Hindi Row: 'भारत में मैं हिंदू हूं, मराठी..., भाषा विवाद के बीच बाल ठाकरे का पुराना वीडियो हो रहा वायरल
महाराष्ट्र में मराठी बनाम हिंदी भाषा को लेकर छिड़ा विवाद अब राज्य की सीमाओं को लांघकर देशभर में राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया है। हालांकि इस बीच शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे कहते हैं कि मैं महाराष्ट्र में मराठी हो सकता हूं, लेकिन भारत में मैं हिंदू हूं। उन्होंने भाषाई पहचान से ऊपर उठकर हिंदुत्व को प्राथमिकता देने की बात कही थी।
विस्तार
महाराष्ट्र में भाषा को लेकर शुरू हुआ विवाद देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। विवाद इतना बढ़ गया है कि इसका असर महाराष्ट्र से लेकर देशभर की सियासत पर भी देखने को मिल रहा है। जहां एक तरफ राजनातिक पार्टियां इस भाषा विवाद पर अपना अपना पक्ष सामने रख रही हैं। वहीं दूसरी ओर शिवसेना के संस्थापक और दिवंगत नेता बाल ठाकरे का एक पुराना वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में बाल ठाकरे कहते हैं कि मैं महाराष्ट्र में मराठी हो सकता हूं, लेकिन भारत में मैं हिंदू हूं। उन्होंने यह भी कहा कि हमें भाषाई पहचान से ऊपर उठकर हिंदुत्व को अपनाना चाहिए। इस बयान को मौजूदा भाषा विवाद के बीच काफी अहम माना जा रहा है।
बता दें कि यह वीडियो शनिवार रात सोशल मीडिया एक्स पर तब पोस्ट किया गया जब 20 साल बाद ठाकरे बंधु उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे एक साथ मुंबई में विजय रैली में नजर आए। यह रैली महाराष्ट्र सरकार की तरफ से हिंदी को स्कूलों में अनिवार्य बनाने के फैसले को वापस लेने के बाद आयोजित की गई थी। इस रैली में दोनों ठाकरे बंधुओं ने भाषा विवाद को लेकर फडणवीस सरकार पर जमकर निशाना साधा था। साथ ही कई सारे आरोप भी लगाए थे।
"I may be Marathi in Maharashtra but I am Hindu in Bharat. We must embrace Hindutva over linguistic identities"
— Kashmiri Hindu (@BattaKashmiri) July 5, 2025
Balasaheb Thackeray
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पहले समझिए क्या है पूरा विवाद
ये पूरा सिलसिला बीते महीने अप्रैल का है, जब महाराष्ट्र सरकार ने आदेश दिया था कि पहली से पांचवीं कक्षा तक हिंदी पढ़ाना अनिवार्य होगा। राज्य सरकार के इस फैसले के बाद प्र-मराठी संगठनों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। साथ ही सरकार पर इस नीति के तहत जबरदस्ती हिंदी थोपने का आरोप लगाया। हालांकि बाद में सरकार ने आदेश में बदलाव करते हुए कहा कि हिंदी तीसरी भाषा होगी, लेकिन छात्र तभी दूसरी भाषा चुन सकते हैं जब 20 से ज्यादा बच्चे एक साथ आवेदन दें, जो शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, असंभव है।
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अब समझिए लोगों में आक्रोश के कारण को
सोशल मीडिया के इस युग में आय दिन कई ऐसी वीडियो वायरल होती रही हैं, जिसमें ये साफ तौर पर देखा गया है कि मुंबई में कई लोगों ने मराठी ना बोलने के चलते अन्य लोगों के साथ मारपीट की है। हाल ही में राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के कार्यकर्ताओं ने मुंबई और पुणे में गैर-मराठी लोगों पर हमले किए। मुंबई में एक दुकानदार को मारा, क्योंकि उसने मराठी नहीं बोली और राज ठाकरे की आलोचना की।
इसी तरह का एक मामला पुणे में भी हुआ, जहां एक व्यक्ति को पीटा गया। उद्धव ठाकरे की पार्टी के एक सांसद के दफ्तर से भी एक वीडियो सामने आया जिसमें मोबाइल स्टोर के कर्मचारियों को थप्पड़ मारे जा रहे हैं। इन घटनाओं को लेकर लोगों में आक्रोश देखने को मिला, क्योंकि मनसे पार्टी के जिन लोगों ने हमला किया, उन्हें सिर्फ पूछताछ के बाद जमानत पर छोड़ दिया गया।
रैली में उद्धव ठाकरे ने कहा कि वे और राज ठाकरे अब मिलकर बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी ) चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि हम भाजपा को महाराष्ट्र पर हिंदी नहीं थोपने देंगे। हम मराठी जनता को एकजुट करेंगे। वहीं राज ठाकरे ने ज्यादा तीखे शब्दों में कहा कि महाराष्ट्र को छूकर तो देखो... उन्होंने केंद्र की नई शिक्षा नीति पर भी सवाल उठाए। साथ ही और कहा कि यह मुंबई को महाराष्ट्र से अलग करने की तैयारी है।
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महाराष्ट्र सरकार के लिए चुनौती कैसे, ये भी समझिए
ध्यान देने वाली बात ये है कि महाराष्ट्र में चल रहा भाषा विवाद फडणवीस सरकार के लिए भी एक बड़ी चुनौती के तौर पर है। कारण है कि महाराष्ट्र सरकार एक तरफ केंद्र की हिंदी नीति को लागू करना चाहती है, वहीं दूसरी तरफ मराठी वोटरों को नाराज नहीं कर सकती, खासकर जब बीएमसी का चुनाव नजदीक हैं। यही एक बड़ा कारण है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हमलों की निंदा की और सख्त कार्रवाई की बात कही, लेकिन साथ में यह भी कहा कि मराठी भाषा का सम्मान होना चाहिए।
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