विमल नेगी माैत मामला: सबूत मिटाने की साजिश, पेन ड्राइव से भी छेड़छाड़, चार्जशीट में खुलासा
पावर कॉरपोरेशन के चीफ इंजीनियर विमल नेगी की मौत मामले में सीबीआई ने विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है।
विस्तार
हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के चीफ इंजीनियर विमल नेगी की मौत मामले में सीबीआई ने विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। चार्जशीट में तीन आरोपियों कॉरपोरेशन के तत्कालीन प्रबंध निदेशक हरिकेश मीणा, निदेशक देसराज और एएसआई पंकज को नामजद किया गया है। अब इस हाई प्रोफाइल मामले की नियमित सुनवाई सीबीआई की अदालत में चलेगी। चार्जशीट के मुताबिक, जांच में ये संकेत मिले हैं कि मामले से जुड़े अहम डिजिटल सबूतों के साथ छेड़छाड़ की गई।
पेन ड्राइव जैसे महत्वपूर्ण साक्ष्यों को लेकर संदेह जताया गया है, जिससे यह आशंका है कि सच्चाई को छिपाने की कोशिश की गई। इसी आधार पर आरोपियों के खिलाफ साजिश और सबूत मिटाने जैसे गंभीर आरोप जोड़े गए हैं। हालांकि, जांच एजेंसी ने चार्जशीट दाखिल कर दी है, लेकिन जांच अभी समाप्त नहीं हुई है। सूत्रों के अनुसार मामले में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सहित अन्य अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। सीबीआई अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या इस पूरे मामले में कोई बड़ा नेटवर्क या दबाव तंत्र काम कर रहा था।
आरोप पत्र दाखिल होने के साथ ही सबसे पहले इस पर ऑफिस रिपोर्ट तैयार होगी, जिसमें यह बारीकी से जांचा जाएगा कि चालान के साथ संलग्न सभी दस्तावेज और साक्ष्य अद्यतन (अप टू डेट) हैं या नहीं। अदालत इस बात की गंभीरता से समीक्षा करेगी कि क्या आरोप पत्र उन्हीं कानूनी दिशा-निर्देशों और आदेशों के आधार पर तैयार किया गया है, जो इस जांच के दौरान दिए गए थे।
क्या है मामला
हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के चीफ इंजीनियर विमल नेगी 10 मार्च 2025 को अचानक लापता हुए थे और 18 मार्च को उनका शव बिलासपुर में गोबिंद सागर झील मिला। मौत के बाद परिजनों ने प्रताड़ना का आरोप लगाया था और शिकायत पर पुलिस ने तत्कालीन प्रबंध निदेशक हरिकेश मीणा और निदेशक देसराज सहित अन्य पर मामला दर्ज किया। जांच सीबीआई को सौंपी गई तो इसमें पुलिस के एएसआई पंकज की भूमिका भी संदेह के घेरे में आई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।