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Una News: साइबर ठगी के शिकार व्यक्ति को मिले आठ लाख रुपये
Thu, 09 Jul 2026 12:12 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Thu, 09 Jul 2026 12:12 AM IST
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ऊना। जिला पुलिस ऊना की त्वरित कार्रवाई से साइबर ठगी का शिकार हुए एक व्यक्ति को राहत मिली है। पुलिस की सक्रियता और संबंधित बैंक व वित्तीय संस्थानों के साथ समयबद्ध समन्वय के चलते पीड़ित के खाते से ठगे गए पूरे आठ लाख रुपये वापस दिला दिए।
पुलिस के अनुसार 24 अप्रैल 2026 को जिला ऊना के एक व्यक्ति ने राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करवाई थी कि उसके साथ आठ लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी हुई है। शिकायत मिलते ही साइबर सेल ऊना ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू की। साइबर सेल ने संबंधित बैंक, वित्तीय संस्थानों और अन्य एजेंसियों से संपर्क कर राशि को समय रहते होल्ड करवाया। लगातार प्रयासों के बाद ठगी गई पूरी आठ लाख रुपये की रकम शिकायतकर्ता को वापस दिलाने में सफलता मिली। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव भाटिया ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि डिजिटल अरेस्ट के नाम पर आने वाली किसी भी फोन कॉल, वीडियो कॉल या ऑनलाइन संदेश पर भरोसा न करें। कोई भी पुलिस, सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग या अन्य सरकारी एजेंसी किसी व्यक्ति को फोन या वीडियो कॉल के माध्यम से डिजिटल अरेस्ट नहीं करती और न ही पैसे ट्रांसफर करने के निर्देश देती है।
155 मामलों में 23.50 लाख रुपये लौटाए
जिला पुलिस के अनुसार साइबर अपराधों के मामलों में त्वरित कार्रवाई के कारण जनवरी 2026 से अब तक साइबर ठगी के 155 मामलों में कुल 23 लाख 50 हजार 996 रुपये की राशि पीड़ितों को वापस करवाई जा चुकी है। पुलिस का कहना है कि समय पर शिकायत मिलने और विभिन्न एजेंसियों के बेहतर समन्वय से ठगी की रकम को सुरक्षित रखने और वापस दिलाने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
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पुलिस के अनुसार 24 अप्रैल 2026 को जिला ऊना के एक व्यक्ति ने राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करवाई थी कि उसके साथ आठ लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी हुई है। शिकायत मिलते ही साइबर सेल ऊना ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू की। साइबर सेल ने संबंधित बैंक, वित्तीय संस्थानों और अन्य एजेंसियों से संपर्क कर राशि को समय रहते होल्ड करवाया। लगातार प्रयासों के बाद ठगी गई पूरी आठ लाख रुपये की रकम शिकायतकर्ता को वापस दिलाने में सफलता मिली। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव भाटिया ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि डिजिटल अरेस्ट के नाम पर आने वाली किसी भी फोन कॉल, वीडियो कॉल या ऑनलाइन संदेश पर भरोसा न करें। कोई भी पुलिस, सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग या अन्य सरकारी एजेंसी किसी व्यक्ति को फोन या वीडियो कॉल के माध्यम से डिजिटल अरेस्ट नहीं करती और न ही पैसे ट्रांसफर करने के निर्देश देती है।
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155 मामलों में 23.50 लाख रुपये लौटाए
जिला पुलिस के अनुसार साइबर अपराधों के मामलों में त्वरित कार्रवाई के कारण जनवरी 2026 से अब तक साइबर ठगी के 155 मामलों में कुल 23 लाख 50 हजार 996 रुपये की राशि पीड़ितों को वापस करवाई जा चुकी है। पुलिस का कहना है कि समय पर शिकायत मिलने और विभिन्न एजेंसियों के बेहतर समन्वय से ठगी की रकम को सुरक्षित रखने और वापस दिलाने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
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