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Una News: चेक पर हस्ताक्षर मिलान न होने से जेई पर गिरी गाज
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Thu, 30 Apr 2026 06:00 AM IST
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ऊना। जल शक्ति विभाग ऊना के कनिष्ठ अभियंता (जेई) को सस्पेंड करने के मामले में नए पहलू सामने आए हैं। ब्लॉक संसाधन समन्वयक (बीआरसी) के भुगतान में देरी का एक ओर कारण सामने आया है।
बैंक में जल शक्ति विभाग के चेक पर अधिशासी अभियंता के हस्ताक्षर का मिलान नहीं हुआ। ऐसे में बीआरसी का भुगतान अटक गया। इसकी गाज जल शक्ति विभाग के जेई पर गिरी है।
इस पर उपमुख्यमंत्री के हस्तक्षेप की बात सामने आते ही विभाग के अधीक्षण अभियंता ने आनन फानन में एसडीओ और अधीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया जबकि कनिष्ठ अभियंता को सस्पेंड कर दिया गया।
कनिष्ठ अभियंता को सस्पेंड करने के अगले दिन 28 अप्रैल को बीआरसी को भुगतान कर दिया गया। दूसरी ओर सस्पेंड किए गया कनिष्ठ अभियंता को सर्कल मुख्यालय में तैनात किया गया है। सस्पेंड होने के बाद से जेई सात दिन की मेडिकल लीव पर चला गया है।
विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जल शक्ति उपमंडल नंबर-एक में अधिशासी अभियंता शशि कांत फिलहाल दो महीने से मेडिकल लीव पर हैं। ऐसे में विभाग ने अधिशासी अभियंता ललित कुमार को अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया। बीआरसी के भुगतान के लिए बैंक को जारी किए गए चेक पर मौजूदा अधिशासी अभियंता के हस्ताक्षर किए।
जैसे ही भुगतान का चेक बैंक में गया तो जांच के दौरान चेक पर हस्ताक्षर का मिलान नहीं हुआ। इस मामले के सामने आने के बाद विभाग ने बैंक में हस्ताक्षर अपडेट करवाए। हैरान करने की बात है कि अधिकारी के दो महीने से मेडिकल लीव होने के बावजूद बैंक में अधिशासी अभियंता के हस्ताक्षर तक अपडेट नहीं किए गए। दूसरी ओर करीब छह महीने से भुगतान का इंतजार कर रहे ब्लॉक संसाधन समन्वयकों ने विभाग के इस रवैये की शिकायत उपमुख्यमंत्री से की। जिसके बाद विभाग को इस मामले में कार्रवाई के आदेश दिए थे।
जल जीवन मिशन से जुड़े कर्मचारियों और बीआरसी को वेतन देनेे के लिए विभाग ने 21 अप्रैल को 8.40 लाख रुपये जिला जल एवं स्वच्छता मिशन (डीडब्ल्यूएसएम) ऊना के खाते में जमा करवाए थे। इसके अनुसार बीआरसी को 22 अप्रैल को भुगतान किया जाना था लेकिन विभाग के कुछ अधिकारियों के सुस्त रवैये के कारण इसमें देरी हुई।
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इस पर उपमुख्यमंत्री के हस्तक्षेप की बात सामने आते ही विभाग के अधीक्षण अभियंता ने आनन फानन में एसडीओ और अधीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया जबकि कनिष्ठ अभियंता को सस्पेंड कर दिया गया।
कनिष्ठ अभियंता को सस्पेंड करने के अगले दिन 28 अप्रैल को बीआरसी को भुगतान कर दिया गया। दूसरी ओर सस्पेंड किए गया कनिष्ठ अभियंता को सर्कल मुख्यालय में तैनात किया गया है। सस्पेंड होने के बाद से जेई सात दिन की मेडिकल लीव पर चला गया है।
विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जल शक्ति उपमंडल नंबर-एक में अधिशासी अभियंता शशि कांत फिलहाल दो महीने से मेडिकल लीव पर हैं। ऐसे में विभाग ने अधिशासी अभियंता ललित कुमार को अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया। बीआरसी के भुगतान के लिए बैंक को जारी किए गए चेक पर मौजूदा अधिशासी अभियंता के हस्ताक्षर किए।
जैसे ही भुगतान का चेक बैंक में गया तो जांच के दौरान चेक पर हस्ताक्षर का मिलान नहीं हुआ। इस मामले के सामने आने के बाद विभाग ने बैंक में हस्ताक्षर अपडेट करवाए। हैरान करने की बात है कि अधिकारी के दो महीने से मेडिकल लीव होने के बावजूद बैंक में अधिशासी अभियंता के हस्ताक्षर तक अपडेट नहीं किए गए। दूसरी ओर करीब छह महीने से भुगतान का इंतजार कर रहे ब्लॉक संसाधन समन्वयकों ने विभाग के इस रवैये की शिकायत उपमुख्यमंत्री से की। जिसके बाद विभाग को इस मामले में कार्रवाई के आदेश दिए थे।
जल जीवन मिशन से जुड़े कर्मचारियों और बीआरसी को वेतन देनेे के लिए विभाग ने 21 अप्रैल को 8.40 लाख रुपये जिला जल एवं स्वच्छता मिशन (डीडब्ल्यूएसएम) ऊना के खाते में जमा करवाए थे। इसके अनुसार बीआरसी को 22 अप्रैल को भुगतान किया जाना था लेकिन विभाग के कुछ अधिकारियों के सुस्त रवैये के कारण इसमें देरी हुई।
