या रिपोर्ट पेश करते हैं या फिर मसला लीपापोती करके ही निपटा दिया जाता है। इस ओर सब की निगाहें टिकी हुई हैं।
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बता दें कि अंब और घनारी तहसील में बाहरी राज्यों के तथाकथित लोगों द्वारा फर्जी तरीके से (पावर ऑफ अटॉर्नी) मुख्तियारनामे तहसीलों में बनाए गए, यहां तक की इस प्रक्रिया में दस्तावेजों से लेकर पहचानकर्ता तक की कार्रवाई भी फर्जी पाई गई है और इस तरह के मसलों में पंजाब और हरियाणा के लोगों की संलिप्तता जाहिर होने के बाद संबंधित राज्यों के उपायुक्तों ने भी संबंधित विभाग के अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई है और फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी को रद्द करवाया है। ऊना जिला में यह मामला विभिन्न तहसीलों में उजागर होने के बाद अभी तक कोई भी विभागीय कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है। इतना ही नहीं बल्कि इस मसले में संबंधित तहसीलदारों के ऊपर कार्रवाई करने के लिए उपायुक्त की ओर से जारी किए गए निर्देशों को भी संबंधित एसडीएम की ओर से अनसुना किया जा रहा है। इससे प्रतीत हो रहा है कि इस तरह से फर्जीवाड़े के मसले में बाहरी राज्यों के मुख्तियारनामे बनाने के गिरोह के साथ संलिप्तता जग जाहिर हो रही है। वहीं इस मसले में विजिलेंस विभाग के महानिदेशक ने भी उपायुक्त ऊना को स्थिति स्पष्ट करने के लिए आग्रह किया है और जारी किए गए पत्र में स्पष्ट किया है कि अगर यह मामला भ्रष्टाचार से संबंधित प्रतीत हो रहा है तो विभाग को सहयोग करने के लिए कहा गया है। अब देखना यह बाकी है कि इस मामले में आगे चलकर उपायुक्त ऊना को संबंधित एसडीएम क्या रिपोर्ट पेश करते हैं या फिर मसला लीपापोती करके ही निपटा दिया जाता है। इस ओर सब की निगाहें टिकी हुई हैं।
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