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Maharashtra: आदित्य ठाकरे का भाजपा पर हमला, कहा- अयोध्या और उज्जैन के लूटे हुए पैसे से खरीद रहे MP-MLA
Mon, 13 Jul 2026 02:55 AM IST
अमन तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: अमन तिवारी
Updated Mon, 13 Jul 2026 02:55 AM IST
सार
शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने भाजपा पर राम मंदिर दान और मंदिरों की जमीन से जुड़े गंभीर आरोप लगाए है। इसके साथ ही उन्होंने दान में अनियमितताओं की जांच कर रही एजेंसियों पर भी सवाल उठाए।
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शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे
- फोटो : एक्स@AUThackeray
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विस्तार
शिवसेना (यूबीटी) के नेता आदित्य ठाकरे ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अयोध्या के राम मंदिर से लूटे गए पैसे का इस्तेमाल सांसदों और विधायकों को खरीदने के लिए कर रही है। उन्होंने दावा किया कि अयोध्या और मध्य प्रदेश (उज्जैन) के मंदिरों में दान की लूट के आरोपों की तरह ही, भाजपा अब मुंबई के मुंबा देवी मंदिर की जमीन पर भी कब्जा करना चाहती है।
मीडिया से बात करते हुए आदित्य ठाकरे ने कहा, जब से भाजपा बहुमत के आंकड़े से नीचे गिरी है, वे संविधान बदलना चाहते हैं और देश पर अपना खुद का संविधान थोपना चाहते हैं। इसीलिए वे सांसदों और विधायकों को खरीद रहे हैं। उन्हें यह पैसा अयोध्या और उज्जैन में हुई लूट से मिल रहा है। वे मुंबा देवी मंदिर के आसपास की जमीन पर भी कब्जा करना चाहते हैं, और हम इसके खिलाफ भी लड़ेंगे। उल्लेखनीय है कि बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने मुंबा देवी मंदिर के पुनर्विकास की योजना प्रस्तावित की है।
ठाकरे ने राम मंदिर दान में कथित अनियमितताओं के संबंध में केंद्रीय जांच एजेंसियों का दुरुपयोग करने का भी भाजपा पर आरोप लगाया। उन्होंने ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग को भाजपा की कठपुतली बताते हुए राम मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टियों की नियुक्ति पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा, ये एजेंसियां चंपत राय और अनिल मिश्रा के आवास पर जाकर यह क्यों नहीं पूछतीं कि उन्हें ट्रस्ट में किसने नियुक्त किया? इसमें भाजपा, पीएम मोदी या केंद्र सरकार की क्या भूमिका है, क्योंकि ट्रस्टियों की नियुक्ति उन्होंने ही की थी।
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ठाकरे ने आगे कहा कि हमने ही 2018 में पहले मंदिर फिर सरकार की मांग की थी, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने राम जन्मभूमि मामले में फैसला सुनाया था। भाजपा ने व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया, लेकिन वे इसका श्रेय और पैसा दोनों लेना चाहते हैं।
ये भी पढ़ें: Mumbai: बॉलीवुड की चकाचौंध और 10 करोड़ का गबन, फर्जी डॉक्टर ने 28 साल चलाए मेडिकल कैंप; कैसे हुआ गिरफ्तार?
इस गबन को लेकर देश भर में राजनीतिक विवाद गरमाया हुआ है और विशेष जांच दल (SIT) अनियमितताओं की जांच कर रहा है। इस बीच, सुप्रीम कोर्ट सोमवार (13 जुलाई) को उन याचिकाओं पर सुनवाई करने वाला है, जिसमें उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर में दान के कथित दुरुपयोग की स्वतंत्र और अदालत की निगरानी में जांच की मांग की गई है।
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मीडिया से बात करते हुए आदित्य ठाकरे ने कहा, जब से भाजपा बहुमत के आंकड़े से नीचे गिरी है, वे संविधान बदलना चाहते हैं और देश पर अपना खुद का संविधान थोपना चाहते हैं। इसीलिए वे सांसदों और विधायकों को खरीद रहे हैं। उन्हें यह पैसा अयोध्या और उज्जैन में हुई लूट से मिल रहा है। वे मुंबा देवी मंदिर के आसपास की जमीन पर भी कब्जा करना चाहते हैं, और हम इसके खिलाफ भी लड़ेंगे। उल्लेखनीय है कि बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने मुंबा देवी मंदिर के पुनर्विकास की योजना प्रस्तावित की है।
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ठाकरे ने राम मंदिर दान में कथित अनियमितताओं के संबंध में केंद्रीय जांच एजेंसियों का दुरुपयोग करने का भी भाजपा पर आरोप लगाया। उन्होंने ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग को भाजपा की कठपुतली बताते हुए राम मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टियों की नियुक्ति पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा, ये एजेंसियां चंपत राय और अनिल मिश्रा के आवास पर जाकर यह क्यों नहीं पूछतीं कि उन्हें ट्रस्ट में किसने नियुक्त किया? इसमें भाजपा, पीएम मोदी या केंद्र सरकार की क्या भूमिका है, क्योंकि ट्रस्टियों की नियुक्ति उन्होंने ही की थी।
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ठाकरे ने आगे कहा कि हमने ही 2018 में पहले मंदिर फिर सरकार की मांग की थी, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने राम जन्मभूमि मामले में फैसला सुनाया था। भाजपा ने व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया, लेकिन वे इसका श्रेय और पैसा दोनों लेना चाहते हैं।
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इस गबन को लेकर देश भर में राजनीतिक विवाद गरमाया हुआ है और विशेष जांच दल (SIT) अनियमितताओं की जांच कर रहा है। इस बीच, सुप्रीम कोर्ट सोमवार (13 जुलाई) को उन याचिकाओं पर सुनवाई करने वाला है, जिसमें उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर में दान के कथित दुरुपयोग की स्वतंत्र और अदालत की निगरानी में जांच की मांग की गई है।