{"_id":"6ad4adbb79401e4b63098fac","slug":"farmers-activity-in-potato-fields-increased-as-soon-as-the-sun-came-out-una-news-c-93-1-ssml1048-210288-2026-10-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Una News: धूप खिलते ही आलू के खेतों में बढ़ी किसानों की सक्रियता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Una News: धूप खिलते ही आलू के खेतों में बढ़ी किसानों की सक्रियता
Mon, 19 Oct 2026 04:59 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Mon, 19 Oct 2026 04:59 AM IST
विज्ञापन
किसान मोहन सिंह निवासी बैरियां। संवाद
खाद डालने और सिंचाई में जुटे किसान, अच्छी पैदावार के साथ उचित दाम मिलने की उम्मीद
संवाद न्यूज एजेंसी
चकसराय (ऊना)। उपतहसील जोल क्षेत्र में तीन-चार दिन से मौसम साफ रहने और धूप खिलने से आलू उत्पादक किसान खेतों में काम निपटाने के लिए सक्रिय हो गए हैं। किसान फसल में यूरिया खाद डालने के साथ सिंचाई करने में जुटे हैं, ताकि मिट्टी में पर्याप्त नमी बनी रहे और पौधों की वृद्धि बेहतर हो सके। किसानों को इस बार अच्छी पैदावार के साथ बाजार में उचित दाम मिलने की उम्मीद है।
रविवार को क्षेत्र के कई गांवों में किसान आलू की फसल की देखभाल करते नजर आए। मौसम साफ होने से उन्हें खेतों में जरूरी काम निपटाने का मौका मिला है। हालांकि, पैदावार कैसी रहेगी, यह आने वाले दिनों के मौसम, फसल की सेहत और कंदों के विकास पर निर्भर करेगा।
आलू की खेती में बीज, खाद, दवाइयों, सिंचाई और मजदूरी पर काफी खर्च होता है। ऐसे में फसल की समय पर देखभाल जरूरी है। उन्होंने कहा कि मौसम साफ होने के बाद किसान खाद डालने और सिंचाई में जुटे हैं। अच्छी पैदावार से खेती पर हुए खर्च की भरपाई करने में मदद मिलेगी। -मोहन सिंह, किसान
विज्ञापन
आलू की फसल के लिए मिट्टी में पर्याप्त नमी जरूरी है। खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, इसलिए अच्छी पैदावार के साथ बाजार में उचित दाम मिलना भी जरूरी है। फसल की गुणवत्ता बेहतर रहने और अच्छे भाव मिलने से किसानों को आर्थिक लाभ हो सकता है। -बलवान सिंह,किसान
अनुशंसित मात्रा में ही डालें यूरिया
कृषि प्रसार अधिकारी चंदन कुमार शर्मा ने बताया कि आलू की फसल में खाद और सिंचाई का प्रबंधन मिट्टी की स्थिति, पौधों की अवस्था और मौसम के अनुसार करना चाहिए। यूरिया का इस्तेमाल कृषि विभाग की अनुशंसित मात्रा के अनुसार ही करें। जरूरत से अधिक नाइट्रोजन देने से पत्तियों की वृद्धि बढ़ सकती है, जबकि कंदों के विकास और फसल की गुणवत्ता पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका रहती है।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
चकसराय (ऊना)। उपतहसील जोल क्षेत्र में तीन-चार दिन से मौसम साफ रहने और धूप खिलने से आलू उत्पादक किसान खेतों में काम निपटाने के लिए सक्रिय हो गए हैं। किसान फसल में यूरिया खाद डालने के साथ सिंचाई करने में जुटे हैं, ताकि मिट्टी में पर्याप्त नमी बनी रहे और पौधों की वृद्धि बेहतर हो सके। किसानों को इस बार अच्छी पैदावार के साथ बाजार में उचित दाम मिलने की उम्मीद है।
रविवार को क्षेत्र के कई गांवों में किसान आलू की फसल की देखभाल करते नजर आए। मौसम साफ होने से उन्हें खेतों में जरूरी काम निपटाने का मौका मिला है। हालांकि, पैदावार कैसी रहेगी, यह आने वाले दिनों के मौसम, फसल की सेहत और कंदों के विकास पर निर्भर करेगा।
विज्ञापन
आलू की खेती में बीज, खाद, दवाइयों, सिंचाई और मजदूरी पर काफी खर्च होता है। ऐसे में फसल की समय पर देखभाल जरूरी है। उन्होंने कहा कि मौसम साफ होने के बाद किसान खाद डालने और सिंचाई में जुटे हैं। अच्छी पैदावार से खेती पर हुए खर्च की भरपाई करने में मदद मिलेगी। -मोहन सिंह, किसान
विज्ञापन
आलू की फसल के लिए मिट्टी में पर्याप्त नमी जरूरी है। खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, इसलिए अच्छी पैदावार के साथ बाजार में उचित दाम मिलना भी जरूरी है। फसल की गुणवत्ता बेहतर रहने और अच्छे भाव मिलने से किसानों को आर्थिक लाभ हो सकता है। -बलवान सिंह,किसान
अनुशंसित मात्रा में ही डालें यूरिया
कृषि प्रसार अधिकारी चंदन कुमार शर्मा ने बताया कि आलू की फसल में खाद और सिंचाई का प्रबंधन मिट्टी की स्थिति, पौधों की अवस्था और मौसम के अनुसार करना चाहिए। यूरिया का इस्तेमाल कृषि विभाग की अनुशंसित मात्रा के अनुसार ही करें। जरूरत से अधिक नाइट्रोजन देने से पत्तियों की वृद्धि बढ़ सकती है, जबकि कंदों के विकास और फसल की गुणवत्ता पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका रहती है।

किसान मोहन सिंह निवासी बैरियां। संवाद

किसान मोहन सिंह निवासी बैरियां। संवाद