Sabarimala: सबरीमला मंदिर से सोना चोरी के आरोपी ने खटखटाया कोर्ट का दरवाजा, एक केस में पहले मिल चुकी है जमानत
Sabarimala: सबरीमला मंदिर से सोना गायब होने के मामले में मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी जमानत के लिए कोर्ट पहुंचा है। उसका कहना है कि गिरफ्तारी के 90 दिन पूरे होने के बावजूद एसआईटी ने अब तक चार्जशीट दाखिल नहीं की है। ऐसे में उसे जमानत दिया जाए।
विस्तार
सबरीमला मंदिर से सोना गायब होने के मामले में मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी ने अपने खिलाफ दर्ज दूसरे मामले में जमानत के लिए अदालत में अर्जी दी है। उसने कोल्लम की विजिलेंस अदालत से वैधानिक जमानत की मांग की है। इससे पहले पोट्टी को द्वारपालक (रक्षक देवता) की मूर्तियों से सोना गायब होने के मामले में जमानत मिल चुकी है। अब उसने श्रीकोविल (गर्भगृह) के दरवाजों के फ्रेम से सोना गायब होने से जुड़े केस में भी जमानत मांगी है।
90 दिन बीतने पर मांगी जमानत
पोट्टी ने अपनी अर्जी में कहा है कि उसकी गिरफ्तारी के 90 दिन पूरे हो चुके हैं, लेकिन विशेष जांच दल (एसआईटी) अब तक चार्जशीट दाखिल नहीं कर पाया है। ऐसे में कानून के तहत उसे जमानत का हक है। अदालत इस याचिका पर सोमवार को सुनवाई करेगी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अगर जमानत मिलती है तो पोट्टी को जेल से रिहा कर दिया जाएगा।
2019 में हुआ था काम, वहीं हुआ नुकसान
एसआईटी के अनुसार, साल 2019 में द्वारपालक की सोने से मढ़ी मूर्तियों और श्रीकोविल के दरवाजों पर इलेक्ट्रोप्लेटिंग का काम पोट्टी की पहल पर कराया गया था। यह काम चेन्नई की एक कंपनी में हुआ था। जांच एजेंसी को शक है कि इसी दौरान सोना कम हुआ।
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अन्य आरोपियों को भी मिल चुकी है जमानत
इस मामले में इससे पहले त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) के दो अधिकारियों को जमानत मिल चुकी है। वहीं, पूर्व टीडीबी कार्यकारी अधिकारी डी. सुधीश कुमार की जमानत याचिका पर भी अदालत सुनवाई करेगी। कुमार दोनों मामलों में 90 दिन की न्यायिक हिरासत पूरी कर चुके हैं। वे एक मामले में तीसरे और दूसरे में पांचवें आरोपी हैं।
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कितने आरोपी, क्यों हुई देरी
द्वारपालक से सोना गायब होने के मामले में कुल 16 आरोपी हैं, जबकि श्रीकोविल के दरवाजों से जुड़े मामले में 13 आरोपी हैं। एसआईटी ने बताया कि जांच पूरी हो चुकी है, लेकिन वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट का इंतजार होने के कारण चार्जशीट दाखिल करने में देरी हुई। हालांकि, एजेंसी इस महीने के भीतर चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है। पिछले हफ्ते केरल हाईकोर्ट ने भी चार्जशीट दाखिल करने में देरी को लेकर एसआईटी की कड़ी आलोचना की थी, जिसके चलते कुछ आरोपियों को वैधानिक जमानत मिल चुकी है।
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