{"_id":"69e07a8b5ad59f6ccc006da3","slug":"austrian-chancellor-dr-christian-stocker-and-pm-narendra-modi-meet-to-hold-bilateral-talks-in-delhi-2026-04-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Austria-India Ties: पीएम मोदी ने ऑस्ट्रियाई चांसलर स्टॉकर से की मुलाकात, द्विपक्षीय सहयोग पर हुई बात","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Austria-India Ties: पीएम मोदी ने ऑस्ट्रियाई चांसलर स्टॉकर से की मुलाकात, द्विपक्षीय सहयोग पर हुई बात
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमन तिवारी
Updated Thu, 16 Apr 2026 11:29 AM IST
विज्ञापन
सार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रिया के चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर के बीच नई दिल्ली में एक अहम बैठक हुई। इस दौरान दोनों देशों के बीच कई समझौतों पर सहमति बनी। बैठक का मुख्य उद्देश्य भारत और ऑस्ट्रिया के बीच आपसी रिश्तों को और मजबूत करना है।
पीएम मोदी और ऑस्ट्रिया के चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर
- फोटो : ANI
विज्ञापन
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में ऑस्ट्रिया के चांसलर डॉ क्रिश्चियन स्टॉकर के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य भारत और ऑस्ट्रिया के बीच आपसी रिश्तों को और मजबूत करना है। बैठक के दौरान विदेश मंत्री जयशंकर और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल भी मौजूद थे। इस बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर हुए। इसके बाद दोनों देश ने संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी कर की।
प्रेस विज्ञप्ति में क्या बोले पीएम मोदी?
इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑस्ट्रिया के चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर के साथ संयुक्त प्रेस बयान में दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत करने की बात कही। प्रधानमंत्री ने कहा कि चांसलर का यह दौरा व्यापार और निवेश में नई ऊर्जा लाएगा। उन्होंने बताया कि भारत और ऑस्ट्रिया मिलकर टेक्नोलॉजी और सप्लाई चेन को मजबूत करेंगे, ताकि दुनिया को भरोसेमंद समाधान मिल सके।
उन्होंने कहा कि दोनों देश रक्षा, सेमीकंडक्टर, क्वांटम और बायोटेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाएंगे। साथ ही IIT दिल्ली और ऑस्ट्रिया की मॉन्टेना यूनिवर्सिटी के बीच हुआ समझौता इस सहयोग का अच्छा उदाहरण है। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि 2023 में हुए माइग्रेशन और मोबिलिटी समझौते के तहत अब नर्सिंग सेक्टर में भी लोगों के आने-जाने को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा रिसर्च और स्टार्टअप्स में भी दोनों देश साथ काम करेंगे। भारत और ऑस्ट्रिया ने मिलकर 'वर्किंग हॉलिडे प्रोग्राम' भी शुरू किया है, जिससे युवाओं को नए अवसर मिलेंगे।
वैश्विक तनाव पर कही ये बात
प्रधानमंत्री ने कहा कि मौजूदा वैश्विक तनाव के बीच दोनों देश इस बात पर सहमत हैं कि युद्ध से समस्याओं का समाधान नहीं हो सकता। चाहे यूक्रेन हो या पश्चिम एशिया, दोनों देश शांति और स्थिरता का समर्थन करते हैं।
ये भी पढ़ें: West Asia War: होर्मुज की नाकेबंदी पर ईरान की US को धमकी, कहा- पहली मिसाइल से ही अमेरिकी जहाजों को डुबो देंगे
चांसलर स्टॉकर की पहली भारत यात्रा
इससे पहले ऑस्ट्रिया के चांसलर स्टॉकर ने राजघाट जाकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी और उनकी समाधि पर पुष्प अर्पित किए। चांसलर स्टॉकर अपनी चार दिवसीय भारत यात्रा पर आए हैं। साल 2025 में पद संभालने के बाद यह उनकी पहली भारत और एशिया यात्रा है। बुधवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी चांसलर स्टॉकर से मुलाकात की थी। जयशंकर ने सोशल मीडिया पर खुशी जताते हुए कहा कि यह मुलाकात दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने भरोसा जताया कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ होने वाली चर्चा से सहयोग के नए रास्ते खुलेंगे।
चांसलर स्टॉकर जब बुधवार को भारत पहुंचे, तो हवाई अड्डे पर युवा मामले और खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने उनका स्वागत किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रिया के बीच बहुत ही दोस्ताना संबंध हैं। इस यात्रा से भारत-ऑस्ट्रिया साझेदारी को और अधिक गति मिलेगी। चांसलर के साथ एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है। इसमें कई बड़े कारोबारी, वरिष्ठ मंत्री और सरकारी अधिकारी शामिल हैं। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रिश्तों को बढ़ावा देना है। दोनों देश मिलकर ग्रीन टेक्नोलॉजी, डिजिटल इनोवेशन, रिन्यूएबल एनर्जी और हाई-एंड मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में काम करने की योजना बनाई है।
दोनों नेताओं के बीच वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी बातचीत होने की उम्मीद है। भारत और ऑस्ट्रिया के रिश्ते पुराने भरोसे और लोकतांत्रिक मूल्यों पर टिके हैं। यह यात्रा प्रधानमंत्री मोदी की 2024 की ऑस्ट्रिया यात्रा के दौरान बनी सहमति को आगे बढ़ाने का काम करेगी। इससे पहले दिसंबर 2023 में वियना में दोनों देशों के बीच विदेश कार्यालय स्तर की चर्चा हुई थी। उस समय सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज और ऑस्ट्रियाई सचिव निकोलस मार्शिक ने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की थी। उस बैठक ने ही इस उच्च स्तरीय यात्रा की नींव रखी थी।
अन्य वीडियो-
Trending Videos
प्रेस विज्ञप्ति में क्या बोले पीएम मोदी?
इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑस्ट्रिया के चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर के साथ संयुक्त प्रेस बयान में दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत करने की बात कही। प्रधानमंत्री ने कहा कि चांसलर का यह दौरा व्यापार और निवेश में नई ऊर्जा लाएगा। उन्होंने बताया कि भारत और ऑस्ट्रिया मिलकर टेक्नोलॉजी और सप्लाई चेन को मजबूत करेंगे, ताकि दुनिया को भरोसेमंद समाधान मिल सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि दोनों देश रक्षा, सेमीकंडक्टर, क्वांटम और बायोटेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाएंगे। साथ ही IIT दिल्ली और ऑस्ट्रिया की मॉन्टेना यूनिवर्सिटी के बीच हुआ समझौता इस सहयोग का अच्छा उदाहरण है। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि 2023 में हुए माइग्रेशन और मोबिलिटी समझौते के तहत अब नर्सिंग सेक्टर में भी लोगों के आने-जाने को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा रिसर्च और स्टार्टअप्स में भी दोनों देश साथ काम करेंगे। भारत और ऑस्ट्रिया ने मिलकर 'वर्किंग हॉलिडे प्रोग्राम' भी शुरू किया है, जिससे युवाओं को नए अवसर मिलेंगे।
वैश्विक तनाव पर कही ये बात
प्रधानमंत्री ने कहा कि मौजूदा वैश्विक तनाव के बीच दोनों देश इस बात पर सहमत हैं कि युद्ध से समस्याओं का समाधान नहीं हो सकता। चाहे यूक्रेन हो या पश्चिम एशिया, दोनों देश शांति और स्थिरता का समर्थन करते हैं।
ये भी पढ़ें: West Asia War: होर्मुज की नाकेबंदी पर ईरान की US को धमकी, कहा- पहली मिसाइल से ही अमेरिकी जहाजों को डुबो देंगे
चांसलर स्टॉकर की पहली भारत यात्रा
इससे पहले ऑस्ट्रिया के चांसलर स्टॉकर ने राजघाट जाकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी और उनकी समाधि पर पुष्प अर्पित किए। चांसलर स्टॉकर अपनी चार दिवसीय भारत यात्रा पर आए हैं। साल 2025 में पद संभालने के बाद यह उनकी पहली भारत और एशिया यात्रा है। बुधवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी चांसलर स्टॉकर से मुलाकात की थी। जयशंकर ने सोशल मीडिया पर खुशी जताते हुए कहा कि यह मुलाकात दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने भरोसा जताया कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ होने वाली चर्चा से सहयोग के नए रास्ते खुलेंगे।
चांसलर स्टॉकर जब बुधवार को भारत पहुंचे, तो हवाई अड्डे पर युवा मामले और खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने उनका स्वागत किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रिया के बीच बहुत ही दोस्ताना संबंध हैं। इस यात्रा से भारत-ऑस्ट्रिया साझेदारी को और अधिक गति मिलेगी। चांसलर के साथ एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है। इसमें कई बड़े कारोबारी, वरिष्ठ मंत्री और सरकारी अधिकारी शामिल हैं। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रिश्तों को बढ़ावा देना है। दोनों देश मिलकर ग्रीन टेक्नोलॉजी, डिजिटल इनोवेशन, रिन्यूएबल एनर्जी और हाई-एंड मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में काम करने की योजना बनाई है।
दोनों नेताओं के बीच वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी बातचीत होने की उम्मीद है। भारत और ऑस्ट्रिया के रिश्ते पुराने भरोसे और लोकतांत्रिक मूल्यों पर टिके हैं। यह यात्रा प्रधानमंत्री मोदी की 2024 की ऑस्ट्रिया यात्रा के दौरान बनी सहमति को आगे बढ़ाने का काम करेगी। इससे पहले दिसंबर 2023 में वियना में दोनों देशों के बीच विदेश कार्यालय स्तर की चर्चा हुई थी। उस समय सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज और ऑस्ट्रियाई सचिव निकोलस मार्शिक ने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की थी। उस बैठक ने ही इस उच्च स्तरीय यात्रा की नींव रखी थी।
अन्य वीडियो-
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

कमेंट
कमेंट X