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Delhi Riots: उमर खालिद-शरजील इमाम की लंबी हिरासत को लेकर कांग्रेस पर भड़के ओवैसी, UPA सरकार को ठहराया दोषी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धुले (महाराष्ट्र)
Published by: लव गौर
Updated Fri, 09 Jan 2026 10:36 AM IST
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सार
ओवैसी ने उमर खालिद और शरजील इमाम की लंबी हिरासत के लिए कांग्रेस को दोषी ठहराया है। उन्होंने दोनों लोगों को जमानत नहीं मिलने के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया है। धुले में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कांग्रेस को घेरा।
एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी
- फोटो : ANI Photos
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विस्तार
2020 दिल्ली दंगों के आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी। अब इस पूरे मामले पर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया है। महाराष्ट्र के धुले में ओवैसी ने उमर खालिद और शरजील इमाम की लंबी हिरासत के लिए कांग्रेस को दोषी ठहराया और यूएपीए में संशोधन करने में कांग्रेस के कथित भूमिका की जमकर आलोचना की।
कांग्रेस की यूपीए सरकार को घेरा
सभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने आरोप लगाया कि जब पी. चिदंबरम केंद्रीय गृह मंत्री थे, तब कांग्रेस ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) में संशोधन किया था। उन्होंने कहा कि इसी कारण से उमर खालिद और शरजील इमाम सहित तमाम विचाराधीन कैदियों को लंबे हिरासत तक जेल में रखा जा रहा है।
उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट द्वारा खारिज किए जाने पर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, "सुप्रीम कोर्ट ने दो विचाराधीन आरोपियों को जमानत नहीं दी, और सुप्रीम कोर्ट ने बताया कि उसने जमानत क्यों नहीं दी। यूपीए सरकार के दौरान, गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम में संशोधन किया गया था और उन्होंने आतंकवाद की परिभाषा शामिल की थी।
ओवैसी ने याद दिलाया अपना पुराना बयान
एआईएमआईएम प्रमुख ने कहा कि इससे पहले लोकसभा में दिए गए एक भाषण के दौरान उन्होंने यूएपीए के कुछ प्रावधानों पर सवाल उठाते हुए उन्हें 'व्यक्तिपरक' बताया था। उन्होंने कहा, "मैं 2007 या 2008 की बात कर रहा हूं। मैंने संसद में कहा था, 'कृपया मूल अधिनियम की धारा 15 (क) देखें, जिसमें कहा गया है कि 'किसी भी अन्य माध्यम से, चाहे वह किसी भी प्रकार का हो, जिससे कारण बने या बनने की संभावना हो।' यह एक व्यक्तिपरक मामला है, और कल अरुंधति रॉय को उनके लेखन के लिए गिरफ्तार किया जा सकता है। यह व्यक्तिपरक है, और इसे कौन परिभाषित करता है?' ओवैसी ने कहा कि खालिद और इमाम को जमानत देने से इनकार करने का आधार वही था जो उन्होंने अपने लोकसभा भाषण में बताया था।
ये भी पढ़ें: UP: दलित बेटी का अपहरण-मां की हत्या, अतुल प्रधान को गांव जाने से रोका, धरने पर बैठे विधायक, छावनी बना क्षेत्र
कांग्रेस नेताओं पर उठाए सवाल
उन्होंने कांग्रेस को घेरते हुए आगे कहा कि दुरुपयोग की बात मैंने पहले ही कही थी, आज साढ़े पांच साल से जेल में बंद दो युवकों को जमानत नहीं मिली। इस कानून को बनाने वाले कांग्रेस के ही लोग थे और गृह मंत्री चिदंबरम थे। क्या आजादी के बाद से कांग्रेस का कोई नेता कभी एक साल, दो साल या साढ़े पांच साल के लिए जेल गया है?' उन्होंने यूएपीए की धारा 43डी की ओर इशारा किया, जो बिना आरोप पत्र के 180 दिनों तक हिरासत में रखने की अनुमति देती है, और दावा किया कि अल्पसंख्यकों को नियमित रूप से अधिकतम अवधि के लिए हिरासत में रखा जाता है।
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सभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने आरोप लगाया कि जब पी. चिदंबरम केंद्रीय गृह मंत्री थे, तब कांग्रेस ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) में संशोधन किया था। उन्होंने कहा कि इसी कारण से उमर खालिद और शरजील इमाम सहित तमाम विचाराधीन कैदियों को लंबे हिरासत तक जेल में रखा जा रहा है।
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उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट द्वारा खारिज किए जाने पर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, "सुप्रीम कोर्ट ने दो विचाराधीन आरोपियों को जमानत नहीं दी, और सुप्रीम कोर्ट ने बताया कि उसने जमानत क्यों नहीं दी। यूपीए सरकार के दौरान, गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम में संशोधन किया गया था और उन्होंने आतंकवाद की परिभाषा शामिल की थी।
#WATCH | Dhule, Maharashtra | On the Supreme Court rejecting the bail plea of Delhi riots accused Umar Khalid and Sharjeel Imam, AIMIM chief Asaduddin Owaisi says, “Supreme Court did not grant bail to two undertrial accused, and the Supreme Court explained why it did not grant… pic.twitter.com/KeevzsaEt1
— ANI (@ANI) January 9, 2026
ओवैसी ने याद दिलाया अपना पुराना बयान
एआईएमआईएम प्रमुख ने कहा कि इससे पहले लोकसभा में दिए गए एक भाषण के दौरान उन्होंने यूएपीए के कुछ प्रावधानों पर सवाल उठाते हुए उन्हें 'व्यक्तिपरक' बताया था। उन्होंने कहा, "मैं 2007 या 2008 की बात कर रहा हूं। मैंने संसद में कहा था, 'कृपया मूल अधिनियम की धारा 15 (क) देखें, जिसमें कहा गया है कि 'किसी भी अन्य माध्यम से, चाहे वह किसी भी प्रकार का हो, जिससे कारण बने या बनने की संभावना हो।' यह एक व्यक्तिपरक मामला है, और कल अरुंधति रॉय को उनके लेखन के लिए गिरफ्तार किया जा सकता है। यह व्यक्तिपरक है, और इसे कौन परिभाषित करता है?' ओवैसी ने कहा कि खालिद और इमाम को जमानत देने से इनकार करने का आधार वही था जो उन्होंने अपने लोकसभा भाषण में बताया था।
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कांग्रेस नेताओं पर उठाए सवाल
उन्होंने कांग्रेस को घेरते हुए आगे कहा कि दुरुपयोग की बात मैंने पहले ही कही थी, आज साढ़े पांच साल से जेल में बंद दो युवकों को जमानत नहीं मिली। इस कानून को बनाने वाले कांग्रेस के ही लोग थे और गृह मंत्री चिदंबरम थे। क्या आजादी के बाद से कांग्रेस का कोई नेता कभी एक साल, दो साल या साढ़े पांच साल के लिए जेल गया है?' उन्होंने यूएपीए की धारा 43डी की ओर इशारा किया, जो बिना आरोप पत्र के 180 दिनों तक हिरासत में रखने की अनुमति देती है, और दावा किया कि अल्पसंख्यकों को नियमित रूप से अधिकतम अवधि के लिए हिरासत में रखा जाता है।
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