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Hindi News ›   India News ›   Amarnath Yatra 2026 PM Modi Writes to Pilgrims, Urges Safe Journey and Five Key Resolutions

अमरनाथ यात्रा 2026: पीएम मोदी ने श्रद्धालुओं को लिखा पत्र, सुरक्षित यात्रा के साथ पांच संकल्प लेने की अपील

Fri, 03 Jul 2026 10:03 AM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Fri, 03 Jul 2026 10:03 AM IST
सार

Amarnath Yatra 2026: अमरनाथ यात्रा के शुभारंभ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रद्धालुओं के नाम पत्र लिखकर सुरक्षित यात्रा और पांच संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने स्वच्छता, सुरक्षा नियमों का पालन, 'वोकल फॉर लोकल', 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान और 'राष्ट्र प्रथम' की भावना पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने यात्रा को भारत की सांस्कृतिक एकता और सनातन परंपरा का प्रतीक बताते हुए सभी श्रद्धालुओं की सुरक्षित यात्रा की कामना की।

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Amarnath Yatra 2026 PM Modi Writes to Pilgrims, Urges Safe Journey and Five Key Resolutions
पीएम मोदी का पत्र - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

अमरनाथ यात्रा शुरू होने के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के श्रद्धालुओं के नाम एक विशेष पत्र लिखकर उन्हें शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि बाबा बर्फानी के दर्शन हर शिवभक्त के लिए सौभाग्य का विषय हैं और यह यात्रा केवल धार्मिक आस्था का नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक है। प्रधानमंत्री ने श्रद्धालुओं से सुरक्षित यात्रा करने, पर्यावरण की रक्षा करने और स्थानीय लोगों का सहयोग करने की अपील की। साथ ही उन्होंने पांच महत्वपूर्ण संकल्प लेने का भी आग्रह किया, ताकि यह यात्रा आस्था के साथ-साथ सेवा और राष्ट्र निर्माण का संदेश भी दे सके।

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प्रधानमंत्री ने अपने पत्र में कहा कि ज्येष्ठ पूर्णिमा पर प्रथम पूजा के साथ ही बाबा अमरनाथ के दर्शन का पावन क्रम शुरू हो जाता है और देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु इस यात्रा में शामिल होने पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि अमरनाथ धाम की यात्रा आध्यात्मिक ऊर्जा देने के साथ-साथ भारत की विविधता में एकता की भावना को भी मजबूत करती है। अलग-अलग राज्यों, भाषाओं और परंपराओं से जुड़े लोग एक ही आस्था के साथ बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। प्रधानमंत्री ने यात्रा के सफल संचालन के लिए श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड, जम्मू-कश्मीर प्रशासन, भारतीय सेना, सीआरपीएफ, जम्मू-कश्मीर पुलिस, आईटीबीपी, बीएसएफ, एनडीआरएफ, चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों, सफाई कर्मचारियों और स्वयंसेवकों के योगदान की भी सराहना की।
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प्रधानमंत्री ने श्रद्धालुओं से कौन-कौन से संकल्प लेने की अपील की?

प्रधानमंत्री मोदी ने श्रद्धालुओं से पांच महत्वपूर्ण संकल्प लेने का आग्रह किया। उन्होंने यात्रा मार्ग पर स्वच्छता बनाए रखने और किसी भी तरह की गंदगी न फैलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी श्रद्धालु प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के दिशा-निर्देशों का पूरी निष्ठा से पालन करें तथा बारिश, ठंड और कठिन मौसम को देखते हुए पूरी सावधानी बरतें। इसके अलावा उन्होंने 'वोकल फॉर लोकल' का संदेश देते हुए आग्रह किया कि यात्रा पर होने वाले कुल खर्च का कम से कम 10 प्रतिशत हिस्सा जम्मू-कश्मीर के स्थानीय उत्पादों की खरीद पर खर्च करें, ताकि स्थानीय लोगों की आजीविका मजबूत हो सके। उन्होंने रक्षाबंधन के अवसर पर 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत पौधा लगाने और 'राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करने का भी आह्वान किया।

ये भी पढ़ें- Amarnath Yatra: एलजी सिन्हा ने तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को रवाना किया, इस साल टूट सकता है रिकॉर्ड

अमरनाथ यात्रा को सांस्कृतिक एकता का प्रतीक क्यों बताया?

प्रधानमंत्री ने कहा कि अमरनाथ यात्रा केवल भगवान शिव के दर्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत की सनातन परंपरा, सेवा भाव और सांस्कृतिक एकता का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान जम्मू-कश्मीर के स्थानीय नागरिक श्रद्धालुओं का आत्मीय स्वागत करते हैं, जबकि देशभर से आने वाले लोग लंगर और भंडारों के माध्यम से निःस्वार्थ सेवा करते हैं। यह परंपरा भारतीय संस्कृति के 'सर्वे भवन्तु सुखिनः' के आदर्श को मजबूत करती है और देशवासियों के बीच भाईचारे तथा एकता का संदेश देती है।

यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए क्या सलाह दी गई?

प्रधानमंत्री ने श्रद्धालुओं से कहा कि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें। मौसम संबंधी चेतावनियों और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों और प्रशासन का उद्देश्य प्रत्येक श्रद्धालु की यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाना है। इसलिए सभी लोग सहयोग की भावना से यात्रा करें और नियमों का पालन करें। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी श्रद्धालुओं के सहयोग से इस वर्ष की यात्रा शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सफल होगी।

प्रधानमंत्री ने पत्र के अंत में क्या संदेश दिया?

अपने पत्र के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने बाबा अमरनाथ से सभी श्रद्धालुओं के सुख, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। उन्होंने कहा कि बाबा बर्फानी सभी के जीवन में नई ऊर्जा, नई चेतना और आध्यात्मिक शक्ति का संचार करें। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि इस वर्ष की अमरनाथ यात्रा आस्था, सेवा, सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रभक्ति का भव्य उत्सव बनेगी तथा हर श्रद्धालु सुरक्षित और मंगलमय यात्रा पूरी करके अपने घर लौटेगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने श्रद्धालुओं से पांच महत्वपूर्ण संकल्प लेने का आग्रह किया। उन्होंने यात्रा मार्ग पर स्वच्छता बनाए रखने और किसी भी तरह की गंदगी न फैलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी श्रद्धालु प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के दिशा-निर्देशों का पूरी निष्ठा से पालन करें तथा बारिश, ठंड और कठिन मौसम को देखते हुए पूरी सावधानी बरतें। इसके अलावा उन्होंने 'वोकल फॉर लोकल' का संदेश देते हुए आग्रह किया कि यात्रा पर होने वाले कुल खर्च का कम से कम 10 प्रतिशत हिस्सा जम्मू-कश्मीर के स्थानीय उत्पादों की खरीद पर खर्च करें, ताकि स्थानीय लोगों की आजीविका मजबूत हो सके। उन्होंने रक्षाबंधन के अवसर पर 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत पौधा लगाने और 'राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करने का भी आह्वान किया।

अमरनाथ यात्रा को सांस्कृतिक एकता का प्रतीक क्यों बताया?

प्रधानमंत्री ने कहा कि अमरनाथ यात्रा केवल भगवान शिव के दर्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत की सनातन परंपरा, सेवा भाव और सांस्कृतिक एकता का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान जम्मू-कश्मीर के स्थानीय नागरिक श्रद्धालुओं का आत्मीय स्वागत करते हैं, जबकि देशभर से आने वाले लोग लंगर और भंडारों के माध्यम से निःस्वार्थ सेवा करते हैं। यह परंपरा भारतीय संस्कृति के 'सर्वे भवन्तु सुखिनः' के आदर्श को मजबूत करती है और देशवासियों के बीच भाईचारे तथा एकता का संदेश देती है।

यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए क्या सलाह दी गई?

प्रधानमंत्री ने श्रद्धालुओं से कहा कि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें। मौसम संबंधी चेतावनियों और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों और प्रशासन का उद्देश्य प्रत्येक श्रद्धालु की यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाना है। इसलिए सभी लोग सहयोग की भावना से यात्रा करें और नियमों का पालन करें। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी श्रद्धालुओं के सहयोग से इस वर्ष की यात्रा शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सफल होगी।

प्रधानमंत्री ने पत्र के अंत में क्या संदेश दिया?

अपने पत्र के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने बाबा अमरनाथ से सभी श्रद्धालुओं के सुख, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। उन्होंने कहा कि बाबा बर्फानी सभी के जीवन में नई ऊर्जा, नई चेतना और आध्यात्मिक शक्ति का संचार करें। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि इस वर्ष की अमरनाथ यात्रा आस्था, सेवा, सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रभक्ति का भव्य उत्सव बनेगी तथा हर श्रद्धालु सुरक्षित और मंगलमय यात्रा पूरी करके अपने घर लौटेगा।

 

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