{"_id":"695573853d8ebfa4f1002c7a","slug":"the-blood-component-separation-machine-could-not-be-installed-at-the-government-level-in-the-district-una-news-c-93-1-ssml1047-176816-2026-01-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Una News: जिले में सरकारी स्तर पर ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन मशीन नहीं हो पाई स्थापित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Una News: जिले में सरकारी स्तर पर ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन मशीन नहीं हो पाई स्थापित
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Thu, 01 Jan 2026 12:33 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
ऊना। जिले में सरकारी स्तर पर ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन मशीन स्थापित नहीं हो पाई है। आलम यह है कि क्षेत्रीय अस्पताल में रक्त चढ़ाने की सुविधा तो है लेकिन खून से प्लेटलेट्स, प्लाज्मा अलग करने और जरूरतमंद मरीज को प्लेटलेट्स चढ़ाने की सुविधा नहीं है।
ऐसे में मरीजों को टांडा मेडिकल कॉलेज, पीजीआई चंडीगढ़ व निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। अस्पताल में ब्लड सेपरेशन मशीन को स्थापित करने के लिए उच्च अधिकारियों के समक्ष कई बार मांग उठाई गई है। इस मांग पर अभी तक केवल खोखले आश्वासन ही मिले हैं। जिले के सबसे बड़े अस्पताल में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन मशीन की दरकार है। वर्तमान में मरीजों को उपचार के दौरान प्लेटलेट्स कम होने के कारण इसे चढ़ाने की जरूरत पड़ती है। ऐसे में जिले के सरकारी अस्पतालों में इसे लेकर कोई व्यवस्था नहीं है।
अस्पताल प्रबंधन प्लेटलेट्स चढ़ाने को लेकर उपयुक्त मशीन न होने का हवाला देकर मरीजों को रेफर कर देता है। ऐसे में मरीजों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। इसे लेकर स्थानीय लोगों ने विचार सांझा किए।
Trending Videos
ऐसे में मरीजों को टांडा मेडिकल कॉलेज, पीजीआई चंडीगढ़ व निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। अस्पताल में ब्लड सेपरेशन मशीन को स्थापित करने के लिए उच्च अधिकारियों के समक्ष कई बार मांग उठाई गई है। इस मांग पर अभी तक केवल खोखले आश्वासन ही मिले हैं। जिले के सबसे बड़े अस्पताल में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन मशीन की दरकार है। वर्तमान में मरीजों को उपचार के दौरान प्लेटलेट्स कम होने के कारण इसे चढ़ाने की जरूरत पड़ती है। ऐसे में जिले के सरकारी अस्पतालों में इसे लेकर कोई व्यवस्था नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
अस्पताल प्रबंधन प्लेटलेट्स चढ़ाने को लेकर उपयुक्त मशीन न होने का हवाला देकर मरीजों को रेफर कर देता है। ऐसे में मरीजों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। इसे लेकर स्थानीय लोगों ने विचार सांझा किए।