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PM Modi Visit: 'भारत की अर्थव्यवस्था पर हमारी नजर', पीएम मोदी के दौरे से पहले न्यूजीलैंड ने क्यों कहा ऐसा?
Fri, 03 Jul 2026 11:51 AM IST
Asmita Tripathi
आईएएनएस, नई दिल्ली
आईएएनएस, नई दिल्ली
Published by: Asmita Tripathi
Updated Fri, 03 Jul 2026 11:51 AM IST
सार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले सप्ताह पहली आधिकारिक न्यूजीलैंड यात्रा पर जाएंगे। प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने इसे दोनों देशों के संबंधों के लिए अहम बताया। वहीं, इस दौरे से मुक्त व्यापार समझौते से व्यापार, निवेश, रोजगार और निर्यात बढ़ने की उम्मीद है।
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पीएम मोदी का न्यूजीलैंड दौरा
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले सप्ताह न्यूजीलैंड की अपनी पहली आधिकारिक यात्रा करेंगे। इस पर न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड की आर्थिक समृद्धि के लिए भारत बहुत महत्वपूर्ण देश है।
पीएम लक्सन ने एक्स पर क्या कहा?
न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने शुक्रवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, 'मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले हफ्ते न्यूजीलैंड की अपनी पहली आधिकारिक यात्रा पर आएंगे।' दोनों देशों के बीच संबंधों के महत्व का जिक्र करते हुए पीएम क्रिस्टोफर ने कहा, 'भारत दुनिया की सबसे बड़ी और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और न्यूजीलैंड की आर्थिक समृद्धि के लिए बहुत महत्वपूर्ण देश है।'
न्यूजीलैंड-भारत मुक्त व्यापार को लेकर क्या कहा?
उन्होंने आगे लिखा, 'हम अप्रैल में हुए न्यूजीलैंड-भारत मुक्त व्यापार समझौते के जरिए दोनों देशों के रिश्तों को एक नए स्तर पर ले जा रहे हैं। इससे न्यूजीलैंड में अधिक रोजगार मिलेगा, निर्यात बढ़ेगा और आर्थिक विकास मजबूत होगा। इससे 1.4 अरब की आबादी वाले भारतीय बाजार में हमारे वस्तुओं और सेवाओं के निर्यात के नए अवसर खुलेंगे, जिससे न्यूजीलैंड के समुदायों में अधिक पैसा आएगा, नए रोजगार सृजित होंगे और आय में वृद्धि होगी।'
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10 जुलाई को ऑकलैंड पहुंचेंगे पीएम मोदी
बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी 10 जुलाई को ऑकलैंड पहुंचेंगे और 11 जुलाई को वहां से रवाना होंगे। उनकी यह यात्रा भारत और न्यूजीलैंड के बीच ऐतिहासिक व्यापार समझौते के लगभग दो महीने बाद हो रही है। अप्रैल में भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता हुआ। इस समझौते से दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश के संबंध काफी मजबूत होने की उम्मीद है। भारत और न्यूजीलैंड ने 16 मार्च 2025 को मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लिए बातचीत की घोषणा की और रिकॉर्ड 9 महीनों में इसे पूरा किया, जिसके चलते यह अब तक का सबसे तेजी से पूरा होने वाला मुक्त व्यापार समझौता बन गया।
मुक्त व्यापार समझौते के अंतर्गत क्या होगा?
एफटीए पर हस्ताक्षर से न्यूजीलैंड में भारतीय निर्यात के लिए बाजार पहुंच और टैरिफ में छूट में बढ़ोतरी होगी। इसके साथ ही यह विस्तृत ओशिनिया और प्रशांत द्वीप बाजारों के लिए एक प्रवेश द्वार के तौर पर कार्य करेगा। मुक्त व्यापार समझौते के अंतर्गत भारतीय निर्यात पर लगने वाला 100 प्रतिशत शुल्क खत्म कर दिया गया है। न्यूजीलैंड भारत में 20 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश करेगा, जिससे दीर्घकालिक आर्थिक संबंध मजबूत होंगे।
न्यूजीलैंड ने भारत में कीवी फल, सेब और शहद के उत्पादकों की उत्पादकता, गुणवत्ता और क्षेत्रीय क्षमताओं में सुधार लाने के लिए इन फलों के लिए केंद्रित कार्य योजनाओं पर सहमति जताई है। इसके साथ ही भारत में न्यूजीलैंड से चयनित कृषि उत्पादों (सेब, कीवी, मनुका शहद) और एल्ब्यूमिन के लिए बाजार पहुंच सुनिश्चित की जाएगी। कृषि के अंतर्गत सहयोग के क्षेत्रों में बागवानी, शहद उत्पादन, वानिकी, पशुधन, मत्स्य पालन, मधुमक्खी पालन और शराब क्षेत्र भी शामिल हैं।
भारत और न्यूजीलैंड की साझेदारी आर्थिक परिस्थितियों और मजबूत जन-संबंधों पर आधारित है। वर्तमान में न्यूजीलैंड ओशिनिया में भारत का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। 2024 में न्यूजीलैंड का आयात 47 बिलियन अमेरिकी डॉलर और निर्यात 42 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा। न्यूजीलैंड अपनी जीडीपी का लगभग 8 प्रतिशत वार्षिक रूप से विदेशों में निवेश करता है।
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पीएम लक्सन ने एक्स पर क्या कहा?
न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने शुक्रवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, 'मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले हफ्ते न्यूजीलैंड की अपनी पहली आधिकारिक यात्रा पर आएंगे।' दोनों देशों के बीच संबंधों के महत्व का जिक्र करते हुए पीएम क्रिस्टोफर ने कहा, 'भारत दुनिया की सबसे बड़ी और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और न्यूजीलैंड की आर्थिक समृद्धि के लिए बहुत महत्वपूर्ण देश है।'
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न्यूजीलैंड-भारत मुक्त व्यापार को लेकर क्या कहा?
उन्होंने आगे लिखा, 'हम अप्रैल में हुए न्यूजीलैंड-भारत मुक्त व्यापार समझौते के जरिए दोनों देशों के रिश्तों को एक नए स्तर पर ले जा रहे हैं। इससे न्यूजीलैंड में अधिक रोजगार मिलेगा, निर्यात बढ़ेगा और आर्थिक विकास मजबूत होगा। इससे 1.4 अरब की आबादी वाले भारतीय बाजार में हमारे वस्तुओं और सेवाओं के निर्यात के नए अवसर खुलेंगे, जिससे न्यूजीलैंड के समुदायों में अधिक पैसा आएगा, नए रोजगार सृजित होंगे और आय में वृद्धि होगी।'
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10 जुलाई को ऑकलैंड पहुंचेंगे पीएम मोदी
बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी 10 जुलाई को ऑकलैंड पहुंचेंगे और 11 जुलाई को वहां से रवाना होंगे। उनकी यह यात्रा भारत और न्यूजीलैंड के बीच ऐतिहासिक व्यापार समझौते के लगभग दो महीने बाद हो रही है। अप्रैल में भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता हुआ। इस समझौते से दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश के संबंध काफी मजबूत होने की उम्मीद है। भारत और न्यूजीलैंड ने 16 मार्च 2025 को मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लिए बातचीत की घोषणा की और रिकॉर्ड 9 महीनों में इसे पूरा किया, जिसके चलते यह अब तक का सबसे तेजी से पूरा होने वाला मुक्त व्यापार समझौता बन गया।
मुक्त व्यापार समझौते के अंतर्गत क्या होगा?
एफटीए पर हस्ताक्षर से न्यूजीलैंड में भारतीय निर्यात के लिए बाजार पहुंच और टैरिफ में छूट में बढ़ोतरी होगी। इसके साथ ही यह विस्तृत ओशिनिया और प्रशांत द्वीप बाजारों के लिए एक प्रवेश द्वार के तौर पर कार्य करेगा। मुक्त व्यापार समझौते के अंतर्गत भारतीय निर्यात पर लगने वाला 100 प्रतिशत शुल्क खत्म कर दिया गया है। न्यूजीलैंड भारत में 20 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश करेगा, जिससे दीर्घकालिक आर्थिक संबंध मजबूत होंगे।
न्यूजीलैंड ने भारत में कीवी फल, सेब और शहद के उत्पादकों की उत्पादकता, गुणवत्ता और क्षेत्रीय क्षमताओं में सुधार लाने के लिए इन फलों के लिए केंद्रित कार्य योजनाओं पर सहमति जताई है। इसके साथ ही भारत में न्यूजीलैंड से चयनित कृषि उत्पादों (सेब, कीवी, मनुका शहद) और एल्ब्यूमिन के लिए बाजार पहुंच सुनिश्चित की जाएगी। कृषि के अंतर्गत सहयोग के क्षेत्रों में बागवानी, शहद उत्पादन, वानिकी, पशुधन, मत्स्य पालन, मधुमक्खी पालन और शराब क्षेत्र भी शामिल हैं।
भारत और न्यूजीलैंड की साझेदारी आर्थिक परिस्थितियों और मजबूत जन-संबंधों पर आधारित है। वर्तमान में न्यूजीलैंड ओशिनिया में भारत का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। 2024 में न्यूजीलैंड का आयात 47 बिलियन अमेरिकी डॉलर और निर्यात 42 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा। न्यूजीलैंड अपनी जीडीपी का लगभग 8 प्रतिशत वार्षिक रूप से विदेशों में निवेश करता है।