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NIDMS: आपात स्थिति में देश के किसी भी कोने में 90 मिनट में पहुंचेगी NSG, दिल्ली में तैनात है ये घातक ग्रुप

डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला Published by: संध्या Updated Fri, 09 Jan 2026 05:47 PM IST
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सार

दिल्ली में सुरक्षा को बढ़ाने के लिए काउंटर टेररिज्म और एंटी-हाइजैकिंग ग्रुप की तैनाती की गई है। अमित शाह ने आज NIDMS की उद्घाटन किया। इससे सुरक्षा का डेटा आराम से सुरक्षा एजेंसियों को मिलेगा

Amit Shah inaugurated the National Security Guard NSG NIDMS
दिल्ली में एनआईडीएमएस का उद्घाटन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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देश के किसी भी कोने में आपात स्थिति में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) एक-डेढ़ घंटे में पहुंच सकेगी। दिल्ली में स्पेशल एक्शन ग्रुप्स हैं, जो काउंटर टेररिज्म और एंटी-हाइजैकिंग ग्रुप के रूप में स्थापित किए गए हैं। एक प्रकार से एनएसजी 365 दिन और 24 घंटे हमेशा पंजों पर रहती है। निश्चित रूप से इसका फायदा देश को मिला है। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को नई दिल्ली में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड 'एनएसजी' के National IED Data Management System (NIDMS) का उद्घाटन करते हुए यह बात कही है। 

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शाह ने कहा, एनआईडीएमएस आगामी दिनों में देश में होने वाली सभी प्रकार की आतंकवादी घटनाओं की जांच और उनके विभिन्न पहलुओं के विश्लेषण में अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगा। साथ ही, एनआईडीएमएस आतंकवाद के विरुद्ध नेक्स्ट जेनरेशन सुरक्षा कवच बनेगा। गृह मंत्रालय ने विगत वर्षों में विभिन्न प्रकार के डेटा सृजित किए हैं, लेकिन अब तक वे अलग-अलग थे। अब इन सभी डेटा स्रोतों को एक-दूसरे से जोड़ने और उनके विश्लेषण के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित एक उन्नत सॉफ्टवेयर विकसित करने का प्रयास कर रहे हैं। 

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आतंकवाद से सुरक्षित में मिलेगी मदद

एनआईडीएमएस की आज की यह शुरुआत इस प्रक्रिया को गति प्रदान करेगी और देश को आतंकवाद से सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होगी।

अमित शाह ने कहा, एनआईडीएमएस से एनआईए, देशभर की एटीएस, राज्यों की पुलिस और सभी सीएपीएफ को एक वृहद, एकीकृत और ऑनलाइन डेटा प्लेटफॉर्म उपलब्ध होगा, जो दो-तरफा होगा। किसी भी स्थान पर हुए विस्फोट या आईईडी संबंधी घटना का डेटा इस सिस्टम में शामिल किया जा सकेगा। इस डेटा का उपयोग करके हर राज्य में जांच के दौरान आवश्यक गाइडेंस प्राप्त हो सकेगी। उन्होंने कहा कि एनआईडीएमएस, आतंकी गतिविधियों की जांच, विस्फोटों के ट्रेंड समझने और उनके खिलाफ प्रभावी रणनीति बनाने में अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगा।

देशभर की पुलिस और एजेंसियों को मिलेगा एनएसजी का डेटा

एनएसजी के पास जो डेटाबेस उपलब्ध है, उसमें 1999 से लेकर अब तक सभी बम विस्फोटों से संबंधित डेटा संग्रहीत है। एनआईडीएमएस के माध्यम से यह डेटा अब देशभर की पुलिस और संबंधित एजेंसियों को उपलब्ध होगा। एनआईडीएमएस, देश में अब तक हुए बम विस्फोटों के पैटर्न, मॉड्स आपरेंडी और इस्तेमाल हुए विस्फोटकों का सटीक विश्लेषण करने का मजबूत प्लेटफॉर्म बनेगा। इससे घटनाओं की आपसी लिंकेज—एमओ और सर्किट पद्धति के आधार पर तथा समग्र ट्रेंड और इनसाइट को समझने में बहुत बड़ी मदद मिलेगी। एनआईडीएमएस एक सुरक्षित राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसके माध्यम से देशभर की बम विस्फोट संबंधी घटनाओं का संगठित रूप से सटीक विश्लेषण किया जा सकेगा। 

यह प्लेटफॉर्म आईईडी संबंधित डेटा को संकलित करने, मानकीकृत करने, संयोजित करने और सुरक्षित तरीके से साझा करने की प्रक्रिया को मजबूती प्रदान करेगा। एनआईडीएमएस, इन्वेस्टिगेशन एजेंसियों और एंटी टेरर ऑर्गनाइजेशन के लिए अलग-अलग केस फाइलों में बिखरे डेटा का सिंगल क्लिक एक्सेस विंडो होगा। इससे केन्द्र एवं राज्यों की जांच एजेंसियों, आतंकवाद-निरोधक संगठनों और सभी सीएपीएफ को डेटा तत्काल उपलब्ध हो सकेगा। इस प्लेटफॉर्म से हमारे देश के आंतरिक सुरक्षा तंत्र को तीन प्रमुख तरीकों से लाभ हो सकेगा।

गृह मंत्री ने कहा कि 'One Nation, One Data Repository' के माध्यम से अलग-अलग विभागों में बिखरा डेटा अब एक राष्ट्रीय संपत्ति के रूप में हर पुलिस इकाई को उपलब्ध होगा। 

इससे अभियोजन की गति और गुणवत्ता दोनों में बहुत अच्छा और सकारात्मक बदलाव आएगा। हम पैटर्न को भी आसानी से समझ पाएंगे। पैटर्न को समझने से वैज्ञानिक साक्ष्य आधारित अभियोजन संभव होगा। साथ ही, एजेंसियों के बीच समन्वय भी बेहतर तरीके से स्थापित होगा। यह सही सूचना को सही समय और सही जगह पर पहुंचाने का एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रयास होगा। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि एनएसजी, भारत की विश्वस्तरीय और Zero-Error फोर्स है। एनएसजी की स्थापना 1984 में हुई थी। तब से अब तक, चाहे कोई भी घटना हो, दुनिया भर की आतंकी घटनाओं का निरंतर विश्लेषण करके NSG ने खुद को हर प्रकार की घटना से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रखा है। 

इन चार दशकों में लगातार बदलते परिदृश्य के साथ एनएसजी ने खुद को बदलने की प्रक्रिया जारी रखी है। एनएसजी के क्षेत्रीय हब अब अलग-अलग हिस्सों- मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, हैदराबाद, अहमदाबाद में काम करेंगे। साथ ही अब अयोध्या में भी एक नया हब बन रहा है। इससे एनएसजी को किसी भी जगह तक पहुंचने में लगने वाले समय में काफी कमी आएगी। ये सभी हब एक्टिव होने के बाद, खासकर अयोध्या का हब एक्टिव होने के बाद, देश के किसी भी कोने में आपात स्थिति में एनएसजी एक-डेढ़ घंटे में पहुंच सकेगी। गृह मंत्री ने कहा कि दिल्ली में स्पेशल एक्शन ग्रुप्स हैं, जो काउंटर टेररिज्म और एंटी-हाइजैकिंग ग्रुप के रूप में स्थापित किए गए हैं। 

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