सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Una News ›   To understand devotion, one needs the courage to go beyond oneself: Atul Krishna

भक्ति को समझने के लिए अपने से आगे जाने का साहस जरूरी : अतुल कृष्ण

संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना Updated Mon, 13 Apr 2026 05:38 AM IST
विज्ञापन
To understand devotion, one needs the courage to go beyond oneself: Atul Krishna
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
Trending Videos

अंब (ऊना) में सूरी स्थित श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव के समापन अवसर पर भागवताचार्य अतुल कृष्ण महाराज ने भक्ति के गहन स्वरूप को समझाया। उन्होंने कहा कि सच्ची भक्ति को समझने के लिए मनुष्य को अपनी सीमित बुद्धि से आगे बढ़ने का साहस करना पड़ता है। जो लोग केवल तर्क और बुद्धि को ही अंतिम सत्य मान लेते हैं, वे भक्ति के वास्तविक अर्थ तक नहीं पहुंच पाते।
महाराज ने बताया कि संसार का एक हिस्सा ऐसा है जिसे मनुष्य अपनी समझ से जान सकता है, लेकिन एक व्यापक सत्य ऐसा भी है जो तर्क से परे है। उस तक पहुंचने के लिए समर्पण, आस्था और विश्वास आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि यदि केवल बुद्धि ही पर्याप्त होती, तो मनुष्य अब तक परमात्मा का अनुभव कर चुका होता।
विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने भक्ति और संसार के अंतर को स्पष्ट करते हुए कहा कि संसार में दौड़ने से उपलब्धियां मिलती हैं, जबकि परमात्मा की प्राप्ति ठहराव और आत्मचिंतन से होती है। धर्म का मूल तत्व ‘अचाह’ यानी इच्छाओं का त्याग है।
समापन सत्र में श्रीकृष्ण के 16108 विवाह, पांडवों के राजसूय यज्ञ, शिशुपाल वध, सुदामा चरित्र और राजा परीक्षित के मोक्ष का भावपूर्ण वर्णन किया गया। कार्यक्रम में अनेक श्रद्धालुओं ने भाग लेकर कथा का श्रवण किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed