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Una News: चिंतपूर्णी कॉलेज को बंद करने के निर्णय का क्षेत्र में विरोध
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Thu, 26 Feb 2026 12:10 AM IST
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भरवाईं(ऊना)। स्वामी विवेकानंद सेवा ट्रस्ट चिंतपूर्णी के अध्यक्ष गौरव कुमार के नेतृत्व में बुधवार को चिंतपूर्णी कॉलेज को बंद किए जाने के विरोध में एक प्रतिनिधिमंडल ने भरवाईं के नायब तहसीलदार के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा। इस अवसर पर महाविद्यालय के विद्यार्थी, अभिभावक-शिक्षक संघ के सदस्य तथा क्षेत्र के लोग उपस्थित रहे। उपस्थित लोगों ने एक स्वर में महाविद्यालय को बंद करने के निर्णय को क्षेत्र के हितों के विरुद्ध बताया। ज्ञापन में कहा गया कि राजकीय महाविद्यालय चिंतपूर्णी क्षेत्र की बेटियों एवं ग्रामीण पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा का एकमात्र सुलभ एवं सुरक्षित केंद्र है।
वर्तमान में लगभग 90 विद्यार्थी कॉलेज में अध्ययनरत हैं, जिनमें लगभग 75 छात्राएं हैं। महाविद्यालय से 15 से 20 पंचायतों के विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि यदि महाविद्यालय को बंद किया गया तो विद्यार्थियों को 30 से 35 किलोमीटर दूर अन्य संस्थानों में जाना पड़ेगा। जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा तथा छात्राओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं उत्पन्न होंगी। ट्रस्ट अध्यक्ष गौरव कुमार ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज के विकास की आधारशिला है और ऐसे में एक सुदीर्घ काल से संचालित शिक्षण संस्थान को बंद करना जनभावनाओं के विपरीत है। उन्होंने राज्यपाल से हस्तक्षेप कर इस निर्णय को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग की। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि सरकार द्वारा इस निर्णय पर पुनर्विचार नहीं किया गया तो शांतिपूर्ण आंदोलन प्रारंभ करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। इस मौके पर पीटीए के प्रधान मनीष कुमार, सदस्य प्रवीण कुमार, महाविद्यालय के छात्र, उनके अभिभावक और स्थानीय लोग भी उपस्थित रहे।
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वर्तमान में लगभग 90 विद्यार्थी कॉलेज में अध्ययनरत हैं, जिनमें लगभग 75 छात्राएं हैं। महाविद्यालय से 15 से 20 पंचायतों के विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि यदि महाविद्यालय को बंद किया गया तो विद्यार्थियों को 30 से 35 किलोमीटर दूर अन्य संस्थानों में जाना पड़ेगा। जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा तथा छात्राओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं उत्पन्न होंगी। ट्रस्ट अध्यक्ष गौरव कुमार ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज के विकास की आधारशिला है और ऐसे में एक सुदीर्घ काल से संचालित शिक्षण संस्थान को बंद करना जनभावनाओं के विपरीत है। उन्होंने राज्यपाल से हस्तक्षेप कर इस निर्णय को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग की। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि सरकार द्वारा इस निर्णय पर पुनर्विचार नहीं किया गया तो शांतिपूर्ण आंदोलन प्रारंभ करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। इस मौके पर पीटीए के प्रधान मनीष कुमार, सदस्य प्रवीण कुमार, महाविद्यालय के छात्र, उनके अभिभावक और स्थानीय लोग भी उपस्थित रहे।
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