सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   aimim chief asaduddin Owaisi questions RSS role in India freedom struggle khilafat movement

Owaisi: 'आरएसएस संस्थापक खिलाफत आंदोलन के समर्थन के लिए जेल गए', ओवैसी ने संघ को निशाने पर क्यों लिया?

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छत्रपति संभाजीनगर Published by: नितिन गौतम Updated Tue, 13 Jan 2026 10:06 AM IST
विज्ञापन
सार

महाराष्ट्र में निकाय चुनाव के लिए प्रचार चरम पर है। छत्रपति संभाजीनगर में एक जनसभा के दौरान ओवैसी ने आरएसएस पर निशाना साधा और दावा किया कि संघ के संस्थापक केबी हेडगेवार खिलाफत आंदोलन के समर्थन के लिए जेल गए। साथ ही ओवैसी ने अवैध बांग्लादेशियों के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा।

aimim chief asaduddin Owaisi questions RSS role in India freedom struggle khilafat movement
असदुद्दीन ओवैसी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
Follow Us

एआईएमआईएम के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने महाराष्ट्र में एक जनसभा के दौरान अपने संबोधन में देश की आजादी की लड़ाई में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि संघ के संस्थापक केबी हेडगेवार को ब्रिटिश शासन का विरोध करने के लिए नहीं बल्कि खिलाफत आंदोलन का समर्थन करने के लिए जेल की सजा हुई थी। 
Trending Videos


ओवैसी ने भाजपा पर देश में हिंदुत्ववादी एजेंडा बढ़ाने का आरोप लगाया
महाराष्ट्र निकाय चुनाव के लिए छत्रपति संभाजीनगर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने दावा किया कि इस क्षेत्र में बांग्लादेशी नहीं हैं और अगर यहां कोई भी बांग्लादेशी मिलता है तो ये नरेंद्र मोदी सरकार की असफलता है। ओवैसी ने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार देश में हिदुत्व का एजेंडा बढ़ाने में लगी है और अपनी असफलताओं से लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। संघ पर निशाना साधते हुए ओवैसी ने कहा, 'क्या आरएसएस का ऐसा कोई भी नेता है, जो अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए जेल गया हो? वे कहते हैं कि हेडगेवार जेल गए थे, लेकिन वे खिलाफत आंदोलन का समर्थन करने के लिए जेल गए थे और आज ये लोग मुसलमानों के खिलाफ नफरत फैलाते हैं।'
विज्ञापन
विज्ञापन



ये भी पढ़ें- Maharashtra: रामदास अठावले का दावा- चुनाव के बाद भाजपा के साथ रहते तो उद्धव को नहीं खोना पड़ता चुनाव चिन्ह

क्या था खिलाफत आंदोलन
खिलाफत आंदोलन (1919 से 1924) मुसलमानों का एक आंदोलन था। यह आंदोलन प्रथम विश्व युद्ध के बाद तुर्किए के खलीफा (इस्लाम के आध्यात्मिक प्रमुख) के पद की बहाली और ओटोमन साम्राज्य के विघटन के विरोध में चलाया गया था। जिसका नेतृत्व अली बंधुओं (मोहम्मद अली और शौकत अली) ने किया, जिसे महात्मा गांधी और कांग्रेस ने भी समर्थन दिया था। 

ओवैसी ने इन मुद्दों पर सरकार को घेरा
  • एआईएमआईएम के अध्यक्ष ने कहा, 'आरएसएस हमें देशभक्ति का ज्ञान देता है, लेकिन क्या उनमें से किसी ने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई में अपनी जान गंवाई? इसके बजाय, मुंबई के यूसुफ मेहरअली ने 'भारत छोड़ो' और 'साइमन गो बैक' के नारे दिए थे। वे इतिहास नहीं पढ़ते और हम पर बांग्लादेशी होने का आरोप लगाते हैं।'
  • ओवैसी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पुलिस, खुफिया विभाग और सीमा नियंत्रण बल होने के बावजूद, वे बांग्लादेश सीमा पर 10 किलोमीटर की बाड़ भी पूरी नहीं कर पाए।
  • उन्होंने कहा, 'चीन और आईएसआई बांग्लादेश पहुंच गए हैं, और भाजपा और आरएसएस यहां 'बांग्लादेश-बांग्लादेश' कह रहे हैं।' उन्होंने लोगों से आने वाले नगर निगम चुनावों में लोगों से बड़ी संख्या में वोट डालने की अपील की।
  • एसआईआर प्रक्रिया पर निशाना साधते हुए ओवैसी ने कहा, नागरिकता कानून के अनुसार, नागरिकता पर सवाल उठाने का अधिकार गृह मंत्रालय के पास है लेकिन मोदी सरकार ने ये जिम्मेदारियां चुनाव आयोग को दे दी हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed