Maharashtra: नासिक कुंभ के काम का झांसा, 305 करोड़ की ठगी! फर्जी दस्तावेज दिखाकर ऐंठे पैसे, दो आरोपी गिरफ्तार
नासिक कुंभ मेले के कामों के नाम पर फर्जी वर्क ऑर्डर जारी कर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले कथित गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, अब तक दो आरोपी गिरफ्तार हुए हैं। क्या फर्जी दस्तावेजों से लोगों को भरोसे में लिया गया? गिरोह में और कौन शामिल है? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...
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विस्तार
नासिक में आगामी कुंभ मेले के कामों के नाम पर कथित फर्जी वर्क ऑर्डर जारी कर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, अब तक दो आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जबकि अन्य आरोपी फरार हैं। सामने आए मामलों में फर्जी दस्तावेजों के जरिए करोड़ों रुपये की ठगी का आरोप है।
क्या कुंभ मेले के फर्जी वर्क ऑर्डर से हुई 305 करोड़ की ठगी?
पुलिस अधिकारी के मुताबिक, नासिक में कुंभ मेले से जुड़े काम दिलाने के नाम पर कथित तौर पर 305 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि गिरोह ने लोगों को करीब 591 करोड़ रुपये के कामों के फर्जी वर्क ऑर्डर दिखाए और इसके बदले उनसे 305 करोड़ रुपये लिए। इस मामले में अब तक तनय महाजन और नरेंद्र तोताराम महाजन को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।
क्या 2.17 करोड़ रुपये की ठगी के लिए दिखाया गया था फर्जी वर्क ऑर्डर?
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने एक व्यक्ति को कुंभ मेले के लिए हाउसकीपिंग का काम दिलाने का भरोसा दिया। इसके लिए उसे कुंभ मेले के कामों की सूची वाला फर्जी वर्क ऑर्डर दिखाया गया। इस दस्तावेज पर भारत सरकार का प्रतीक चिह्न और नासिक त्र्यंबकेश्वर कुंभ मेला प्राधिकरण का नाम इस्तेमाल किया गया था। आरोपियों ने दावा किया कि दस्तावेज पर प्राधिकरण के चेयरमैन के डिजिटल हस्ताक्षर हैं। इसके बाद शिकायतकर्ता से 2 करोड़ 17 लाख 50 हजार रुपये की ठगी की गई।
क्या फर्जी दस्तावेजों में सरकारी प्रतीक और प्राधिकरण का नाम इस्तेमाल हुआ?
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने लोगों का भरोसा जीतने के लिए ऐसे दस्तावेज तैयार किए, जिनमें भारत सरकार का प्रतीक चिह्न और नासिक त्र्यंबकेश्वर कुंभ मेला प्राधिकरण का नाम शामिल था। आरोपियों ने इन दस्तावेजों को डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित बताकर लोगों को भरोसा दिलाया कि उन्हें कुंभ मेले से जुड़े काम मिल सकते हैं।
क्या 591 करोड़ के फर्जी कामों के नाम पर 305 करोड़ रुपये लिए गए?
डीसीपी किरणकुमार चौहान ने बताया कि अब तक सामने आए शिकायतकर्ताओं को आरोपियों ने 591 करोड़ रुपये के कामों से जुड़े फर्जी दस्तावेज और वर्क ऑर्डर दिखाए थे। पुलिस के अनुसार, इन फर्जी कामों के बदले आरोपियों ने कुल 305 करोड़ रुपये लिए। पुलिस ने 11 अगस्त को नासिक रोड थाने में तीन मामले दर्ज किए हैं और इनमें दो आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है।
क्या कुंभ मेला मंत्री ने पुलिस को पहले ही किया था अलर्ट?
पुलिस के मुताबिक, कुंभ मेला मंत्री गिरीश महाजन ने नासिक पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक को कुंभ मेले के वर्क ऑर्डर दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी किए जाने की जानकारी दी थी। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और फर्जी दस्तावेजों तथा कथित वर्क ऑर्डर के जरिए चल रहे रैकेट का पता लगाया।
क्या कुंभ मेले के टेंडर सिर्फ ऑनलाइन जारी किए जाते हैं?
मंत्री गिरीश महाजन के अनुसार, कुंभ मेले के टेंडर की प्रक्रिया ऑनलाइन होती है। उन्होंने लोगों को ऐसे दावों से सावधान किया, जिनमें कहा जा रहा था कि कुछ टेंडर की प्रक्रिया ऑफलाइन भी चल रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वर्क ऑर्डर अधिकारियों के नाम पर जारी नहीं किए जाते और उनमें अधिकृत QR कोड नहीं होते।
क्या अब तक ठगी के 12 मामले सामने आ चुके हैं?
मंत्री के मुताबिक, कुंभ मेले के कामों के नाम पर ठगी से जुड़े 12 मामले सामने आए हैं। इसके बाद नासिक पुलिस ने तीन मामले दर्ज किए हैं। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है और सामने आए फर्जी वर्क ऑर्डर से जुड़े मामलों की जांच की जा रही है।