{"_id":"6a6ba0b149a404fca001e277","slug":"fir-registered-in-epic-drugs-case-following-court-order-una-news-c-93-1-una1002-200628-2026-07-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Una News: अदालत के आदेश पर एपिक ड्रग्स मामले में एफआईआर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Una News: अदालत के आदेश पर एपिक ड्रग्स मामले में एफआईआर
Fri, 31 Jul 2026 12:36 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Fri, 31 Jul 2026 12:36 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गगरेट (ऊना)। कलोह स्थित एपिक ड्रग्स प्राइवेट लिमिटेड में कथित जबरन कब्जा, तोड़फोड़, चोरी और आईटी उपकरणों से छेड़छाड़ के मामले में अदालत के हस्तक्षेप के बाद तीन नामजद आरोपियों सहित अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। यह एफआईआर अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (एसीजेएम) अंब के आदेश पर दर्ज की गई।
शिकायतकर्ता एवं कंपनी के निदेशक राजेश कुमार ने आरोप लगाया है कि उनकी कंपनी कलोह में संचालित है तथा संबंधित परिसर 11 वर्ष की लीज पर लिया गया था। शिकायत के अनुसार 14 मई 2026 को दोपहर करीब ढाई बजे मुख्य आरोपित गुरजीत कुमार गाबा, देविंदर शर्मा और कामी अपने साथ आठ से 10 अन्य लोगों को लेकर फैक्टरी परिसर में जबरन घुस आए। आरोप है कि उन्होंने सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए, डीवीआर निकाल लिया, कार्यालय में रखे लैपटॉप, कंप्यूटर और अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड को नुकसान पहुंचाया तथा कंपनी के महाप्रबंधक और कर्मचारियों को धमकाते हुए शिकायतकर्ता को परिसर से बेदखल कर दिया।
शिकायतकर्ता का कहना है कि घटना के तुरंत बाद उन्होंने थाना गगरेट तथा बाद में पुलिस अधीक्षक ऊना को भी शिकायतें दीं लेकिन कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई। पुलिस से राहत नहीं मिलने पर उन्होंने अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अंब की अदालत का दरवाजा खटखटाया। इसके बाद अदालत ने थाना गगरेट को तत्काल एफआईआर दर्ज कर नियमानुसार जांच करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
पुलिस अधीक्षक सचिन हिरेमठ का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के प्रावधानों के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। फिलहाल किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
विज्ञापन
शिकायतकर्ता एवं कंपनी के निदेशक राजेश कुमार ने आरोप लगाया है कि उनकी कंपनी कलोह में संचालित है तथा संबंधित परिसर 11 वर्ष की लीज पर लिया गया था। शिकायत के अनुसार 14 मई 2026 को दोपहर करीब ढाई बजे मुख्य आरोपित गुरजीत कुमार गाबा, देविंदर शर्मा और कामी अपने साथ आठ से 10 अन्य लोगों को लेकर फैक्टरी परिसर में जबरन घुस आए। आरोप है कि उन्होंने सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए, डीवीआर निकाल लिया, कार्यालय में रखे लैपटॉप, कंप्यूटर और अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड को नुकसान पहुंचाया तथा कंपनी के महाप्रबंधक और कर्मचारियों को धमकाते हुए शिकायतकर्ता को परिसर से बेदखल कर दिया।
विज्ञापन
शिकायतकर्ता का कहना है कि घटना के तुरंत बाद उन्होंने थाना गगरेट तथा बाद में पुलिस अधीक्षक ऊना को भी शिकायतें दीं लेकिन कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई। पुलिस से राहत नहीं मिलने पर उन्होंने अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अंब की अदालत का दरवाजा खटखटाया। इसके बाद अदालत ने थाना गगरेट को तत्काल एफआईआर दर्ज कर नियमानुसार जांच करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
पुलिस अधीक्षक सचिन हिरेमठ का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के प्रावधानों के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। फिलहाल किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।