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Una News: धूल फांक रही वैन, हवा में उड़ रहे खाद्य सुरक्षा के दावे
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Mon, 15 Jun 2026 11:41 AM IST
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ऊना। जिले में खाद्य पदार्थों की मौके पर जांच के लिए उपलब्ध करवाई गई अत्याधुनिक फूड टेस्टिंग वैन करीब एक साल से बिना स्टाफ के खड़ी है। लाखों रुपये की लागत से तैयार इस मोबाइल प्रयोगशाला का उपयोग न होने से खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े होने लगे हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग को यह वैन बाजारों, मेलों, स्कूलों और सार्वजनिक स्थलों पर खाद्य पदार्थों की जांच के लिए उपलब्ध करवाई गई थी। वैन में दूध, मसाले, तेल, मिठाइयों सहित विभिन्न खाद्य पदार्थों की प्राथमिक जांच के लिए आधुनिक मशीनें और उपकरण लगाए गए हैं।
इसका उद्देश्य मौके पर ही सैंपल लेकर मिलावट की जांच करना और लोगों को तुरंत रिपोर्ट उपलब्ध करवाना था, ताकि मिलावटखोरों पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके। हालांकि वैन मिलने के बाद से इसका एक बार भी उपयोग नहीं हो पाया है।
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तकनीकी स्टाफ और लैब सहायकों की कमी के कारण यह सुविधा शुरू ही नहीं हो सकी। विभाग के पास वैन को संचालित करने के लिए आवश्यक प्रशिक्षित कर्मचारी उपलब्ध नहीं हैं, जिसके चलते पूरी व्यवस्था ठप पड़ी हुई है।
त्योहारी सीजन में नकली मावा, मिलावटी मिठाइयों, रंग मिले मसालों और घटिया खाद्य तेल की शिकायतें अक्सर सामने आती रहती हैं। ऐसे में आधुनिक जांच सुविधा उपलब्ध होने के बावजूद उसका उपयोग न होना लोगों की चिंता बढ़ा रहा है।
उच्च अधिकारियों को लैब संचालन के लिए कर्मचारी मुहैया करवाने लिए आग्रह किया गया है। कर्मचारियों के तैनाती विभाग स्तर पर ही होगी। जगदीश धीमान, सहायक आयुक्त, खाद्य सुरक्षा विभाग, ऊना
खाद्य सुरक्षा विभाग को यह वैन बाजारों, मेलों, स्कूलों और सार्वजनिक स्थलों पर खाद्य पदार्थों की जांच के लिए उपलब्ध करवाई गई थी। वैन में दूध, मसाले, तेल, मिठाइयों सहित विभिन्न खाद्य पदार्थों की प्राथमिक जांच के लिए आधुनिक मशीनें और उपकरण लगाए गए हैं।
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इसका उद्देश्य मौके पर ही सैंपल लेकर मिलावट की जांच करना और लोगों को तुरंत रिपोर्ट उपलब्ध करवाना था, ताकि मिलावटखोरों पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके। हालांकि वैन मिलने के बाद से इसका एक बार भी उपयोग नहीं हो पाया है।
तकनीकी स्टाफ और लैब सहायकों की कमी के कारण यह सुविधा शुरू ही नहीं हो सकी। विभाग के पास वैन को संचालित करने के लिए आवश्यक प्रशिक्षित कर्मचारी उपलब्ध नहीं हैं, जिसके चलते पूरी व्यवस्था ठप पड़ी हुई है।
त्योहारी सीजन में नकली मावा, मिलावटी मिठाइयों, रंग मिले मसालों और घटिया खाद्य तेल की शिकायतें अक्सर सामने आती रहती हैं। ऐसे में आधुनिक जांच सुविधा उपलब्ध होने के बावजूद उसका उपयोग न होना लोगों की चिंता बढ़ा रहा है।
उच्च अधिकारियों को लैब संचालन के लिए कर्मचारी मुहैया करवाने लिए आग्रह किया गया है। कर्मचारियों के तैनाती विभाग स्तर पर ही होगी। जगदीश धीमान, सहायक आयुक्त, खाद्य सुरक्षा विभाग, ऊना