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सुप्रिया सुले के समधी को भाजपा ने दिया MLC का टिकट, अरुण लखानी बोले- राजनीति और परिवार अलग-अलग
पीटीआई, नागपुर
Published by: Devesh Tripathi
Updated Mon, 01 Jun 2026 03:15 PM IST
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सार
महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव में भाजपा ने उद्योगपति अरुण लखानी को उम्मीदवार बनाया है। उनका परिवार जल्द ही राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) से रिश्तेदारी में जुड़ने वाला है। लखानी ने स्पष्ट किया कि राजनीतिक विचारधारा और पारिवारिक संबंधों को अलग-अलग नजरिए से देखा जाना चाहिए।
भाजपा ने अरुण लखानी को दिया एमएलसी का टिकट
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव के लिए चंद्रपुर-वर्धा-गढ़चिरौली सीट से भाजपा उम्मीदवार और उद्योगपति अरुण लखानी ने सोमवार को कहा कि राजनीति और पारिवारिक रिश्ते अलग-अलग विषय हैं। दरअसल, लखानी के बेटे सारंग लखानी का विवाह राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले की बेटी रेवती से 20 जून को होने वाला है।
भाजपा उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद एक मराठी समाचार चैनल से बातचीत में लखानी ने कहा, "सुप्रिया ताई ने मुझे बधाई संदेश भेजा। पवार परिवार का जिक्र स्वाभाविक है क्योंकि वह एक बड़ा राजनीतिक परिवार है और हमारा उनसे पारिवारिक संबंध है। मुझे इसमें कुछ भी असामान्य नहीं लगता।"
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'राजनीति और परिवार दोनों अलग' : अरुण लखानी
जब उनसे पूछा गया कि क्या उनकी राजनीतिक पहचान और पवार परिवार से रिश्तेदारी एक अलग तरह का समीकरण बनाती है, तो उन्होंने कहा कि राजनीति अलग है और दोनों पक्ष अपनी-अपनी विचारधाराओं के प्रति प्रतिबद्ध हैं। लखानी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस समेत भाजपा नेतृत्व ने उन पर जो भरोसा जताया है, उससे वह सम्मानित महसूस कर रहे हैं।
अपने चुनावी अवसरों पर लखानी ने कहा कि लोकतंत्र में मतदाता उसी उम्मीदवार को चुनते हैं, जिसके बारे में उन्हें विश्वास होता है कि वह उनके लिए काम करेगा और सरकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाएगा। उन्होंने स्वीकार किया कि चंद्रपुर-वर्धा-गढ़चिरौली निर्वाचन क्षेत्र काफी बड़ा और विविधतापूर्ण है। इसमें तीन जिले शामिल हैं, जिनकी अपनी अलग-अलग विशेषताएं हैं। इनमें गढ़चिरौली जैसा पिछड़ा जिला और गांधीवादी विचारधारा का गढ़ माने जाने वाला वर्धा भी शामिल है।
चुनाव जीतने का पूरा भरोसा : लखानी
हालांकि, उन्होंने इस धारणा को खारिज कर दिया कि यह क्षेत्र उनके लिए चुनौतीपूर्ण साबित होगा। लखानी ने कहा, "मैं लक्ष्मणराव मानकर ट्रस्ट के साथ काम करते हुए पहले भी इस क्षेत्र का व्यापक दौरा कर चुका हूं। यहां के लोगों से मेरा जुड़ाव है और ये तीनों जिले मेरे लिए नए नहीं हैं। भाजपा ने मुझे यह अवसर दिया है और मुझे चुनाव जीतने का पूरा भरोसा है।"
महाराष्ट्र बैडमिंटन संघ में प्रशासक की भूमिका निभा चुके लखानी ने कहा कि सार्वजनिक चुनाव लड़ना उनके लिए एक सीखने वाला अनुभव होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि चुनाव प्रचार स्वस्थ और खेल भावना के अनुरूप होगा। इस बीच, कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने लखानी की उम्मीदवारी को लेकर भाजपा पर निशाना साधा।
18 जून को होना है मतदान
उन्होंने कहा कि भाजपा जमीनी कार्यकर्ताओं की बजाय उद्योगपतियों को प्राथमिकता देती नजर आ रही है। वडेट्टीवार ने दावा किया, "कांग्रेस ने अपने उम्मीदवार तय कर लिए हैं और पूरी ताकत से चुनाव लड़ेगी। पर्याप्त संख्या बल होने के बावजूद भाजपा ने अंतिम समय तक उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की, जो पार्टी के भीतर आशंका को दर्शाता है।"
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चंद्रपुर सीट का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने किसान प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय सचिव और कई राज्यों के प्रभारी शैलेंद्र अग्रवाल को उम्मीदवार बनाया है। महाराष्ट्र में स्थानीय स्वशासन निकायों के निर्वाचन क्षेत्रों से विधान परिषद की 16 सीटों तथा नागपुर स्थानीय प्राधिकरण क्षेत्र की एक सीट पर उपचुनाव के लिए 18 जून को मतदान होगा। इन निर्वाचन क्षेत्रों में स्थानीय स्वशासन संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधि विधान परिषद सदस्यों के चुनाव के लिए निर्वाचन मंडल का हिस्सा होते हैं। ये क्षेत्र राज्य के कई जिलों में फैले हुए हैं।