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Una News: नगर निगम क्षेत्र में बनी प्रवासी बस्तियों में शौचालयों की होगी जांच
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Tue, 03 Feb 2026 12:55 AM IST
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ऊना। नगर निगम क्षेत्र में बनी प्रवासी बस्तियों में मूलभूत सुविधाओं की स्थिति को लेकर निगम प्रशासन सख्त हो गया है। स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से नगर निगम द्वारा विशेष टीमें गठित की जाएंगी, जो प्रवासी बस्तियों में जाकर शौचालयों की उपलब्धता का सर्वे करेंगी।
निगम अधिकारियों के अनुसार सर्वे के दौरान यह देखा जाएगा कि प्रत्येक आवास में शौचालय की व्यवस्था है या नहीं। जिन स्थानों पर शौचालय नहीं पाए जाएंगे, वहां संबंधित भूमि मालिकों को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर भूमि मालिकों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। बता दें कि बीते दिनों सांसद अनुराग ठाकुर की अध्यक्षता में हुई दिशा की बैठक में इस समस्या को प्रमुखता से उठाया गया था।
इस दौरान सांसद ने नगर निगम को प्रवासी बस्तियों में शौचालयों की संख्या पता लगाने व शौचालयों का निर्माण न करने वाले भूमि मालिकों पर उचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद अब नगर निगम प्रबंधन ने इस समस्या पर कार्य करने का निर्णय लिया है। निगम प्रबंधन का कहना है कि खुले में शौच की समस्या को समाप्त करने और स्वच्छ भारत मिशन के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए यह अभियान शुरू किया जा रहा है।
सर्वे के बाद रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि प्रवासी बस्तियों में शौचालयों की कमी लंबे समय से समस्या बनी हुई है। शहर में पुराना होशियारपुर मार्ग व अन्य स्थानों पर प्रवासी लोगों की बस्तियां हैं। यह बस्तियां निजी भूमि पर बनी हुई हैं। भूमि मालिक बस्तियों में रहने वाले प्रवासी मजदूरों से किराया भी वसूलते हैं।
ऐसे में नियमों के तहत बस्ती स्थापित करने के साथ लोगों की संख्या के हिसाब से शौचालय बनाना भी जरूरी है लेकिन कई भूमि मालिक इसे नजरअंदाज कर देते हैं। अब निगम ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है।
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निगम अधिकारियों के अनुसार सर्वे के दौरान यह देखा जाएगा कि प्रत्येक आवास में शौचालय की व्यवस्था है या नहीं। जिन स्थानों पर शौचालय नहीं पाए जाएंगे, वहां संबंधित भूमि मालिकों को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर भूमि मालिकों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। बता दें कि बीते दिनों सांसद अनुराग ठाकुर की अध्यक्षता में हुई दिशा की बैठक में इस समस्या को प्रमुखता से उठाया गया था।
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इस दौरान सांसद ने नगर निगम को प्रवासी बस्तियों में शौचालयों की संख्या पता लगाने व शौचालयों का निर्माण न करने वाले भूमि मालिकों पर उचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद अब नगर निगम प्रबंधन ने इस समस्या पर कार्य करने का निर्णय लिया है। निगम प्रबंधन का कहना है कि खुले में शौच की समस्या को समाप्त करने और स्वच्छ भारत मिशन के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए यह अभियान शुरू किया जा रहा है।
सर्वे के बाद रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि प्रवासी बस्तियों में शौचालयों की कमी लंबे समय से समस्या बनी हुई है। शहर में पुराना होशियारपुर मार्ग व अन्य स्थानों पर प्रवासी लोगों की बस्तियां हैं। यह बस्तियां निजी भूमि पर बनी हुई हैं। भूमि मालिक बस्तियों में रहने वाले प्रवासी मजदूरों से किराया भी वसूलते हैं।
ऐसे में नियमों के तहत बस्ती स्थापित करने के साथ लोगों की संख्या के हिसाब से शौचालय बनाना भी जरूरी है लेकिन कई भूमि मालिक इसे नजरअंदाज कर देते हैं। अब निगम ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है।
