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Una News: गगरेट में सियासी संग्राम का आगाज, 21 पंचायतों में महिला शक्ति संभालेगी कमान
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Thu, 09 Apr 2026 06:50 AM IST
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गगरेट (ऊना)। गगरेट विधानसभा क्षेत्र में पंचायत चुनावों की दस्तक के साथ ही सियासी तापमान चरम पर पहुंच गया है। 41 पंचायतों में से 21 पंचायतों में इस बार महिला आरक्षण लागू होने से चुनावी तस्वीर पूरी तरह बदलती नजर आ रही है। रोस्टर जारी होते ही जहां कई पुराने दिग्गजों के समीकरण बिगड़ गए हैं, वहीं नए दावेदारों के लिए सत्ता के दरवाजे खुलते दिखाई दे रहे हैं। इस बार का चुनाव सिर्फ पंचायत स्तर का नहीं बल्कि आने वाले बड़े राजनीतिक मुकाबलों की दिशा तय करने वाला माना जा रहा है। यही वजह है कि हर पंचायत में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और हर कोई अपनी पकड़ मजबूत करने में जुट गया है।
रोस्टर ने बदली चाल, बिछने लगी नई सियासी बिसात
रोस्टर सामने आते ही गगरेट में राजनीतिक गणित पूरी तरह से बदल गया है। जिन पंचायतों में वर्षों से एक ही वर्ग या परिवार का वर्चस्व था, वहां अब तस्वीर बदलने के संकेत मिल रहे हैं। सियासी पंडित दिन-रात जोड़-घटाना कर रहे हैं। कौन किसके साथ जाएगा, कौन किसका खेल बिगाड़ेगा। इसकी गहन गणना जारी है। कई जगह पर पुराने गठबंधन टूटते नजर आ रहे हैं तो वहीं नई जोड़-तोड़ की राजनीति भी तेजी से आकार ले रही है। महिला आरक्षण के चलते अब पर्दे के पीछे रहने वाली महिलाएं भी खुलकर नेतृत्व की भूमिका में आने लगी हैं। ऐसे में कई ‘सरप्राइज’ चेहरे चुनावी मैदान में उतर सकते हैं जो पूरे समीकरण को पलटने की क्षमता रखते हैं।
ठंडी हवाओं में भी उबाल, गांव-गांव में चुनावी चर्चा तेज
सर्द मौसम के बावजूद गगरेट का सियासी माहौल पूरी तरह गरमाया हुआ है। चौपालों से लेकर चाय की दुकानों तक, हर जगह चुनाव ही चर्चा का केंद्र बन चुका है। संभावित उम्मीदवारों ने जनसंपर्क तेज कर दिया है। घर-घर दस्तक, छोटी-छोटी बैठकों का दौर और समर्थकों की लामबंदी लगातार जारी है। गांवों में देर रात तक बैठकों का सिलसिला चल रहा है, जहां रणनीति बनाई जा रही है और जीत के दावे किए जा रहे हैं।
71,223 मतदाता लिखेंगे सत्ता का ‘सेमीफाइनल’ परिणाम
गगरेट विधानसभा क्षेत्र के 71,223 मतदाता इस चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाएंगे। पंचायत चुनावों को विधानसभा चुनावों से पहले का ‘सेमीफाइनल’ माना जा रहा है, ऐसे में हर वोट की अहमियत और भी बढ़ गई है। भले ही पंचायत चुनाव गैर-दलीय होते हैं लेकिन राजनीतिक दलों की सक्रियता साफ नजर आ रही है। उनके समर्थक और कार्यकर्ता पूरी ताकत के साथ मैदान में डटे हुए हैं, जिससे यह चुनाव स्थानीय स्तर पर शक्ति प्रदर्शन का बड़ा मंच बन गया है।
महिला नेतृत्व से बदलाव की आस, नई सोच का होगा आगाज
21 पंचायतों में महिला प्रधान बनने से गगरेट में बदलाव की एक नई उम्मीद जगी है। माना जा रहा है कि महिला नेतृत्व के आने से विकास कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी और शिक्षा, स्वास्थ्य व सामाजिक मुद्दों को नई प्राथमिकता मिलेगी। यह चुनाव केवल प्रतिनिधि चुनने का नहीं बल्कि गगरेट के भविष्य की दिशा तय करने का भी अवसर है। अब देखना दिलचस्प होगा कि मतदाता किसे अपना विश्वास सौंपते हैं और कौन इस सियासी परीक्षा में सफल होकर उभरता है। कुल मिलाकर, गगरेट में चुनावी बिगुल बज चुका है। अब नजरें टिकी हैं जनता के फैसले पर, जो तय करेगा सत्ता का अगला चेहरा।
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रोस्टर ने बदली चाल, बिछने लगी नई सियासी बिसात
रोस्टर सामने आते ही गगरेट में राजनीतिक गणित पूरी तरह से बदल गया है। जिन पंचायतों में वर्षों से एक ही वर्ग या परिवार का वर्चस्व था, वहां अब तस्वीर बदलने के संकेत मिल रहे हैं। सियासी पंडित दिन-रात जोड़-घटाना कर रहे हैं। कौन किसके साथ जाएगा, कौन किसका खेल बिगाड़ेगा। इसकी गहन गणना जारी है। कई जगह पर पुराने गठबंधन टूटते नजर आ रहे हैं तो वहीं नई जोड़-तोड़ की राजनीति भी तेजी से आकार ले रही है। महिला आरक्षण के चलते अब पर्दे के पीछे रहने वाली महिलाएं भी खुलकर नेतृत्व की भूमिका में आने लगी हैं। ऐसे में कई ‘सरप्राइज’ चेहरे चुनावी मैदान में उतर सकते हैं जो पूरे समीकरण को पलटने की क्षमता रखते हैं।
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ठंडी हवाओं में भी उबाल, गांव-गांव में चुनावी चर्चा तेज
सर्द मौसम के बावजूद गगरेट का सियासी माहौल पूरी तरह गरमाया हुआ है। चौपालों से लेकर चाय की दुकानों तक, हर जगह चुनाव ही चर्चा का केंद्र बन चुका है। संभावित उम्मीदवारों ने जनसंपर्क तेज कर दिया है। घर-घर दस्तक, छोटी-छोटी बैठकों का दौर और समर्थकों की लामबंदी लगातार जारी है। गांवों में देर रात तक बैठकों का सिलसिला चल रहा है, जहां रणनीति बनाई जा रही है और जीत के दावे किए जा रहे हैं।
71,223 मतदाता लिखेंगे सत्ता का ‘सेमीफाइनल’ परिणाम
गगरेट विधानसभा क्षेत्र के 71,223 मतदाता इस चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाएंगे। पंचायत चुनावों को विधानसभा चुनावों से पहले का ‘सेमीफाइनल’ माना जा रहा है, ऐसे में हर वोट की अहमियत और भी बढ़ गई है। भले ही पंचायत चुनाव गैर-दलीय होते हैं लेकिन राजनीतिक दलों की सक्रियता साफ नजर आ रही है। उनके समर्थक और कार्यकर्ता पूरी ताकत के साथ मैदान में डटे हुए हैं, जिससे यह चुनाव स्थानीय स्तर पर शक्ति प्रदर्शन का बड़ा मंच बन गया है।
महिला नेतृत्व से बदलाव की आस, नई सोच का होगा आगाज
21 पंचायतों में महिला प्रधान बनने से गगरेट में बदलाव की एक नई उम्मीद जगी है। माना जा रहा है कि महिला नेतृत्व के आने से विकास कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी और शिक्षा, स्वास्थ्य व सामाजिक मुद्दों को नई प्राथमिकता मिलेगी। यह चुनाव केवल प्रतिनिधि चुनने का नहीं बल्कि गगरेट के भविष्य की दिशा तय करने का भी अवसर है। अब देखना दिलचस्प होगा कि मतदाता किसे अपना विश्वास सौंपते हैं और कौन इस सियासी परीक्षा में सफल होकर उभरता है। कुल मिलाकर, गगरेट में चुनावी बिगुल बज चुका है। अब नजरें टिकी हैं जनता के फैसले पर, जो तय करेगा सत्ता का अगला चेहरा।