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Una News: ऑनलाइन शॉपिंग ऐप पर रोक लगाने की उठाई मांग
Mon, 03 Aug 2026 11:57 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Mon, 03 Aug 2026 11:57 AM IST
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महर्षि वाल्मीकि गुरु रविदास यूथ एकता महासभा के सदस्य बैठक के दौरान विश्राम गृह ऊना के सभागार मे
- फोटो : 1
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ऊना। महर्षि वाल्मीकि गुरु रविदास यूथ एकता महासभा की बैठक रविवार को विश्राम गृह ऊना में प्रधान अमित वाल्मीकि की अध्यक्षता में हुई।
बैठक में मजदूरों और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करते हुए ऑनलाइन शॉपिंग एप पर रोक लगाने, न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपये करने और ठेकेदारी प्रथा समाप्त करने सहित कई मांगें उठाई गईं।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि बढ़ती महंगाई के दौर में 10 से 12 हजार रुपये मासिक वेतन में परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है। इसलिए सभी कामगारों का न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपये निर्धारित किया जाए।
साथ ही सरकारी और निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए पेंशन व्यवस्था लागू करने, सफाई कर्मचारियों को नियमित करने तथा उनका वेतन बढ़ाने की भी मांग की गई।
महासभा ने गरीब बच्चों को निजी स्कूलों में निशुल्क शिक्षा, गरीब मरीजों का सरकारी और निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज तथा इलाज के दौरान मरीज की मृत्यु होने पर अस्पताल का पूरा बिल माफ करने की मांग भी उठाई।
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वक्ताओं का कहना था कि ऑनलाइन शॉपिंग एप से स्थानीय व्यापारियों को नुकसान हो रहा है, इसलिए इन पर रोक लगाने पर विचार किया जाना चाहिए। बैठक में अमित वाल्मीकि, नव बैंस, शुभम भट्टी सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
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बैठक में मजदूरों और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करते हुए ऑनलाइन शॉपिंग एप पर रोक लगाने, न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपये करने और ठेकेदारी प्रथा समाप्त करने सहित कई मांगें उठाई गईं।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि बढ़ती महंगाई के दौर में 10 से 12 हजार रुपये मासिक वेतन में परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है। इसलिए सभी कामगारों का न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपये निर्धारित किया जाए।
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साथ ही सरकारी और निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए पेंशन व्यवस्था लागू करने, सफाई कर्मचारियों को नियमित करने तथा उनका वेतन बढ़ाने की भी मांग की गई।
महासभा ने गरीब बच्चों को निजी स्कूलों में निशुल्क शिक्षा, गरीब मरीजों का सरकारी और निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज तथा इलाज के दौरान मरीज की मृत्यु होने पर अस्पताल का पूरा बिल माफ करने की मांग भी उठाई।
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वक्ताओं का कहना था कि ऑनलाइन शॉपिंग एप से स्थानीय व्यापारियों को नुकसान हो रहा है, इसलिए इन पर रोक लगाने पर विचार किया जाना चाहिए। बैठक में अमित वाल्मीकि, नव बैंस, शुभम भट्टी सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।