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Una News: उपमुख्यमंत्री ने एकीकृत ग्रामीण विकास परियोजना का किया शुभारंभ
Thu, 09 Jul 2026 12:29 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Thu, 09 Jul 2026 12:29 AM IST
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ऊना। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बुधवार को हरोली विधानसभा क्षेत्र के नंगल कलां में नेस्ले इंडिया एवं एसएम सहगल फाउंडेशन के सहयोग से एकीकृत ग्रामीण विकास परियोजना का शुभारंभ किया। इस अवसर पर पोषण एवं स्वच्छता संबंधी जागरूकता के लिए तैयार न्यूट्रिशियन बुकलेट का विमोचन भी किया। हरोली विकास खंड के नंगल कलां, नंगल खुर्द, गोंदपुर जयचंद, हरोली, दुलैहड़ और बाथड़ी गांवों में संचालित होने वाली इस परियोजना के माध्यम से जल संरक्षण, स्वच्छता, कृषि, पोषण, शिक्षा, स्कूल उन्नयन, कौशल विकास और सामुदायिक सशक्तीकरण के क्षेत्र में कार्य किए जाएंगे। परियोजना से 6 गांवों के 9 हजार से अधिक लोगों को लाभ मिलेगा। इस अवसर पर नेस्ले इंडिया के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मनीष तिवारी, एसएम सहगल फाउंडेशन की ट्रस्टी एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी अंजलि मखीजा तथा नेस्ले इंडिया के कॉर्पोरेट अफेयर्स के निदेशक कुंवर हिम्मत सिंह भी उपस्थित रहे।
उपमुख्यमंत्री ने नेस्ले इंडिया प्रबंधन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जब वह हिमाचल प्रदेश हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष थे, तब इस भूमि का अधिग्रहण आवासीय कॉलोनी के लिए किया गया था। इसी दौरान टाहलीवाल में नेस्ले संयंत्र स्थापित करने का प्रस्ताव आया, जिसके बाद यह भूमि उद्योग की स्थापना के लिए उपलब्ध कराई गई। उन्होंने कहा कि पिछले करीब 16 वर्षों में इस संयंत्र ने क्षेत्र के औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने नेस्ले इंडिया के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मनीष तिवारी से टाहलीवाल इकाई के विस्तार का आग्रह करते हुए कहा कि उनकी इच्छा है कि देशभर में नेस्ले की जितनी भी इकाइयां हैं, उनमें सबसे अधिक उत्पादन टाहलीवाल इकाई से हो। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रदेश सरकार विस्तार के लिए हरसंभव सहयोग देगी।
सीएसआर का लाभ सबसे पहले स्थानीय क्षेत्र को मिले
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हरोली में स्थापित बड़े उद्योगों को अपने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत स्थानीय क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उद्योग यहां काम करें, प्रगति करें और सीएसआर का लाभ भी सबसे पहले इसी क्षेत्र के लोगों को मिले। उन्होंने उद्योग विभाग तथा हरोली इंडस्ट्रियल एसोसिएशन से इस दिशा में मिलकर कार्ययोजना तैयार करने को कहा।
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उपमुख्यमंत्री ने नेस्ले इंडिया प्रबंधन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जब वह हिमाचल प्रदेश हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष थे, तब इस भूमि का अधिग्रहण आवासीय कॉलोनी के लिए किया गया था। इसी दौरान टाहलीवाल में नेस्ले संयंत्र स्थापित करने का प्रस्ताव आया, जिसके बाद यह भूमि उद्योग की स्थापना के लिए उपलब्ध कराई गई। उन्होंने कहा कि पिछले करीब 16 वर्षों में इस संयंत्र ने क्षेत्र के औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने नेस्ले इंडिया के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मनीष तिवारी से टाहलीवाल इकाई के विस्तार का आग्रह करते हुए कहा कि उनकी इच्छा है कि देशभर में नेस्ले की जितनी भी इकाइयां हैं, उनमें सबसे अधिक उत्पादन टाहलीवाल इकाई से हो। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रदेश सरकार विस्तार के लिए हरसंभव सहयोग देगी।
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सीएसआर का लाभ सबसे पहले स्थानीय क्षेत्र को मिले
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हरोली में स्थापित बड़े उद्योगों को अपने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत स्थानीय क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उद्योग यहां काम करें, प्रगति करें और सीएसआर का लाभ भी सबसे पहले इसी क्षेत्र के लोगों को मिले। उन्होंने उद्योग विभाग तथा हरोली इंडस्ट्रियल एसोसिएशन से इस दिशा में मिलकर कार्ययोजना तैयार करने को कहा।
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