बाबा सिद्दीकी हत्याकांड: गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई को मुंबई क्यों नहीं ला रही पुलिस? मामले में कोर्ट को दिया जवाब
बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में वांछित अनमोल बिश्नोई की हिरासत को लेकर मुंबई पुलिस ने अदालत में कहा कि उसे बचाने का कोई इरादा नहीं है। अनमोल अभी तिहाड़ जेल में बंद है और केंद्र के आदेश के कारण उसे दिल्ली से बाहर लाने में कानूनी अड़चन आ रही है। पुलिस उसकी शारीरिक हिरासत जरूरी बता रही है। आखिर अनमोल को मुंबई लाने का रास्ता कैसे निकलेगा? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...
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विस्तार
मुंबई में महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की हत्या के मामले में वांछित गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई की हिरासत को लेकर मुंबई पुलिस ने अदालत में अपना पक्ष रखा है। पुलिस ने बुधवार को विशेष अदालत से कहा कि अनमोल बिश्नोई को बचाने या मुकदमे से दूर रखने का उसका कोई इरादा नहीं है। उसकी हिरासत हासिल करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। अनमोल फिलहाल दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है। पुलिस का कहना है कि हत्या की पूरी साजिश की जांच के लिए उसकी शारीरिक हिरासत जरूरी है।
पुलिस को अदालत में क्यों देना पड़ा जवाब?
विशेष मकोका अदालत ने पांच अगस्त को जांच अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। अदालत ने सवाल किया था कि 10 जुलाई के आदेश के मुताबिक अनमोल बिश्नोई को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये पेश नहीं करने पर जांच अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए। इसके जवाब में पुलिस ने कहा कि किसी आरोपी की पहली बार गिरफ्तारी के लिए उसे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये पेश करना कानूनी रूप से संभव नहीं है। इसलिए अनमोल की शारीरिक हिरासत हासिल करना जरूरी है। पुलिस ने अदालत को बताया कि उसके आदेश की जानबूझकर अवहेलना नहीं की गई है।
अनमोल की हिरासत हासिल करने में क्या अड़चन है?
मुंबई अपराध शाखा ने अदालत को बताया कि अनमोल की हिरासत हासिल करने में कानूनी और क्षेत्राधिकार से जुड़ी अड़चन है। केंद्र सरकार ने पांच दिसंबर 2025 को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 303(1) और गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम की धारा 43-डी(3) के तहत आदेश जारी किया था। इसमें अनमोल को एक साल या उसका मुकदमा पूरा होने तक तिहाड़ जेल और दिल्ली के क्षेत्राधिकार से बाहर ले जाने पर रोक लगाई गई है। पुलिस के मुताबिक इसी आदेश के कारण दिल्ली की पटियाला हाउस अदालत ने उसका प्रोडक्शन वारंट खारिज कर दिया था।
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अनमोल बिश्नोई तिहाड़ जेल कैसे पहुंचा?
अनमोल जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का छोटा भाई है और कई चर्चित मामलों में वांछित रहा है। उसे अमेरिका से भारत भेजे जाने के बाद नवंबर 2025 में राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी आपराधिक गिरोहों और आतंकी संगठनों के बीच कथित गठजोड़ से जुड़े मामले में हुई थी। इसके बाद उसे दिल्ली की तिहाड़ जेल में रखा गया। बाबा सिद्दीकी हत्याकांड की जांच के दौरान पुलिस ने अनमोल को हत्या की कथित साजिश में मुख्य साजिशकर्ता बताया था।
सिद्दीकी के परिवार ने पुलिस पर क्या आरोप लगाया था?
बाबा सिद्दीकी के परिवार ने अदालत में आवेदन देकर अनमोल बिश्नोई की हिरासत हासिल करने के लिए अभियोजन पक्ष को उचित निर्देश देने की मांग की थी। परिवार की ओर से अधिवक्ता प्रदीप घरत और त्रिवणकुमार करनानी ने आवेदन दाखिल किया था। इसमें आरोप लगाया गया था कि पुलिस ‘बाहरी दबाव’ के कारण अनमोल को हिरासत में लेने से बच रही है। इसी के बाद अदालत ने 10 जुलाई को आदेश जारी किया था। अब पुलिस ने साफ किया है कि जांच एजेंसी की सभी कोशिशें आरोपी को पेश कराने और उसके खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए ही की गई हैं।
बाबा सिद्दीकी की हत्या कब और कैसे हुई थी?
66 वर्षीय बाबा सिद्दीकी की 12 अक्तूबर 2024 की रात मुंबई के बांद्रा पूर्व इलाके में उनके बेटे जीशान के कार्यालय के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। तीन हमलावरों ने उन पर गोलियां चलाई थीं। जांच के दौरान पुलिस ने कथित शूटरों और साजिशकर्ताओं समेत दो दर्जन से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया। अनमोल बिश्नोई को मामले में वांछित आरोपी बनाया गया। पुलिस अब उसकी शारीरिक हिरासत हासिल कर हत्या की कथित साजिश से जुड़े पहलुओं की विस्तार से जांच करना चाहती है।