{"_id":"6a6ba2d066700b261f0eb91d","slug":"both-sides-face-off-again-in-the-planex-plastic-dispute-una-news-c-93-1-una1002-200624-2026-07-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Una News: प्लेनेक्स प्लास्टिक विवाद में फिर आमने-सामने आए दोनों पक्ष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Una News: प्लेनेक्स प्लास्टिक विवाद में फिर आमने-सामने आए दोनों पक्ष
Fri, 31 Jul 2026 12:45 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Fri, 31 Jul 2026 12:45 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गगरेट (ऊना)। औद्योगिक क्षेत्र जीतपुर बेहड़ी स्थित प्लेनेक्स प्लास्टिक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड को लेकर चल रहा कारोबारी विवाद अब प्रेस बयानों के जरिये और अधिक गरमा गया। सुरक्षा गार्ड की शिकायत के बाद दोनों पक्षों ने वीरवार को अपनी प्रेस विज्ञप्ति जारी कर एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए।
प्लेनेक्स प्लास्टिक सॉल्यूशंस ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में दावा किया कि इंडिया पॉलीमर्स पक्ष ने 1.60 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त करने के बावजूद कारोबार हस्तांतरण से मुकरने का प्रयास किया। कंपनी का कहना है कि संबंधित पक्षों ने बिजनेस ट्रांसफर एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए थे और मार्च 2026 में पुलिस तथा बैंक के समक्ष भी प्लांट पर प्लेनेक्स के स्वामित्व को स्वीकार किया था। कंपनी ने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व विधायक नवीन धीमान, मेयर इंदु बाला और राकेश शर्मा अब उन्हीं दस्तावेजों से पीछे हट रहे हैं। प्रेस विज्ञप्ति में यह भी दावा किया गया कि राकेश शर्मा के खिलाफ दर्ज एफआईआर, बैंक रिकॉर्ड, सुरक्षा गार्ड की शिकायत और सीसीटीवी फुटेज कंपनी के आरोपों का समर्थन करते हैं।
पूर्व विधायक नवीन धीमान ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि आज भी सभी सरकारी विभागों और बैंक रिकॉर्ड में इकाई इंडिया पॉलीमर्स के नाम दर्ज है। उनका कहना है कि प्लेनेक्स प्लास्टिक सॉल्यूशंस के नाम एक भी लाइसेंस स्थानांतरित नहीं हुआ है और न ही किसी बिजनेस ट्रांसफर एग्रीमेंट को विधिवत लागू किया गया। उन्होंने कहा कि यदि वास्तविक हस्तांतरण हुआ होता तो संबंधित लाइसेंस भी ट्रांसफर किए जाते। नवीन धीमान ने यह भी दावा किया कि सिविल न्यायालय द्वारा यथास्थिति (स्टेटस को) बनाए रखने के आदेश दिए गए हैं लेकिन प्लेनेक्स बार-बार इन आदेशों का उल्लंघन कर रही है। उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों से उन्हें राहत नहीं मिली तो वह अपनी संपत्ति खाली करवाने के लिए धरना देने को मजबूर होंगे। उनका यह भी कहना है कि संबंधित संपत्ति अभी भी बैंक के पास गिरवी है।
विज्ञापन
उधर, प्लेनेक्स ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में नवीन धीमान के इन दावों का भी जवाब देते हुए कहा कि रिकॉर्ड में बदलाव इसलिए नहीं हो सका क्योंकि आवश्यक प्रक्रियाओं में दूसरी ओर से सहयोग नहीं किया गया। कंपनी ने यह भी दावा किया कि यदि किसी स्टेटस को आदेश का हवाला दिया जा रहा है तो उसका विवरण सार्वजनिक किया जाना चाहिए। साथ ही कंपनी ने दोहराया कि वह न्यायालय के प्रत्येक आदेश का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध है और बैंक बंधक के निपटारे के लिए भी तैयार है।
पुलिस अधीक्षक सचिन हिरेमठ ने बताया कि स्थानीय पुलिस मामले में नजर बनाए हुए हैं। मामले की वास्तविक स्थिति न्यायालय तथा जांच एजेंसियों की कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
विज्ञापन
प्लेनेक्स प्लास्टिक सॉल्यूशंस ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में दावा किया कि इंडिया पॉलीमर्स पक्ष ने 1.60 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त करने के बावजूद कारोबार हस्तांतरण से मुकरने का प्रयास किया। कंपनी का कहना है कि संबंधित पक्षों ने बिजनेस ट्रांसफर एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए थे और मार्च 2026 में पुलिस तथा बैंक के समक्ष भी प्लांट पर प्लेनेक्स के स्वामित्व को स्वीकार किया था। कंपनी ने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व विधायक नवीन धीमान, मेयर इंदु बाला और राकेश शर्मा अब उन्हीं दस्तावेजों से पीछे हट रहे हैं। प्रेस विज्ञप्ति में यह भी दावा किया गया कि राकेश शर्मा के खिलाफ दर्ज एफआईआर, बैंक रिकॉर्ड, सुरक्षा गार्ड की शिकायत और सीसीटीवी फुटेज कंपनी के आरोपों का समर्थन करते हैं।
विज्ञापन
पूर्व विधायक नवीन धीमान ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि आज भी सभी सरकारी विभागों और बैंक रिकॉर्ड में इकाई इंडिया पॉलीमर्स के नाम दर्ज है। उनका कहना है कि प्लेनेक्स प्लास्टिक सॉल्यूशंस के नाम एक भी लाइसेंस स्थानांतरित नहीं हुआ है और न ही किसी बिजनेस ट्रांसफर एग्रीमेंट को विधिवत लागू किया गया। उन्होंने कहा कि यदि वास्तविक हस्तांतरण हुआ होता तो संबंधित लाइसेंस भी ट्रांसफर किए जाते। नवीन धीमान ने यह भी दावा किया कि सिविल न्यायालय द्वारा यथास्थिति (स्टेटस को) बनाए रखने के आदेश दिए गए हैं लेकिन प्लेनेक्स बार-बार इन आदेशों का उल्लंघन कर रही है। उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों से उन्हें राहत नहीं मिली तो वह अपनी संपत्ति खाली करवाने के लिए धरना देने को मजबूर होंगे। उनका यह भी कहना है कि संबंधित संपत्ति अभी भी बैंक के पास गिरवी है।
विज्ञापन
उधर, प्लेनेक्स ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में नवीन धीमान के इन दावों का भी जवाब देते हुए कहा कि रिकॉर्ड में बदलाव इसलिए नहीं हो सका क्योंकि आवश्यक प्रक्रियाओं में दूसरी ओर से सहयोग नहीं किया गया। कंपनी ने यह भी दावा किया कि यदि किसी स्टेटस को आदेश का हवाला दिया जा रहा है तो उसका विवरण सार्वजनिक किया जाना चाहिए। साथ ही कंपनी ने दोहराया कि वह न्यायालय के प्रत्येक आदेश का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध है और बैंक बंधक के निपटारे के लिए भी तैयार है।
पुलिस अधीक्षक सचिन हिरेमठ ने बताया कि स्थानीय पुलिस मामले में नजर बनाए हुए हैं। मामले की वास्तविक स्थिति न्यायालय तथा जांच एजेंसियों की कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।