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मणिपुर में सरकार का बड़ा फैसला: हथियार लौटाने के लिए दी 15 दिन की मोहलत; कार्रवाई पर क्या बोले मुख्यमंत्री?
Wed, 12 Aug 2026 11:36 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल
अमर उजाला ब्यूरो, इंफाल
अमर उजाला ब्यूरो, इंफाल
Published by: हिमांशु सिंह चंदेल
Updated Wed, 12 Aug 2026 11:36 PM IST
सार
Manipur Weapons Surrender: मणिपुर में सरकार ने अवैध और लूटे गए हथियार लौटाने के लिए 15 दिन की अंतिम मोहलत दी है। पांच फरवरी से 11 अगस्त तक 1,422 हथियार, 7,010 कारतूस और 1,137 विस्फोटक बरामद किए गए हैं। हिंसा के दौरान 6,020 से अधिक हथियार लूटे गए थे। अब सवाल है कि 15 दिन बाद सरकार की कार्रवाई कितनी सख्त होगी? क्या हथियारों की वापसी से मणिपुर में शांति मजबूत होगी? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...
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मणिपुर सरकार ने क्यों दिया 15 दिन का समय?
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
मणिपुर में तीन साल से जारी जातीय हिंसा के बीच राज्य सरकार ने अवैध और लूटे गए हथियार रखने वालों को उन्हें जमा करने के लिए 15 दिन की अंतिम मोहलत दी है। मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने साफ कहा है कि तय समय के बाद अवैध हथियारों के साथ पकड़े जाने वालों के खिलाफ संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी। सरकार का यह कदम हिंसा के बाद राज्य में शांति और सुरक्षा बहाल करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
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क्या है सरकार की 15 दिन की चेतावनी?
मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की है कि उनके पास मौजूद अवैध या लूटे गए हथियार संबंधित विधायक या जिला पुलिस के माध्यम से जमा करा दिए जाएं। उन्होंने कहा कि शुरुआती दौर में हिंसा की गंभीर स्थिति को देखते हुए हथियार रखने वालों के खिलाफ तुरंत मामले दर्ज करने से परहेज किया गया था। अब स्थिति में सुधार हुआ है और ऐसे हथियारों को अपने पास रखना, छिपाना या इस्तेमाल करना उचित नहीं है। 15 दिन की अवधि खत्म होने के बाद हथियार मिलने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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