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Una News: प्राइमरी स्कूलों में अब टीजीटी और प्रवक्ता भी बच्चों को पढ़ाएंगे
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Thu, 30 Apr 2026 06:54 AM IST
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ऊना। जिला ऊना में प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए शिक्षा विभाग ने सख्त कदम उठाए हैं। अब जरूरत पड़ने पर टीजीटी और प्रवक्ता स्तर के शिक्षक भी प्राइमरी कक्षाओं में पढ़ाई करवाते नजर आएंगे ताकि किसी भी स्कूल में शिक्षण कार्य बाधित न हो।
शिक्षा विभाग की ओर से जारी निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि जिले का कोई भी प्राथमिक विद्यालय एक दिन के लिए भी बिना शिक्षक के नहीं रहना चाहिए। जिन स्कूलों में केवल एक या दो शिक्षक हैं और छात्र संख्या 15 से अधिक है, वहां से किसी शिक्षक को प्रतिनियुक्ति पर नहीं भेजा जाएगा। जिन प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की कमी है, वहां संबंधित क्लस्टर हेड अपने अधीन आने वाले वरिष्ठ माध्यमिक और उच्च विद्यालयों से शिक्षकों को प्रतिनियुक्ति पर भेजेंगे। यह व्यवस्था रोटेशन के आधार पर लागू होगी ताकि सभी स्कूलों में पढ़ाई सुचारु बनी रहे।
निर्देशों में यह भी साफ किया गया है कि आवश्यकता पड़ने पर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों से भी शिक्षकों को प्राथमिक स्कूलों में भेजना अनिवार्य होगा, भले ही वहां स्टाफ की कमी क्यों न हो। यदि कोई शिक्षक या प्रवक्ता प्रतिनियुक्ति पर जाने से इनकार करता है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही क्लस्टर प्रमुखों को अपने अधीन आने वाले सभी प्राथमिक, मिडल और हाई स्कूलों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। हर दो माह में कम से कम एक बार निरीक्षण करना अनिवार्य होगा।
उपनिदेशक उच्च शिक्षा ऊना अनिल कुमार तक्खी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान क्लस्टर हेड पूरे दिन स्कूल में मौजूद रहकर विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर, शिक्षण व्यवस्था, अभिलेखों और स्वच्छता का गहन मूल्यांकन करेंगे। प्रत्येक निरीक्षण की विस्तृत रिपोर्ट उपनिदेशक कार्यालय को भेजनी होगी।
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शिक्षा विभाग की ओर से जारी निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि जिले का कोई भी प्राथमिक विद्यालय एक दिन के लिए भी बिना शिक्षक के नहीं रहना चाहिए। जिन स्कूलों में केवल एक या दो शिक्षक हैं और छात्र संख्या 15 से अधिक है, वहां से किसी शिक्षक को प्रतिनियुक्ति पर नहीं भेजा जाएगा। जिन प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की कमी है, वहां संबंधित क्लस्टर हेड अपने अधीन आने वाले वरिष्ठ माध्यमिक और उच्च विद्यालयों से शिक्षकों को प्रतिनियुक्ति पर भेजेंगे। यह व्यवस्था रोटेशन के आधार पर लागू होगी ताकि सभी स्कूलों में पढ़ाई सुचारु बनी रहे।
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निर्देशों में यह भी साफ किया गया है कि आवश्यकता पड़ने पर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों से भी शिक्षकों को प्राथमिक स्कूलों में भेजना अनिवार्य होगा, भले ही वहां स्टाफ की कमी क्यों न हो। यदि कोई शिक्षक या प्रवक्ता प्रतिनियुक्ति पर जाने से इनकार करता है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही क्लस्टर प्रमुखों को अपने अधीन आने वाले सभी प्राथमिक, मिडल और हाई स्कूलों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। हर दो माह में कम से कम एक बार निरीक्षण करना अनिवार्य होगा।
उपनिदेशक उच्च शिक्षा ऊना अनिल कुमार तक्खी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान क्लस्टर हेड पूरे दिन स्कूल में मौजूद रहकर विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर, शिक्षण व्यवस्था, अभिलेखों और स्वच्छता का गहन मूल्यांकन करेंगे। प्रत्येक निरीक्षण की विस्तृत रिपोर्ट उपनिदेशक कार्यालय को भेजनी होगी।
