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Una News: पुरानी पाइपलाइनों को बदलने के लिए जल शक्ति विभाग करवाएगा सर्वेक्षण
Fri, 31 Jul 2026 12:51 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Fri, 31 Jul 2026 12:51 AM IST
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ऊना। जिलेभर में वर्षों पुरानी हो चुकी पेयजल पाइपलाइनों को बदलने की दिशा में जल शक्ति विभाग ने बड़ी पहल शुरू कर दी है। विभाग पूरे जिले में पुरानी पाइपलाइनों का विस्तृत सर्वेक्षण कराएगा।
सर्वे के दौरान जर्जर हो चुकी पाइपलाइनों, बार-बार लीकेज वाले स्थानों और गंदे नालों के बीच या किनारे से गुजर रही पेयजल लाइनों को चिह्नित किया जाएगा। इसके आधार पर चरणबद्ध तरीके से पाइपलाइन बदलने और नई लाइनें बिछाने की योजना तैयार की जाएगी।
जिलेभर में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में दशकों पहले बिछाई गई पाइपलाइनें अब अपनी आयु पूरी कर चुकी हैं। जगह-जगह लीकेज के कारण न केवल पेयजल की बर्बादी हो रही है बल्कि दूषित पानी मिलने की आशंका भी लगातार बनी रहती है। सबसे अधिक समस्या ऊना शहर में है। जहां कई स्थानों पर पेयजल पाइपलाइन गंदे नालों के भीतर या उनके बिल्कुल साथ से गुजर रही है।
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बरसात के मौसम में नालों का पानी बढ़ने और पाइपलाइन में रिसाव होने पर संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है।
इस गंभीर समस्या को संवाद न्यूज एजेंसी की ओर से अमर उजाला में प्रमुखता से उठाया गया। विभाग ने मामले का संज्ञान लेते हुए सर्वेक्षण कराने का निर्णय लिया है। सर्वे के दौरान जिले की सभी प्रमुख पेयजल योजनाओं की पाइपलाइन का तकनीकी निरीक्षण किया जाएगा।
जिन क्षेत्रों में पाइपलाइन अत्यधिक पुरानी, क्षतिग्रस्त या बार-बार टूट रही है, उन्हें प्राथमिकता सूची में शामिल किया जाएगा। साथ ही ऊना शहर में गंदे नालों से गुजर रही पाइपलाइन को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने की संभावनाओं को भी तलाशा जाएगा। सर्वेक्षण रिपोर्ट के आधार पर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर सरकार को भेजी जाएगी।
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सर्वे के दौरान जर्जर हो चुकी पाइपलाइनों, बार-बार लीकेज वाले स्थानों और गंदे नालों के बीच या किनारे से गुजर रही पेयजल लाइनों को चिह्नित किया जाएगा। इसके आधार पर चरणबद्ध तरीके से पाइपलाइन बदलने और नई लाइनें बिछाने की योजना तैयार की जाएगी।
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जिलेभर में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में दशकों पहले बिछाई गई पाइपलाइनें अब अपनी आयु पूरी कर चुकी हैं। जगह-जगह लीकेज के कारण न केवल पेयजल की बर्बादी हो रही है बल्कि दूषित पानी मिलने की आशंका भी लगातार बनी रहती है। सबसे अधिक समस्या ऊना शहर में है। जहां कई स्थानों पर पेयजल पाइपलाइन गंदे नालों के भीतर या उनके बिल्कुल साथ से गुजर रही है।
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बरसात के मौसम में नालों का पानी बढ़ने और पाइपलाइन में रिसाव होने पर संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है।
इस गंभीर समस्या को संवाद न्यूज एजेंसी की ओर से अमर उजाला में प्रमुखता से उठाया गया। विभाग ने मामले का संज्ञान लेते हुए सर्वेक्षण कराने का निर्णय लिया है। सर्वे के दौरान जिले की सभी प्रमुख पेयजल योजनाओं की पाइपलाइन का तकनीकी निरीक्षण किया जाएगा।
जिन क्षेत्रों में पाइपलाइन अत्यधिक पुरानी, क्षतिग्रस्त या बार-बार टूट रही है, उन्हें प्राथमिकता सूची में शामिल किया जाएगा। साथ ही ऊना शहर में गंदे नालों से गुजर रही पाइपलाइन को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने की संभावनाओं को भी तलाशा जाएगा। सर्वेक्षण रिपोर्ट के आधार पर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर सरकार को भेजी जाएगी।